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दसवीं के छात्र ने आखिर क्यों की आत्महत्या, पुलिस और घरवालों के लिए पहेली बनी अंश की मौत
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Fri, 13 Oct 2017 07:12 PM IST
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शुक्रवार को दसवीं के एक छात्र ने कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। खुदकुशी का कारण अब तक स्पष्ट नहीं हो पाया है। मृतक छात्र जनपद जालौन के ग्राम गड़ेरना का निवासी था।
जालौन जिले के ग्राम गड़ेरना निवासी गल्ला व्यापारी प्रमोद गुप्ता का पुत्र अंश गुप्ता (16) अपने बड़े भाई उमंग गुप्ता के साथ दतिया गेट बाहर छुट्टू का बगीचा में शंकर लाल के मकान में किराये से रहता था। उमंग बिपिन बिहारी महाविद्यालय में बीएससी फाइनल ईयर का छात्र है। जबकि, अंश बालाजी पब्लिक स्कूल में दसवीं कक्षा में पढ़ रहा था। तीन-चार दिन पहले बड़ा भाई उमंग अपने घर जालौन चला गया था।
अंश यहां अकेले रह रहा था। शुक्रवार की सुबह काफी देर तक अंश के कमरे का दरवाजा नहीं खुला। मकान में रहने वाले अन्य छात्रों ने रोशनदान से झांककर देखा तो अंश का शव पंखे से लटका हुआ था। इसकी सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस कमरे का दरवाजा तोड़कर कमरे के अंदर दाखिल हुई और शव को नीचे उतारा। घटना की सूचना मिलने पर परिजनों में कोहराम मच गया। आत्महत्या का कारण अब तक स्पष्ट नहीं हो पाया है। छात्र के पास से सुसाइट नोट भी नहीं मिला है।
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बहुमुखी प्रतिभा का था धनी
छात्र अंश गुप्ता के फुफेरे भाई बड़ागांव गेट बाहर निवासी गौरव गुप्ता ने बताया कि अंश बहुमुखी प्रतिभा का धनी था। वह पढ़ाई में अच्छा था। कक्षा में हमेशा आगे रहता था। इसके अलावा हाल ही में उसने ध्यानचंद स्टेडियम में आयोजित खेल प्रतियोगिता में पुरस्कार भी हासिल किया था। शांत स्वभाव का था और हमेशा सबसे हंसकर बात करता था। वह कभी भी तनाव में नहीं दिखा। उसने कोई सुसाइड नोट भी नहीं छोड़ा है। आत्महत्या की वजह समझ से परे है। उसके पास साधारण मोबाइल था। ऐसे में ब्लू व्हेल गेम को भी आत्महत्या की वजह नहीं माना जा सकता था। वह मोबाइल का कम ही इस्तेमाल करता था।
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जालौन जिले के ग्राम गड़ेरना निवासी गल्ला व्यापारी प्रमोद गुप्ता का पुत्र अंश गुप्ता (16) अपने बड़े भाई उमंग गुप्ता के साथ दतिया गेट बाहर छुट्टू का बगीचा में शंकर लाल के मकान में किराये से रहता था। उमंग बिपिन बिहारी महाविद्यालय में बीएससी फाइनल ईयर का छात्र है। जबकि, अंश बालाजी पब्लिक स्कूल में दसवीं कक्षा में पढ़ रहा था। तीन-चार दिन पहले बड़ा भाई उमंग अपने घर जालौन चला गया था।
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अंश यहां अकेले रह रहा था। शुक्रवार की सुबह काफी देर तक अंश के कमरे का दरवाजा नहीं खुला। मकान में रहने वाले अन्य छात्रों ने रोशनदान से झांककर देखा तो अंश का शव पंखे से लटका हुआ था। इसकी सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस कमरे का दरवाजा तोड़कर कमरे के अंदर दाखिल हुई और शव को नीचे उतारा। घटना की सूचना मिलने पर परिजनों में कोहराम मच गया। आत्महत्या का कारण अब तक स्पष्ट नहीं हो पाया है। छात्र के पास से सुसाइट नोट भी नहीं मिला है।
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बहुमुखी प्रतिभा का था धनी
छात्र अंश गुप्ता के फुफेरे भाई बड़ागांव गेट बाहर निवासी गौरव गुप्ता ने बताया कि अंश बहुमुखी प्रतिभा का धनी था। वह पढ़ाई में अच्छा था। कक्षा में हमेशा आगे रहता था। इसके अलावा हाल ही में उसने ध्यानचंद स्टेडियम में आयोजित खेल प्रतियोगिता में पुरस्कार भी हासिल किया था। शांत स्वभाव का था और हमेशा सबसे हंसकर बात करता था। वह कभी भी तनाव में नहीं दिखा। उसने कोई सुसाइड नोट भी नहीं छोड़ा है। आत्महत्या की वजह समझ से परे है। उसके पास साधारण मोबाइल था। ऐसे में ब्लू व्हेल गेम को भी आत्महत्या की वजह नहीं माना जा सकता था। वह मोबाइल का कम ही इस्तेमाल करता था।