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शहर की बेटियों ने फिर बाजी मारी
अमर उजाला ब्यूरो, कानपुर
Updated Tue, 26 May 2015 04:00 AM IST
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में लड़कियों ने बाजी मारी है। लड़कों के मुकाबले आठ फीसदी से ज्यादा
लड़कियां पास हुई हैं। टॉप-10 की सूची में भी लड़कियों का जलवा है।
इंस और कॉमर्स की मेरिट लिस्ट में भी शहर के मेधावियों का दबदबा है। सर पदमपत सिंहानिया स्कूल कमला नगर के छात्र वैभव जिंदल ने 98.2 फीसदी मार्क्स हासिल करके कॉमर्स में सिटी टॉप किया है। 96.8 फीसदी मार्क्स हासिल करके डीपीएस कल्याणपुर की ऋषिता अग्रवाल सिटी की सेकेंड टॉपर हैं।
साइंस में डीपीएस कल्याणपुरी के ऋतिक मदान (97.8 फीसदी) और डीपीएस आजाद नगर की आयुषी अग्रवाल (97.8 फीसदी) संयुक्त रूप से सिटी टॉपर बने हैं। इन स्टूडेंट को बराबर मार्क्स मिले हैं। साइंस के टॉपर यूपी की मेरिट लिस्ट में भी शामिल हैं।
98.2 प्रतिशत अंकों (आर्ट्स) के साथ यूपी गर्ल कैटेगरी में टॉप करने वाली डीपीएस कल्याणपुर की छात्रा हर्षिता रॉय कहती हैं कि टेंथ के खराब रिजल्ट ने उन्हें और मेहनत करने के लिए प्रेरित किया। जब भी उनका मन पढ़ाई से भटकता वो टेंथ में मिले अंकों (8.8 सीजीपीए) को याद कर लेती थीं।
इसके बाद और ज्यादा एनर्जी के साथ पढ़ाई में लग जाती थीं। हर्षिता इस सफलता का श्रेय अपनी कड़ी मेहनत को देती हैं। हर्षिता के पिता डॉ. कमल रॉय कन्नौज में एसीएमओ और माता दीपा गृहिणी हैं। हर्षिता दिल्ली यूनिवर्सिटी के एलएसआर कॉलेज से हिस्ट्री ऑनर्स करना चाहती हैं। नॉवेल पढ़ने के साथ-साथ हर्षिता को स्केचिंग का भी शौक है। हॉलीवुड मूवी पसंद हैं। हर्षिता कहती हैं कि स्टूडेंट्स अपने लक्ष्य पर केंद्रित रहें।
सफलता हासिल करने के लिए क्वांटिटी नहीं क्वालिटी टाइम की जरूरत है। यह कहना है साइंस वर्ग में 97.8 फीसदी अंकों के साथ सिटी टॉप करने वाले डीपीएस कल्याणपुर के छात्र रितिक मदान का। रितिक कहते हैं कि किताबें लेकर घंटों जूझने से अच्छा है ब्रेक लेकर पढ़ाई करें।
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आईआईटी मुंबई से बीटेक करने की इच्छा रखने वाले रितिक ने जेईई मेंस में 260 नंबर पाए हैं। रितिक कहते हैं कि जेईई एडवांस का पैटर्न बदलने की वजह से एडवांस टेस्ट के बारे में थोड़ा कंफ्यूज हैं। रितिक के पिता आर्डनेंस फैक्टरी में ज्वाइंट जीएम हैं। मां रेखा मदान हाउस वाइफ हैं। रितिक सोशल मीडिया को पढ़ाई में बाधा मानते हैं। फुटबाल खेलने के शौकीन रितिक का मानना है कि साइंस वही स्टूडेंट्स लें, जिन्हें बेसिक की जानकारी हो।
‘मेरे खानदान में सभी डॉक्टर हैं, उसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए मैं भी डॉक्टर बनूंगी।’ यह मजबूत इरादा है साइंस वर्ग की सिटी टॉपर आयुषी अग्रवाल का। डीपीएस आजाद नगर की छात्रा आयुषी ने भी 97.8 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। आर्थोपेडिक सर्जन डॉ. अनूप अग्रवाल और एनेस्थिटिस्ट डॉ. आशा अग्रवाल की बेटी आयुषी कहती हैं कि उनके चाचा, बुआ, मामा, मौसी सभी डॉक्टर हैं।
उनकी भी इच्छा डॉक्टर बनने की ही है। आयुषी ने सोमवार को सीपीएमटी का पेपर भी दिया है। आयुषी को फिजिक्स काफी टफ लगा, जबकि बाकी पेपर को ठीक बताया। कहा, सोशल मीडिया स्ट्रेस कम करने का साधन है, लेकिन उससे कहीं ज्यादा नुकसान भी करता है। आयुषी कहती हैं कि उनका न तो फेसबुक एकाउंट हैं और न ही वह व्हाट्सएप पर हैं।
कॉमर्स के सिटी टॉपर सर पदमपत सिंहानिया स्कूल के स्टूडेंट वैभव जिंदल बीकॉम ऑनर्स की पढ़ाई करेंगे। इसके लिए दिल्ली यूनिवर्सिटी का आवेदन फार्म भरने वाले हैं। वैभव सिविल सर्विसेज में जाना चाहते हैं, जिसकी तैयारी कर रहे हैं। हाईस्कूल में 10 सीजीपीए मार्क्स हासिल करने वाले वैभव के चाचा विशाल जिंदल भी सर पदमपत सिंहानिया स्कूल के टॉपर थे।
इससे पहले परिवार के एक और सदस्य ने कॉलेज टॉप किया था। वैभव ने कहा कि क्लास की पढ़ाई सबसे ज्यादा फायदेमंद होती है। फिर भी जो पढ़ाई करें, उसका रिवीजन घर जाकर जरूर करें। कठिन मेहनत, लगन का कोई विकल्प नहीं है। कॉमर्स का क्षेत्र बड़ा है।
भविष्य संवारने की अपार संभावनाएं हैं।
इंस और कॉमर्स की मेरिट लिस्ट में भी शहर के मेधावियों का दबदबा है। सर पदमपत सिंहानिया स्कूल कमला नगर के छात्र वैभव जिंदल ने 98.2 फीसदी मार्क्स हासिल करके कॉमर्स में सिटी टॉप किया है। 96.8 फीसदी मार्क्स हासिल करके डीपीएस कल्याणपुर की ऋषिता अग्रवाल सिटी की सेकेंड टॉपर हैं।
साइंस में डीपीएस कल्याणपुरी के ऋतिक मदान (97.8 फीसदी) और डीपीएस आजाद नगर की आयुषी अग्रवाल (97.8 फीसदी) संयुक्त रूप से सिटी टॉपर बने हैं। इन स्टूडेंट को बराबर मार्क्स मिले हैं। साइंस के टॉपर यूपी की मेरिट लिस्ट में भी शामिल हैं।
98.2 प्रतिशत अंकों (आर्ट्स) के साथ यूपी गर्ल कैटेगरी में टॉप करने वाली डीपीएस कल्याणपुर की छात्रा हर्षिता रॉय कहती हैं कि टेंथ के खराब रिजल्ट ने उन्हें और मेहनत करने के लिए प्रेरित किया। जब भी उनका मन पढ़ाई से भटकता वो टेंथ में मिले अंकों (8.8 सीजीपीए) को याद कर लेती थीं।
इसके बाद और ज्यादा एनर्जी के साथ पढ़ाई में लग जाती थीं। हर्षिता इस सफलता का श्रेय अपनी कड़ी मेहनत को देती हैं। हर्षिता के पिता डॉ. कमल रॉय कन्नौज में एसीएमओ और माता दीपा गृहिणी हैं। हर्षिता दिल्ली यूनिवर्सिटी के एलएसआर कॉलेज से हिस्ट्री ऑनर्स करना चाहती हैं। नॉवेल पढ़ने के साथ-साथ हर्षिता को स्केचिंग का भी शौक है। हॉलीवुड मूवी पसंद हैं। हर्षिता कहती हैं कि स्टूडेंट्स अपने लक्ष्य पर केंद्रित रहें।
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सफलता हासिल करने के लिए क्वांटिटी नहीं क्वालिटी टाइम की जरूरत है। यह कहना है साइंस वर्ग में 97.8 फीसदी अंकों के साथ सिटी टॉप करने वाले डीपीएस कल्याणपुर के छात्र रितिक मदान का। रितिक कहते हैं कि किताबें लेकर घंटों जूझने से अच्छा है ब्रेक लेकर पढ़ाई करें।
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आईआईटी मुंबई से बीटेक करने की इच्छा रखने वाले रितिक ने जेईई मेंस में 260 नंबर पाए हैं। रितिक कहते हैं कि जेईई एडवांस का पैटर्न बदलने की वजह से एडवांस टेस्ट के बारे में थोड़ा कंफ्यूज हैं। रितिक के पिता आर्डनेंस फैक्टरी में ज्वाइंट जीएम हैं। मां रेखा मदान हाउस वाइफ हैं। रितिक सोशल मीडिया को पढ़ाई में बाधा मानते हैं। फुटबाल खेलने के शौकीन रितिक का मानना है कि साइंस वही स्टूडेंट्स लें, जिन्हें बेसिक की जानकारी हो।
‘मेरे खानदान में सभी डॉक्टर हैं, उसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए मैं भी डॉक्टर बनूंगी।’ यह मजबूत इरादा है साइंस वर्ग की सिटी टॉपर आयुषी अग्रवाल का। डीपीएस आजाद नगर की छात्रा आयुषी ने भी 97.8 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। आर्थोपेडिक सर्जन डॉ. अनूप अग्रवाल और एनेस्थिटिस्ट डॉ. आशा अग्रवाल की बेटी आयुषी कहती हैं कि उनके चाचा, बुआ, मामा, मौसी सभी डॉक्टर हैं।
उनकी भी इच्छा डॉक्टर बनने की ही है। आयुषी ने सोमवार को सीपीएमटी का पेपर भी दिया है। आयुषी को फिजिक्स काफी टफ लगा, जबकि बाकी पेपर को ठीक बताया। कहा, सोशल मीडिया स्ट्रेस कम करने का साधन है, लेकिन उससे कहीं ज्यादा नुकसान भी करता है। आयुषी कहती हैं कि उनका न तो फेसबुक एकाउंट हैं और न ही वह व्हाट्सएप पर हैं।
कॉमर्स के सिटी टॉपर सर पदमपत सिंहानिया स्कूल के स्टूडेंट वैभव जिंदल बीकॉम ऑनर्स की पढ़ाई करेंगे। इसके लिए दिल्ली यूनिवर्सिटी का आवेदन फार्म भरने वाले हैं। वैभव सिविल सर्विसेज में जाना चाहते हैं, जिसकी तैयारी कर रहे हैं। हाईस्कूल में 10 सीजीपीए मार्क्स हासिल करने वाले वैभव के चाचा विशाल जिंदल भी सर पदमपत सिंहानिया स्कूल के टॉपर थे।
इससे पहले परिवार के एक और सदस्य ने कॉलेज टॉप किया था। वैभव ने कहा कि क्लास की पढ़ाई सबसे ज्यादा फायदेमंद होती है। फिर भी जो पढ़ाई करें, उसका रिवीजन घर जाकर जरूर करें। कठिन मेहनत, लगन का कोई विकल्प नहीं है। कॉमर्स का क्षेत्र बड़ा है।
भविष्य संवारने की अपार संभावनाएं हैं।