{"_id":"5f286d978ebc3e96b42459e2","slug":"temple-akbarpur-news-knp5749007102","type":"story","status":"publish","title_hn":"सावन के आखिरी सोमवार को हर-हर महादेव से गूंजे शिवालय","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सावन के आखिरी सोमवार को हर-हर महादेव से गूंजे शिवालय
विज्ञापन
जिनई बनीपारा के बाणेश्वर मंदिर में पूजन करते भक्त।
- फोटो : AKBARPUR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कानपुर देहात। सावन के आखिरी सोमवार को शिव मंदिरों में भीड़ रही। भगवान भोलेनाथ के पूजन में श्रद्धालु सामाजिक दूरी का पालन करना भूल गए। सुबह से लेकर शाम तक हर-हर महादेव के जयकारे से शिवालय गूंजते रहे। श्रद्धालुओं ने दूध, बेलपत्र व भांग चढ़ाकर पूजा की।
पुलिस मंदिरों में सामाजिक दूरी का पालन कराने के लिए मशक्कत करती रही, लेकिन लोग कुछ सुनने को तैयार नहीं हुए। नबीपुर के झाड़ी बाबा मंदिर का मुख्य गेट बंद होने के बावजूद बाहर से ही पूजन करने के लिए भारी संख्या में लोग एकत्र हुए। रसूलाबाद के धर्मगढ़ बाबा मंदिर में पाइप लाइन से जलाभिषेक की व्यवस्था बरकरार रही। भक्तों ने दूध, बेलपत्र चढ़ाकर पूजन किया।
कहिंजरी के महाकालेश्वर मंदिर, सुभाष नगर के महादेवन मंदिर, असालतगंज के द्रोणेश्वर मंदिर, खेड़ाकुर्सी के संगमेश्वर शिव मंदिर, कृष्णदत्त निवादा के शिव मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ रही। जिनई के वाणेश्वर धाम मंदिर में आसपास के गांवों के लोगों की काफी भीड़ रही। डेरापुर के कपालेश्वर मंदिर में पूजन किया गया। शिवली के महाकालेश्वर मंदिर बैरी सवाई, भागवतेश्वर कडनी, बाघपुर के योगेश्वर, शिवली के साकेतधाम, ओमकारेश्वर, महाकालेश्वर मंदिर, मानसिला मंदिर में पूजन किया गया। कई मंदिरों में लोग मास्क लगाकर पूजन करने पहुंचे।
विज्ञापन
पुखरायां में मंदिरों में सामाजिक दूरी बनाकर पूजन किया गया। अमरौधा के कालेश्वर मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालु पहुंचने लगे थे। मंदिर के गेट के बाहर से ही दर्शन किए। बड़े महादेवन मंदिर, तिलकनगर स्थित शिव मंदिर, आजाद नगर में आनंदेश्वर मंदिर, त्रयंबकेश्वर मंदिर, पटेल नगर स्थित महाबलेश्वर मंदिर में जयकारे लगते रहे। पं। सुमित तिवारी ने बताया कि इस वर्ष सावन का महीना विशेष रहा। सावन की शुरूआत सोमवार से ही हुई थी। इसके बाद तीसरे सोमवार को सोमवती अमावस्या पड़ी। सावन के समापन पर पूर्णिमा के दिन महीने का पांचवां सोमवार पड़ा। ऐसा संयोग कई वर्षों बाद आता है।
विज्ञापन
पुलिस मंदिरों में सामाजिक दूरी का पालन कराने के लिए मशक्कत करती रही, लेकिन लोग कुछ सुनने को तैयार नहीं हुए। नबीपुर के झाड़ी बाबा मंदिर का मुख्य गेट बंद होने के बावजूद बाहर से ही पूजन करने के लिए भारी संख्या में लोग एकत्र हुए। रसूलाबाद के धर्मगढ़ बाबा मंदिर में पाइप लाइन से जलाभिषेक की व्यवस्था बरकरार रही। भक्तों ने दूध, बेलपत्र चढ़ाकर पूजन किया।
विज्ञापन
कहिंजरी के महाकालेश्वर मंदिर, सुभाष नगर के महादेवन मंदिर, असालतगंज के द्रोणेश्वर मंदिर, खेड़ाकुर्सी के संगमेश्वर शिव मंदिर, कृष्णदत्त निवादा के शिव मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ रही। जिनई के वाणेश्वर धाम मंदिर में आसपास के गांवों के लोगों की काफी भीड़ रही। डेरापुर के कपालेश्वर मंदिर में पूजन किया गया। शिवली के महाकालेश्वर मंदिर बैरी सवाई, भागवतेश्वर कडनी, बाघपुर के योगेश्वर, शिवली के साकेतधाम, ओमकारेश्वर, महाकालेश्वर मंदिर, मानसिला मंदिर में पूजन किया गया। कई मंदिरों में लोग मास्क लगाकर पूजन करने पहुंचे।
विज्ञापन
पुखरायां में मंदिरों में सामाजिक दूरी बनाकर पूजन किया गया। अमरौधा के कालेश्वर मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालु पहुंचने लगे थे। मंदिर के गेट के बाहर से ही दर्शन किए। बड़े महादेवन मंदिर, तिलकनगर स्थित शिव मंदिर, आजाद नगर में आनंदेश्वर मंदिर, त्रयंबकेश्वर मंदिर, पटेल नगर स्थित महाबलेश्वर मंदिर में जयकारे लगते रहे। पं। सुमित तिवारी ने बताया कि इस वर्ष सावन का महीना विशेष रहा। सावन की शुरूआत सोमवार से ही हुई थी। इसके बाद तीसरे सोमवार को सोमवती अमावस्या पड़ी। सावन के समापन पर पूर्णिमा के दिन महीने का पांचवां सोमवार पड़ा। ऐसा संयोग कई वर्षों बाद आता है।