UP: चोट पर लगाई गई पट्टी खुद घुल जाएगी…घाव भी जल्दी भरेगी, यूपीटीटीआई के प्रोफेसर ने तैयार किया नैनो इमल्शन
Kanpur News: यूपीटीटीआई की प्रोफेसर ने अंगूर के बीज से नैनो इमल्शन तैयार किया है। नैनो इमल्शन में पॉलिमर मिलाकर नैनो फाइबर बनाया गया है। इसे कॉस्मेटिक इंडस्ट्री के अलावा मेडिकल इंडस्ट्री में उपयोग किया जाएगा।
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शरीर पर लगी चोट को ठीक करने के लिए लगाई गई पट्टी को निकालने में काफी दर्द होता है। इस दर्द का निवारण उत्तर प्रदेश वस्त्र एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (यूपीटीटीआई) के प्रोफेसरों ने ढूंढ निकाला है। संस्थान ने ऐसी पट्टी तैयार की है, जो आम पट्टी के मुकाबले घाव जल्दी भरेगी और कुछ दिनों में यह घुल भी जाएगी।
खास बात है कि इस पट्टी को अंगूर के बीज से तैयार नैनो इमल्शन और नेचुरल पॉलिमर से मिलाकर तैयार किया गया है। कॉस्मेटिक प्रोडक्ट को बैक्टीरिया फ्री रखने के लिए नैनो इमल्शन का प्रयोग कॉस्मेटिक इंडस्ट्री में भी किया जाएगा। इसका पेटेंट मिल चुका है।
यूपीटीटीआई के केमिकल विभाग की डॉ. नीलू कंबो और पुणे से उनकी सहयोगी डॉ. सौरभ द्विवेदी ने 2022 में रिसर्च शुरू की थी। अंगूर का इस्तेमाल अक्सर वाइन इंडस्ट्री में किया जाता है, लेकिन बीज और छिलका बर्बाद होता है और पर्यावरण को प्रदूषित करता है। डॉ. कंबो ने बताया कि अंगूर के बीज में एंटी ऐजिंग, एंटी फंगल के गुण होते हैं।
पेटेंट को टेक्सटाइल इंडस्ट्री में लाने की तैयारी
अंगूर के बीज से निकले तेल का 10 फीसदी हिस्सा और देवदार के पेड़ का हाइड्रोसॉल (देवदार के पेड़ की लकड़ी से तेल निकाला जाता, उस दौरान वेस्ट पानी निकलता है, जिसमें तेल की कुछ अंश आते हैं) मिलाकर नैनो इमल्शन तैयार किया है। यह पूरी तरह से आर्गेनिक है। डॉ. कंबो ने बताया कि कॉस्मेटिक इंडस्ट्री के साथ इस पेटेंट को टेक्सटाइल इंडस्ट्री में लाने की तैयारी की जा रही है।
ऐसे तैयार की गई पट्टी
डॉ. कंबो ने बताया कि नैनो इमल्शन में पॉलिमर को जोड़कर नैनो फाइबर बनाया गया। इन नैनो फाइबर को नेचुरल पॉलिमर के साथ मिलाकर पट्टी तैयार की गई। पट्टी कितने दिनों में चोट सही करेगी और कितने दिनों में खुद घुल जाएगी, इसका पता लगाने के लिए आगे काम किया जा रहा है।