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शहर चिड़ियाघर, जान लेने लगे जानवर
अमर उजाला ब्यूरो/कानपुर
Updated Sat, 16 Jan 2016 02:01 AM IST
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कटखने बंदरों के अलावा आवारा और जंगली जानवर लोगों के लिए खतरा बनते जा रहे
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हैं। शहर में बंदरों और कुत्तों ने आतंक मचा रखा है तो ग्रामीण क्षेत्र
में सियार लकड़बग्घा दहशत फैलाए हैं।
रनियां में कुत्ते के काटने से अधेड़ की मौत हो गई। जबकि फतेहपुर की महिला सियारों के हमले के बाद हैलट में जिंदगी और मौत के बीच झूल रही है। इतना सब होने के बावजूद वन विभाग आंखें मूंदे बैठा है।
सियारों के काटने से महिला की हालत गंभीर
कानपुर। फतेहपुर के सिमाैर गांव में डेढ़ महीने पहले सियारों के हमले से घायल हुई महिला सुरजी (50) को गंभीर हालत में संक्रामक रोग अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
महिला के पति रघुराज ने बताया कि सुरजी समेत गांव के पांच लोगों को तकरीबन डेढ़ महीने पहले सियारों के झुंड ने काट खाया था। सुरजी के हाथ-पैर के साथ ही सिर पर भी काटा था।
अगले दिन गाजीपुर सीएचसी पर एक कर्मचारी के माध्यम से डॉक्टर ने 150 रुपये लेकर एंटी रैबीज के इंजेक्शन लगाए थे। इसके बाद चार और इंजेक्शन लगे। पिछले सप्ताह सुरजी की हालत बिगड़ी तो परिजन जिला अस्पताल ले गए।
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वहां से डॉक्टरों ने उसे हैलट रेफर कर दिया। हैलट के डॉक्टरों ने उसे आईडीएच भेज दिया। परिजनों का कहना है कि गांव में पांच अन्य को भी सियारों ने काटा था जो ठीक हैं।
कुत्ते के काटने से अधेड़ की मौत
रनियां (कानपुर देहात)। चौकी क्षेत्र के खानवचंद्रपुर गांव में आवारा कुत्ते के काटने से घायल अधेड़ की गुरुवार रात मौत हो गई। चौकी इंचार्ज दिनेश कुमार ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
एक माह पहले गांव में एक आवारा कुत्ते ने खानवचंद्रपुर गांव निवासी रामकेश (55) पुत्र शिवराम पाल को खेत जाते वक्त काट लिया था। घायल रामकेश का इलाज गांव के डाॅक्टर से चल रहा था।
गुरुवार को अचानक उसकी हालत बिगड़ गई। परिजन अस्पताल ले जाने की तैयारी कर ही रहे थे कि देर रात रामकेश की मौत हो गई। भाई अरविंद कुमार की तहरीर पर रनियां पुलिस ने मामला दर्ज कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
बंदर ने महिला को दौड़ाया, बेटे को काटा
कानपुर(ब्यूरो)। चकेरी के गांधी ग्राम (विनोबा नगर) में छत पर कपड़े सुखाने गई सुमन (43) को बंदरों ने दौड़ा लिया। वह बंदर से बचने के लिए सीढ़ी से उतर रही थीं कि उनका पैर फिसल गया। उधर बाजार से खरीदारी करके घर लौटे सुमन के बेटे तनु (15) को किचन में बैठे बंदर ने काट लिया।
बर्रा में घर में घुसा सफेद उल्लू
कानपुर साउथ। बर्रा में शुक्रवार को एक सफेद उल्लू घर में घुस गया। उसे देखने के लिए दिन भर भीड़ लगी रही। देर शाम वन विभाग की टीम उसे पकड़कर ले गई। बर्रा पांच निवासी लोडर चालक अनिल पांडे का दोमंजिला मकान है।
अनिल ने बताया कि गुरुवार देर रात उल्लू दूसरी मंजिल में बने कमरे में घुस आया था, जिसे देखकर उन्होंने कमरा बंद दिया। शुक्रवार सुबह उसे देखने वालों की भीड़ लग गई। सफेद उल्लू देखकर सभी चकित थे। वन रक्षक रामकुमार ने बताया कि सफेद उल्लू दुर्लभ प्रजाति का है। अब यह चिड़ियाघर की शान बढ़ाएगा।
भीतरगांव में जाल में फंसा लकड़बग्घा
भीतरगांव। देवपुरा गांव के पास शिकारियों के फंदे में शुक्रवार को एक लकड़बग्घा फंस गया। गुर्राहट सुन गांव से सटे फतेहपुर क्षेत्र और कानपुर क्षेत्र के लोगों ने पहुंचकर उसे काबू करने की कोशिश की। वन विभाग के कर्मचारियों ने पहुंचकर उसे काबू किया और जंगल में छोड़ दिया।
फतेहपुर के बकेवर थाना और घाटमपुर की पुलिस चौकी साढ़ क्षेत्र की सीमा पर स्थित खारजा नहर के जंगली इलाके में शिकारियों ने वन्य जीवों का शिकार करने के लिए रात में जाल लगाया था। जाल में एक लकड़बग्घा फंस गया। लकड़बग्घे के फंसने की जानकारी होने पर आसपास के कई गांवों के लोग वहां पहुंच गए।
फतेहपुर के डीएफओ मानिक चंद्र और घाटमपुर से वन दरोगा चंद्रशेखर और कृष्णकुमार गुप्ता भी पहुंचे। वन विभाग की टीम के पास न तो वन्यजीव को बेहोश करने का साधन था न ही पिंजड़ा। उन्होंने किसी तरह डंडा और बोरे के सहारे जाल में फंसे लकड़बग्घे को मुक्त कराया। फिर पास के जंगल में छोड़ दिया।
सीओ कृष्णकुमार ने बताया कि वन्यजीवों का शिकार करने वालों पर पुलिस की कड़ी नजर है। उधर, लकड़बग्घे को छोड़ने जाने पर ग्रामीणों में रोष है।
गौरी अरंज गांव निवासी जयराम पाल, केवलसिंह, धर्मेंद्र पाल, अशोक यादव और केशरी कुरील का कहना था कि लकड़बग्घा हिंसक जीव है। उसे खुला छोड़ दिए जाने से खेतों में काम करने आने वाले ग्रामीणों को खतरा है।
रनियां में कुत्ते के काटने से अधेड़ की मौत हो गई। जबकि फतेहपुर की महिला सियारों के हमले के बाद हैलट में जिंदगी और मौत के बीच झूल रही है। इतना सब होने के बावजूद वन विभाग आंखें मूंदे बैठा है।
सियारों के काटने से महिला की हालत गंभीर
कानपुर। फतेहपुर के सिमाैर गांव में डेढ़ महीने पहले सियारों के हमले से घायल हुई महिला सुरजी (50) को गंभीर हालत में संक्रामक रोग अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
महिला के पति रघुराज ने बताया कि सुरजी समेत गांव के पांच लोगों को तकरीबन डेढ़ महीने पहले सियारों के झुंड ने काट खाया था। सुरजी के हाथ-पैर के साथ ही सिर पर भी काटा था।
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अगले दिन गाजीपुर सीएचसी पर एक कर्मचारी के माध्यम से डॉक्टर ने 150 रुपये लेकर एंटी रैबीज के इंजेक्शन लगाए थे। इसके बाद चार और इंजेक्शन लगे। पिछले सप्ताह सुरजी की हालत बिगड़ी तो परिजन जिला अस्पताल ले गए।
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वहां से डॉक्टरों ने उसे हैलट रेफर कर दिया। हैलट के डॉक्टरों ने उसे आईडीएच भेज दिया। परिजनों का कहना है कि गांव में पांच अन्य को भी सियारों ने काटा था जो ठीक हैं।
कुत्ते के काटने से अधेड़ की मौत
रनियां (कानपुर देहात)। चौकी क्षेत्र के खानवचंद्रपुर गांव में आवारा कुत्ते के काटने से घायल अधेड़ की गुरुवार रात मौत हो गई। चौकी इंचार्ज दिनेश कुमार ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
एक माह पहले गांव में एक आवारा कुत्ते ने खानवचंद्रपुर गांव निवासी रामकेश (55) पुत्र शिवराम पाल को खेत जाते वक्त काट लिया था। घायल रामकेश का इलाज गांव के डाॅक्टर से चल रहा था।
गुरुवार को अचानक उसकी हालत बिगड़ गई। परिजन अस्पताल ले जाने की तैयारी कर ही रहे थे कि देर रात रामकेश की मौत हो गई। भाई अरविंद कुमार की तहरीर पर रनियां पुलिस ने मामला दर्ज कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
बंदर ने महिला को दौड़ाया, बेटे को काटा
कानपुर(ब्यूरो)। चकेरी के गांधी ग्राम (विनोबा नगर) में छत पर कपड़े सुखाने गई सुमन (43) को बंदरों ने दौड़ा लिया। वह बंदर से बचने के लिए सीढ़ी से उतर रही थीं कि उनका पैर फिसल गया। उधर बाजार से खरीदारी करके घर लौटे सुमन के बेटे तनु (15) को किचन में बैठे बंदर ने काट लिया।
बर्रा में घर में घुसा सफेद उल्लू
कानपुर साउथ। बर्रा में शुक्रवार को एक सफेद उल्लू घर में घुस गया। उसे देखने के लिए दिन भर भीड़ लगी रही। देर शाम वन विभाग की टीम उसे पकड़कर ले गई। बर्रा पांच निवासी लोडर चालक अनिल पांडे का दोमंजिला मकान है।
अनिल ने बताया कि गुरुवार देर रात उल्लू दूसरी मंजिल में बने कमरे में घुस आया था, जिसे देखकर उन्होंने कमरा बंद दिया। शुक्रवार सुबह उसे देखने वालों की भीड़ लग गई। सफेद उल्लू देखकर सभी चकित थे। वन रक्षक रामकुमार ने बताया कि सफेद उल्लू दुर्लभ प्रजाति का है। अब यह चिड़ियाघर की शान बढ़ाएगा।
भीतरगांव में जाल में फंसा लकड़बग्घा
भीतरगांव। देवपुरा गांव के पास शिकारियों के फंदे में शुक्रवार को एक लकड़बग्घा फंस गया। गुर्राहट सुन गांव से सटे फतेहपुर क्षेत्र और कानपुर क्षेत्र के लोगों ने पहुंचकर उसे काबू करने की कोशिश की। वन विभाग के कर्मचारियों ने पहुंचकर उसे काबू किया और जंगल में छोड़ दिया।
फतेहपुर के बकेवर थाना और घाटमपुर की पुलिस चौकी साढ़ क्षेत्र की सीमा पर स्थित खारजा नहर के जंगली इलाके में शिकारियों ने वन्य जीवों का शिकार करने के लिए रात में जाल लगाया था। जाल में एक लकड़बग्घा फंस गया। लकड़बग्घे के फंसने की जानकारी होने पर आसपास के कई गांवों के लोग वहां पहुंच गए।
फतेहपुर के डीएफओ मानिक चंद्र और घाटमपुर से वन दरोगा चंद्रशेखर और कृष्णकुमार गुप्ता भी पहुंचे। वन विभाग की टीम के पास न तो वन्यजीव को बेहोश करने का साधन था न ही पिंजड़ा। उन्होंने किसी तरह डंडा और बोरे के सहारे जाल में फंसे लकड़बग्घे को मुक्त कराया। फिर पास के जंगल में छोड़ दिया।
सीओ कृष्णकुमार ने बताया कि वन्यजीवों का शिकार करने वालों पर पुलिस की कड़ी नजर है। उधर, लकड़बग्घे को छोड़ने जाने पर ग्रामीणों में रोष है।
गौरी अरंज गांव निवासी जयराम पाल, केवलसिंह, धर्मेंद्र पाल, अशोक यादव और केशरी कुरील का कहना था कि लकड़बग्घा हिंसक जीव है। उसे खुला छोड़ दिए जाने से खेतों में काम करने आने वाले ग्रामीणों को खतरा है।