{"_id":"5d0bb3488ebc3e75ea49eddd","slug":"teenagers-died-due-to-high-fever-death","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"रात को आया तेज बुखार सुबह जिला अस्पताल में बच्चे की मौत, सीएमओ बोले दीमाग में पड़ गए थे कीड़े","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रात को आया तेज बुखार सुबह जिला अस्पताल में बच्चे की मौत, सीएमओ बोले दीमाग में पड़ गए थे कीड़े
Thu, 20 Jun 2019 09:54 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कन्नौज
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कन्नौज
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Thu, 20 Jun 2019 09:54 PM IST
विज्ञापन
कन्नौज जिला अस्पताल में बृहस्पतिवार की सुबह तेज बुखार से एक किशोर की मौत हो गई
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कन्नौज जिला अस्पताल में बृहस्पतिवार की सुबह तेज बुखार से एक किशोर की मौत हो गई। परिजनों के मुताबिक रात में बुखार आया था। सुबह 10 बजे वे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। दो घंटे बाद इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि इमरजेंसी में मौजूद डॉक्टर ने सही से इलाज नहीं किया। परिजनों ने इसको लेकर हंगामा भी किया।
जिनको स्टाफ और डाक्टरों ने समझाकर शांत किया। सरायमीरा के शिवाजी नगर मोहल्ला निवासी अवधेश दुबे के पुत्र अर्पित (15) को बुधवार की रात तेज बुखार आ गया। सुबह उसकी हालत और बिगड़ गई। वह बेहोशी की हालत में पहुंच गया। परिजन उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। इमरजेंसी में मौजूद डॉक्टर ने इलाज शुरू किया। उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ।
विज्ञापन
जिनको स्टाफ और डाक्टरों ने समझाकर शांत किया। सरायमीरा के शिवाजी नगर मोहल्ला निवासी अवधेश दुबे के पुत्र अर्पित (15) को बुधवार की रात तेज बुखार आ गया। सुबह उसकी हालत और बिगड़ गई। वह बेहोशी की हालत में पहुंच गया। परिजन उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। इमरजेंसी में मौजूद डॉक्टर ने इलाज शुरू किया। उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ।
विज्ञापन
करीब दो घंटे बाद उसने दम तोड़ दिया। किशोर की मौत से परिजनों में आक्रोश बढ़ गया। परिजन रामू तिवारी, ताऊ सर्वेश दुबे ने बताया कि अर्पित को सुबह अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उसकी बिगड़ती हालत को चिकित्सक कंट्रोल नहीं कर सके। अस्पताल में चिकित्सकों की भी कमी थी। गंभीर हालत के बावजूद देर से बेड उपलब्ध हुआ।
इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक डा. वीके शुक्ला ने बताया कि किशोर को जब अस्पताल में भर्ती कराया गया, तब वह अचेत अवस्था में था। किशोर को ब्रेन इंफेक्शन हुआ था। तेज बुखार था। उसकी आंखें व नाक सूज चुकी थीं। इस कारण मौत हुई है। सीएमएस यूसी चतुर्वेदी ने कहा कि परिजनों का आरोप निराधार है कि बेड उपलब्ध नहीं कराया गया। अस्पताल में बेड खाली हैं। इलाज में किसी तरह की लापरवाही नहीं बरती गई है।
किशोर की मौत दिमागी बुखार से होने की बात सामने आने के बाद डीएम ने सीएमओ से तुरंत जांच कराई। जांच के बाद सीएमओ ने बताया कि टीम से कराई जांच के बाद सामने आया है कि किशोर के दिमाग में इंफेक्शन हो गया था। इस कारण उसे सेप्टिक मेनिनजाइटिस बीमारी हो गई। इससे मौत हो गई।
इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक डा. वीके शुक्ला ने बताया कि किशोर को जब अस्पताल में भर्ती कराया गया, तब वह अचेत अवस्था में था। किशोर को ब्रेन इंफेक्शन हुआ था। तेज बुखार था। उसकी आंखें व नाक सूज चुकी थीं। इस कारण मौत हुई है। सीएमएस यूसी चतुर्वेदी ने कहा कि परिजनों का आरोप निराधार है कि बेड उपलब्ध नहीं कराया गया। अस्पताल में बेड खाली हैं। इलाज में किसी तरह की लापरवाही नहीं बरती गई है।
किशोर की मौत दिमागी बुखार से होने की बात सामने आने के बाद डीएम ने सीएमओ से तुरंत जांच कराई। जांच के बाद सीएमओ ने बताया कि टीम से कराई जांच के बाद सामने आया है कि किशोर के दिमाग में इंफेक्शन हो गया था। इस कारण उसे सेप्टिक मेनिनजाइटिस बीमारी हो गई। इससे मौत हो गई।