जुगाड़ की टीम, 86 पर ढेर: 18 खिलाड़ियों पर भी नेट बॉलरों से कराई बॉलिंग, सूची जारी होने के बाद भी हुए बदलाव
Kanpur News: यूपीसीए ने 23 नवंबर को 15 सदस्यीय टीम और 11 स्टैंडबाई खिलाड़ियों की घोषणा की थी। बीते सोमवार को फिर से सूची जारी कर 18 सदस्यीय मुख्य टीम में व पांच नेट बॉलर को टीम के साथ भेजा गया।
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कानपुर में बीसीसीआई की विजय मर्चेंट ट्रॉफी में यूपी अंडर-16 टीम ने पहले मैच में पंजाब के सामने खराब प्रदर्शन के साथ शुरुआत की। टीम पहली पारी में 86 रन पर सिमट गई। टीम के चयन पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। इसके बावजूद 18 सदस्यीय टीम होने पर भी पांच नेट बॉलर्स में से दो को प्लेइंग इलेवन में शामिल किया गया।
अंडर-16 टीम के ट्रायल से ही विवाद उठ रहे थे, क्योंकि यूपीसीए के सभी ट्रायल कानपुर के कमला क्लब में ही होते हैं, लेकिन इस बार नोएडा में करवाए गए। 15 सदस्यीय टीम में ट्रायल मैच में फ्लाप रहे खिलाड़ी का नाम भी था। इसके बाद यूपीसीए ने जिला संघों को टीम जारी नहीं की। विरोध पर सादे कागज में टीम जारी कर दी।
उसमें न तो किसी के आधिकारिक हस्ताक्षर थे और न ही यूपीसीए का लोगो। ट्रायल मैच में फ्लाप रहाखिलाड़ी पंजाब के खिलाफ बगैर खाता खोले पवेलियन लौट गया। नेट बॉलर प्राणवीर सिंह और वंश चौधरी भी कुछ खास प्रदर्शन नहीं कर सके हैं। प्राणवीर ने 10 ओवर में 41 रन बनाकर एक विकेट लिया। वंश चौधरी ने पांच ओवर में 31 रन दिए। हालांकि वंश को कोई सफलता नहीं मिली।
टीम की घोषणा होने के बाद भी हुए बदलाव
यूपीसीए ने 23 नवंबर को 15 सदस्यीय टीम और 11 स्टैंडबाई खिलाड़ियों की घोषणा की थी। बीते सोमवार को फिर से सूची जारी कर 18 सदस्यीय मुख्य टीम में व पांच नेट बॉलर को टीम के साथ भेजा गया। बीसीसीआई की वेबसाइट में यूपी टीम की जो लिस्ट पड़ी है, उसमें कुल 37 खिलाड़ियों को शामिल किया था।
एक खिलाड़ी इंजर्ड हो गया था और दूसरे को वायरल फीवर हो गया था। ऐसे में कोच ने नेट बॉलर में से दो को टीम में स्थान दिया। कोच के पास बदलाव के अधिकार होते हैं। -अंकित चटर्जी, सीईओ, यूपीसीए