कानपुर: 27 साल चला मुकदमा...एक साल कैद, सजा सुनने से पहले ही कोर्ट से फरार हो गया था अभियुक्त, पढ़ें पूरा मामला
Kanpur News: मामले में चार्जशीट कोर्ट भेजी गई और वर्ष 1999 में आरोप भी तय हो गए। इसके बाद चली न्यायिक कार्रवाई के बाद 18 सितंबर 2023 को कोर्ट ने गणेश को दोषी करार दिया और लंच बाद फैसला सुनाने की बात कही।
विस्तार
कानपुर के महाराजपुर में 1996 में हुई दुर्घटना में मौत के मामले में 27 साल बाद कोर्ट का फैसला आ सका। महानगर मजिस्ट्रेट चतुर्थ ईशा अग्रवाल ने दोषी टैंकर चालक को एक साल कैद और तीन हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। दोषी करार दिए जाने के बाद अभियुक्त फरार हो गया था, जिस पर कोर्ट ने गैर जमानती वारंट जारी किया था।
इसके बाद में अभियुक्त ने कोर्ट में समर्पण किया और उसे सजा सुनाई गई। महाराजपुर निवासी सत्यनारायण नौ मई 1996 को खेत के किनारे लघुशंका के लिए बैठे थे। तभी लापरवाही से टैंकर चलाते हुए चालक ने उन्हें कुचल दियाख, जिससे उनकी मौत हो गई थी। टैंकर चालक बांदा कोतवाली निवासी गणेश को पकड़कर पुलिस के हवाले किया गया था।
मामले में चार्जशीट कोर्ट भेजी गई और वर्ष 1999 में आरोप भी तय हो गए। इसके बाद चली न्यायिक कार्रवाई के बाद 18 सितंबर 2023 को कोर्ट ने गणेश को दोषी करार दिया और लंच बाद फैसला सुनाने की बात कही। इसी बीच गणेश मौका पाकर फरार हो गया। सजा पर सुनवाई के दौरान न तो गणेश कोर्ट में मौजूद था और न ही उसके अधिवक्ता पहुंचे।
कोर्ट में समर्पण किया और रहम की गुहार लगाई
इस पर कोर्ट ने गणेश के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिया था और एसओ को गणेश की गिरफ्तारी के निर्देश दिए थे। दो दिन बाद गणेश ने कोर्ट में समर्पण किया और रहम की गुहार लगाई। कोर्ट ने गणेश को एक साल की सजा सुना दी। बता दें कि लंबी न्यायिक कार्रवाई के बाद 18 सितंबर 2023 को कोर्ट ने गणेश को दोषी करार दिया।