{"_id":"6add1ea099ba202596013f18","slug":"the-app-will-create-a-diet-plan-based-on-age-kanpur-news-c-12-1-knp1051-1692493-2026-10-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kanpur News: उम्र के हिसाब से डाइट प्लान बनाएगा एप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kanpur News: उम्र के हिसाब से डाइट प्लान बनाएगा एप
विज्ञापन
कानपुर। आपकी पार्टी में कितने लोग आ रहे हैं और कितना खाना लगेगा या पार्टी के बजट का खर्च कहां-कहां हो रहा है, इसकी जानकारी अब वेबसाइट के माध्यम से मिलेगी। यही नहीं अब आपके फोन का एप आपको उम्र के हिसाब से आपकी डाइट प्लान बनाकर देगा। कुछ ऐसे ही बिजनेस आइडिया के साथ एलेन हाउस इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी रूमा में इनोवेशन हब, डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (एकेटीयू), लखनऊ के सहयोग से इनोवेटिव एंड एलीवेट-2026 में प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
कार्यक्रम में प्रदेश भर के 13 संस्थानों की 40 से अधिक टीमों ने हिस्सा लिया था। दो दिवसीय कार्यक्रम के पहले दिन ‘फ्रॉम प्रोटोटाइप टू प्रॉफिटेबल स्टार्टअप’ विषय पर पैनल चर्चा में स्टार्टअप को व्यावसायिक रूप देने और वित्तीय व्यवहार्यता पर चर्चा हुई। इसके बाद ‘फ्रॉम आइडिया टू स्टार्टअप’ कार्यशाला में विद्यार्थियों ने उत्पाद विकास और बिजनेस मॉडल की प्रक्रिया समझी।
कार्यक्रम में ग्रीनवियर, स्टूफिट ग्रुप और क्रिएटिव इंडिया के साथ तीन एमओयू किए गए। दूसरे दिन एमा हर्बल लैबोरेट्रीज और भारत हेम्प एग्रो के साथ भी समझौते हुए। दूसरे दिन फाउंडर-स्टूडेंट इंटरेक्शन में एमा हर्बल लैबोरेट्रीज ग्रुप के सह-संस्थापक एवं सीईओ डॉ. यावर अली शाह ने उद्यमिता के अनुभव साझा किए। प्रतियोगिता में लखनऊ विश्वविद्यालय के शरद सिंह को प्रथम पुरस्कार के रूप में 15 हजार रुपये मिले। एले नहाउस इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी की हकरा जहीर, नीलू तिवारी और सानिया नाज को 10 हजार रुपये का द्वितीय पुरस्कार तथा एक्सिस इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के हर्ष सिंह, अविरल सिंह और चित्रांशु शर्मा को सात हजार रुपये का तृतीय पुरस्कार दिया गया।
विज्ञापन
कार्यक्रम में निदेशक इंजीनियरिंग प्रो. मनोज कुमार मिश्रा, एडिशनल डायरेक्टर प्रो. अतुल चतुर्वेदी, प्रशासनिक निदेशिका डॉ. रूबी चावला, प्रबंध निदेशक प्रो. पुनीत राय, कार्यक्रम समन्वयक प्रो. देव सिंह, सह समन्वयक माधवेंद्र सिंह सहित शिक्षक और विद्यार्थी मौजूद रहे।
ये मॉडल रहे आकर्षण का केंद्र
बीबीए प्रथम वर्ष के छात्र श्रेया शुक्ला, आर्यवीर सिंह चंदेल, आराध्या चौधरी और अक्षय मिश्रा ने फंड्रा नाम की वेबसाइट बनाई है जो आपके खर्च का हिसाब रखेगी। किस का कितना बजट हैं और कितना पैसे किस मद में खर्च हो रहा है, इसकी जानकारी देगी। यही नहीं बजट खत्म होने से पहले अलर्ट भी करेगी।
बीटेक तृतीय वर्ष मैकेनिकल इंजीनियरिंग के छात्र सत्यम श्रीवास्तव, उदय गौतम, धीमान दुबे ने सिक्स आर्म रोबोट तैयार किया है। यह रोबोट छह डायरेक्शन में मूव कर सकता है। यह रोबोट आई सर्जरी में डॉक्टर की मदद करेगा। छात्रों ने बताया कि यह वाइस कमांड पर भी काम करेगा।
बीबीए की छात्राओं मोनिका उत्तम, रिद्दी बाजपेई सामिया नफीज ने वेस्ट से बेस्ट का मॉडल बनाया। नारियल के खोल को सजाकर उसमें चेन लगाकर बैग का लुक दिया। नारियल के टुकड़े से पेंडेंट बनाया। पुरानी प्लास्टिक से कड़ा तैयार किया।
महाराणा प्रताप इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के बीबीए तृतीय वर्ष की छात्रा अलीशा, अंशिका, अंजिल पाल, अंजलि उपाध्याय व यति शुक्ला ने आरोग्य भोग स्टार्टअप विकसित किया है। इसमे एक एप तैयार किया है। एप उम्र के हिसाब से स्वास्थ्य को देखते हुए बताएगा कि आपको कितने मल्टीग्रेन आटे की जरूरत है। व्यक्ति अपनी जरूरत के अनुसार मल्टीग्रेन आटा को कस्टमाइज भी करा सकता है। स्टार्टअप में आयुर्वेद एआई की भी सुविधा है जिसकी मदद से व्यक्ति अपनी डिटेल बताकर डाइट और माइग्रेन आटा तैयार करा सकेगा।
एक्सिस कॉलेज की बीटेक छात्रा समन, नाशरा और सुरभि ने एक एप आधारित सिस्टम आसरा विकसित किया है। यह डिवाइस मोबाइल पर कनेक्ट रहती है, जिसका एक स्विच की-चेन या स्मार्ट वाच में रहता है। स्विच दबाते ही मोबाइल से जुड़े 50 से अधिक लोगों को अलर्ट जाता है जिससे खतरे के समय सहायता मिल जाएगी।
विज्ञापन
कार्यक्रम में प्रदेश भर के 13 संस्थानों की 40 से अधिक टीमों ने हिस्सा लिया था। दो दिवसीय कार्यक्रम के पहले दिन ‘फ्रॉम प्रोटोटाइप टू प्रॉफिटेबल स्टार्टअप’ विषय पर पैनल चर्चा में स्टार्टअप को व्यावसायिक रूप देने और वित्तीय व्यवहार्यता पर चर्चा हुई। इसके बाद ‘फ्रॉम आइडिया टू स्टार्टअप’ कार्यशाला में विद्यार्थियों ने उत्पाद विकास और बिजनेस मॉडल की प्रक्रिया समझी।
विज्ञापन
कार्यक्रम में ग्रीनवियर, स्टूफिट ग्रुप और क्रिएटिव इंडिया के साथ तीन एमओयू किए गए। दूसरे दिन एमा हर्बल लैबोरेट्रीज और भारत हेम्प एग्रो के साथ भी समझौते हुए। दूसरे दिन फाउंडर-स्टूडेंट इंटरेक्शन में एमा हर्बल लैबोरेट्रीज ग्रुप के सह-संस्थापक एवं सीईओ डॉ. यावर अली शाह ने उद्यमिता के अनुभव साझा किए। प्रतियोगिता में लखनऊ विश्वविद्यालय के शरद सिंह को प्रथम पुरस्कार के रूप में 15 हजार रुपये मिले। एले नहाउस इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी की हकरा जहीर, नीलू तिवारी और सानिया नाज को 10 हजार रुपये का द्वितीय पुरस्कार तथा एक्सिस इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के हर्ष सिंह, अविरल सिंह और चित्रांशु शर्मा को सात हजार रुपये का तृतीय पुरस्कार दिया गया।
विज्ञापन
कार्यक्रम में निदेशक इंजीनियरिंग प्रो. मनोज कुमार मिश्रा, एडिशनल डायरेक्टर प्रो. अतुल चतुर्वेदी, प्रशासनिक निदेशिका डॉ. रूबी चावला, प्रबंध निदेशक प्रो. पुनीत राय, कार्यक्रम समन्वयक प्रो. देव सिंह, सह समन्वयक माधवेंद्र सिंह सहित शिक्षक और विद्यार्थी मौजूद रहे।
ये मॉडल रहे आकर्षण का केंद्र
बीबीए प्रथम वर्ष के छात्र श्रेया शुक्ला, आर्यवीर सिंह चंदेल, आराध्या चौधरी और अक्षय मिश्रा ने फंड्रा नाम की वेबसाइट बनाई है जो आपके खर्च का हिसाब रखेगी। किस का कितना बजट हैं और कितना पैसे किस मद में खर्च हो रहा है, इसकी जानकारी देगी। यही नहीं बजट खत्म होने से पहले अलर्ट भी करेगी।
बीटेक तृतीय वर्ष मैकेनिकल इंजीनियरिंग के छात्र सत्यम श्रीवास्तव, उदय गौतम, धीमान दुबे ने सिक्स आर्म रोबोट तैयार किया है। यह रोबोट छह डायरेक्शन में मूव कर सकता है। यह रोबोट आई सर्जरी में डॉक्टर की मदद करेगा। छात्रों ने बताया कि यह वाइस कमांड पर भी काम करेगा।
बीबीए की छात्राओं मोनिका उत्तम, रिद्दी बाजपेई सामिया नफीज ने वेस्ट से बेस्ट का मॉडल बनाया। नारियल के खोल को सजाकर उसमें चेन लगाकर बैग का लुक दिया। नारियल के टुकड़े से पेंडेंट बनाया। पुरानी प्लास्टिक से कड़ा तैयार किया।
महाराणा प्रताप इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के बीबीए तृतीय वर्ष की छात्रा अलीशा, अंशिका, अंजिल पाल, अंजलि उपाध्याय व यति शुक्ला ने आरोग्य भोग स्टार्टअप विकसित किया है। इसमे एक एप तैयार किया है। एप उम्र के हिसाब से स्वास्थ्य को देखते हुए बताएगा कि आपको कितने मल्टीग्रेन आटे की जरूरत है। व्यक्ति अपनी जरूरत के अनुसार मल्टीग्रेन आटा को कस्टमाइज भी करा सकता है। स्टार्टअप में आयुर्वेद एआई की भी सुविधा है जिसकी मदद से व्यक्ति अपनी डिटेल बताकर डाइट और माइग्रेन आटा तैयार करा सकेगा।
एक्सिस कॉलेज की बीटेक छात्रा समन, नाशरा और सुरभि ने एक एप आधारित सिस्टम आसरा विकसित किया है। यह डिवाइस मोबाइल पर कनेक्ट रहती है, जिसका एक स्विच की-चेन या स्मार्ट वाच में रहता है। स्विच दबाते ही मोबाइल से जुड़े 50 से अधिक लोगों को अलर्ट जाता है जिससे खतरे के समय सहायता मिल जाएगी।