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Kanpur News: महिला से दुष्कर्म के दोषी को दस साल की सजा

Fri, 17 Nov 2023 12:49 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर Updated Fri, 17 Nov 2023 12:49 AM IST
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Ten years imprisonment to the man guilty of raping a woman
कानपुर देहात। शिवराजपुर क्षेत्र में करीब दस साल पहले खेत से घर जाते समय एक महिला के साथ दुष्कर्म की घटना हुई थी। इस मामले की सुनवाई करते हुए अपर जिला जज/ एफटीसी प्रथम की अदालत ने गुरुवार को मामले में आरोपी को दोष सिद्ध करते हुए उसे दस साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। साथ ही उसपर दस हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है।
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सहायक शासकीय अधिवक्ता अमित सिंह चौहान ने बताया कि शिवराजपुर क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली विवाहित ने अदालत में प्रार्थनापत्र देकर बताया था कि 4 दिसंबर 2013 को अपने खेत में जेठ के साथ परवल तोड़ने गई थी। शाम करीब सात बजे वह खेत से वापस घर आ रही थी, उसके जेठ परवल साइकिल में लेकर आगे निकल गए थे। उसी समय रास्ते में पहले से घात लगाए बैठे गांव के शोभा और बिंजू ने उसे पकड़ लिया और उसका मुंह दबाकर खेत में घसीट ले गए। जहां पर उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया। शोर सुनकर उसके जेठ मौके पर पहुंचे तो दोनों शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी देते हुए भाग गए। मामले में अदालत के आदेश पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करते हुए विवेचना कर आरोपी शोभा के खिलाफ आरोप पत्र अदालत में पेश किए थे। वहीं आरोपी बिंजू के खिलाफ साक्ष्य न मिलने पर उसका नाम हटा दिया था। मामले की सुनवाई अपर जिला जज / एफटीसी प्रथम सुरेंद्र सिंह की अदालत में चल रही थी। गुरुवार को अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आरोपी शोभा को दोष सिद्ध करते हुए दस साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। साथ ही उसपर दस हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। वहीं अर्थदंड अदा न करने पर दोषी को दस माह के अतिरिक्त कारावास काटने के आदेश दिए हैं। अर्थदंड की संपूर्ण धनराशि पीड़िता को अदा करने के आदेश दिए हैं।
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थाने से पुलिस ने पीड़िता को था टरकाया
सहायक शासकीय अधिवक्ता अमित सिंह चौहान ने बताया कि मामले में घटना की रिपोर्ट दर्ज कराने जब पीड़िता थाने गई थी, तो पुलिस ने मामले की रिपोर्ट दर्ज नहीं की थी। उसको टरकाते रहे इसपर उसने तत्कालीन वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र दिया था। इसके बाद भी उसकी रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई थी। इस पर पीड़िता ने सीजेएम कोर्ट में प्रार्थनापत्र दिया था। जिसकी सुनवाई करते हुए सीजेएम अदालत ने 9 जनवरी 2014 को थानाध्यक्ष शिवराजपुर को घटना की रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना के आदेश दिए थे। इसके बाद पुलिस ने मामले में विवेचना शुरू की थी।
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