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चतुर्भुज सरोवर की सफाई पूरी, दीपदान उत्सव होगा
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चर्तुभुज मंदिर व सरोवर।
- फोटो : AKBARPUR
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झींझक (कानपुर देहात)। मंगलपुर कस्बे में चतुर्भुज मंदिर परिसर के सरोवर में दीपावली की दूज की शाम को परंपरागत दीपदान उत्सव होगा। इसकी पूरी तैयारी है। मंदिर और सरोवर की साफ-सफाई का काम पूरा हो गया है। कोरोना संक्रमण के चलते इस बार रामलीला नहीं होगी और मेला भी नहीं लगेगा।
मंगलपुर स्थित भगवान चतुर्भुज मंदिर परिसर के सरोवर में दीपावली की दूज को दीपदान उत्सव मनाने की प्राचीन परंपरा है। मेला और रामलीला भी होती है। दूज की शाम चतुर्भुज भगवान की पूजा अर्चना कर मंदिर के सरोवर में घी के दीये जलाए जाते हैं। दीपों को सरोवर के जल में छोड़ा जाता है। पानी पर तैरते जलते दीयों की आभा आकर्षण का केंद्र होती है। मान्यता है कि दूज के दिन घी के दीये सरोवर में जलाकर छोड़ने से मनोकामना पूर्ण होती है। हर साल मंगलपुर के आसपास के गांवों पदमपुर, कुदौली, जरहौली, परहौली, सुरासी, खानपुर व झींझक के अलावा औरैया जिले से भी लोग यहां आते हैं। शाम को मंदिर के पास ही जवाबी कीर्तन व तीज की शाम से जगदंबा रामलीला कमेटी मंगलपुर के तत्वावधान में गांव के जूनियर स्कूल में एक सप्ताह तक रामलीला का कार्यक्रम होता रहा है। इस बार कोरोना की वजह से जवाबी कीर्तन व रामलीला के कार्यक्रम रद्द कर दिए है।
मंदिर की पुजारी बबिता देवी ने बताया कि कोरोना महामारी के कारण इस वर्ष दूज मेला नहीं लगेगा। मंदिर में दर्शन व दीपदान सामाजिक दूरी का पालन करते हुए होंगे। भक्तों को मास्क लगाना अनिवार्य होगा।
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मंगलपुर स्थित भगवान चतुर्भुज मंदिर परिसर के सरोवर में दीपावली की दूज को दीपदान उत्सव मनाने की प्राचीन परंपरा है। मेला और रामलीला भी होती है। दूज की शाम चतुर्भुज भगवान की पूजा अर्चना कर मंदिर के सरोवर में घी के दीये जलाए जाते हैं। दीपों को सरोवर के जल में छोड़ा जाता है। पानी पर तैरते जलते दीयों की आभा आकर्षण का केंद्र होती है। मान्यता है कि दूज के दिन घी के दीये सरोवर में जलाकर छोड़ने से मनोकामना पूर्ण होती है। हर साल मंगलपुर के आसपास के गांवों पदमपुर, कुदौली, जरहौली, परहौली, सुरासी, खानपुर व झींझक के अलावा औरैया जिले से भी लोग यहां आते हैं। शाम को मंदिर के पास ही जवाबी कीर्तन व तीज की शाम से जगदंबा रामलीला कमेटी मंगलपुर के तत्वावधान में गांव के जूनियर स्कूल में एक सप्ताह तक रामलीला का कार्यक्रम होता रहा है। इस बार कोरोना की वजह से जवाबी कीर्तन व रामलीला के कार्यक्रम रद्द कर दिए है।
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मंदिर की पुजारी बबिता देवी ने बताया कि कोरोना महामारी के कारण इस वर्ष दूज मेला नहीं लगेगा। मंदिर में दर्शन व दीपदान सामाजिक दूरी का पालन करते हुए होंगे। भक्तों को मास्क लगाना अनिवार्य होगा।
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