{"_id":"657218671f29af5f6905c4d7","slug":"teachers-dont-know-where-crores-of-rupees-of-nps-cut-went-kanpur-news-c-220-1-sknp1003-6162-2023-12-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kanpur News: एनपीएस कटौती का करोड़ों रुपया कहां गया शिक्षकों को पता नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kanpur News: एनपीएस कटौती का करोड़ों रुपया कहां गया शिक्षकों को पता नहीं
Fri, 08 Dec 2023 12:39 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Fri, 08 Dec 2023 12:39 AM IST
विज्ञापन
कानपुर देहात। नई पेंशन नीति (एनपीएस) के मामले में कई जिलों में गड़बड़ी को लेकर जांच चल रही है। जिले के करीब 519 कर्मचारियों के वेतन से की गई कटौती का करोड़ों रुपया 29 माह से खाते में नहीं दिख रहा है। इधर जिले के शिक्षकों को गड़बड़ी की आशंका सताने लगी है।
जिले के अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालय में 695 शिक्षक और शिक्षणेत्तर कर्मचारी हैं। इनमें से करीब 519 सौ कर्मचारी एनपीएस योजना के तहत वेतन पा रहे हैं। इन शिक्षकों के वेतन से प्रतिमाह 10 प्रतिशत कटौती की जाती है। शिक्षको के अनुसार जून 2021 तक हुई कटौती की धनराशि उनके एनपीएस खाते में दिखाई दे रही है। इसके बाद जुलाई से हुई कटौती खातों में नहीं दिख रही है। इसके लिए शिक्षक काफी समय से खातों में फीडिंग करने की मांग करते चले आ रहे हैं। इधर कई जिलों में कटौती की धनराशि के नाम हुई हेराफेरी व निजी कंपनियों में धनराशि निवेश किए जाने का मामला सामने आने के बाद जिले के शिक्षकों को भी खाते से जमा होने वाले राशि को लेकर चिंता सताने लगी है। हालांकि अभी तक यह नहीं स्पष्ट हो पा रहा है कि कटौती की धनराशि निवेश हुई है कि नहीं। वहीं कुछ जानकार बताते हैं कि खाते में धनराशि पहुंचने के बाद ही निवेश की जाती है।
-- -- -
इस तरह होती कटौती और मिलता लाभ
कर्मचारियों की पेंशन के लिए मूल वेतन व डीए की कुल धनराशि का 10 प्रतिशत एनपीएस के रूप में काटा जाता है। सरकार की ओर से 14 प्रतिशत धनराशि शिक्षकों के खाते में मिलाकर जमा की जाती है। इस तरह करोड़ों रुपये की कटौती होती है। सेवाकाल पूरा करने के बाद 60 प्रतिशत धनराशि वापस की जाती है। जबकि निवेश के रूप में लगाई गई 40 प्रतिशत राशि से पेंशन मिलती है।
विज्ञापन
-- --
176 कर्मचारियों का नहीं है एनपीएस खाता
एक अप्रैल 2005 से सेवा में आए लोग न्यू पेंशन नीति के दायरे में आते हैं। जिले अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालय के 176 शिक्षक व कर्मचारी ऐसे हैं, जिनको एनपीएस खाता एलॉट नहीं किया गया है। जिसके चलते उनके खातों से अंशदान की कटौती नहीं हो रही है। इसके लिए भी माध्यमिक शिक्षक संघ ठकुराई गुट ने कई बार मांग उठाई, लेकिन अब तक निराकरण नहीं हुआ।
-- -- -
जून 2021 तक की गई अंशदान कटौती की धनराशि शिक्षको के खाते में शो कर रही है। इसमें किसी तरह की कोई गड़बड़ी नजर नहीं आई है। मगर जुलाई 2021 से अब तक की धनराशि की फीडिंग नहीं कराई गई है। समय - समय पर इसके लिए संगठन मांग करता चला रहा है। जिला विद्यालय निरीक्षक व अन्य अधिकारी इस पर सुनवाई नहीं कर रहे हैं। 176 लोगों को एनपीएस खाता तक नहीं एलॉट किया गया है। जिम्मेदार अधिकारी मनमानी कर रहे हैं। - वीके मिश्रा प्रांतीय मंत्री, उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ ठकुराई गुट
-- -
एनपीएस का काफी बैकलॉक था, शिक्षकों व कर्मचारियों के खाते में फीडिंग का काम चल रहा है। जल्द ही फीडिंग का काम पूरा करा लिया जाएगा। जिले में किसी भी तरह की कोई गड़बड़ी नहीं हुई है, इसकी लेखाधिकारी स्तर पर जांच भी कराई जा चुकी है।
- अचल कुमार मिश्रा, जिला विद्यालय निरीक्षक
विज्ञापन
जिले के अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालय में 695 शिक्षक और शिक्षणेत्तर कर्मचारी हैं। इनमें से करीब 519 सौ कर्मचारी एनपीएस योजना के तहत वेतन पा रहे हैं। इन शिक्षकों के वेतन से प्रतिमाह 10 प्रतिशत कटौती की जाती है। शिक्षको के अनुसार जून 2021 तक हुई कटौती की धनराशि उनके एनपीएस खाते में दिखाई दे रही है। इसके बाद जुलाई से हुई कटौती खातों में नहीं दिख रही है। इसके लिए शिक्षक काफी समय से खातों में फीडिंग करने की मांग करते चले आ रहे हैं। इधर कई जिलों में कटौती की धनराशि के नाम हुई हेराफेरी व निजी कंपनियों में धनराशि निवेश किए जाने का मामला सामने आने के बाद जिले के शिक्षकों को भी खाते से जमा होने वाले राशि को लेकर चिंता सताने लगी है। हालांकि अभी तक यह नहीं स्पष्ट हो पा रहा है कि कटौती की धनराशि निवेश हुई है कि नहीं। वहीं कुछ जानकार बताते हैं कि खाते में धनराशि पहुंचने के बाद ही निवेश की जाती है।
विज्ञापन
इस तरह होती कटौती और मिलता लाभ
कर्मचारियों की पेंशन के लिए मूल वेतन व डीए की कुल धनराशि का 10 प्रतिशत एनपीएस के रूप में काटा जाता है। सरकार की ओर से 14 प्रतिशत धनराशि शिक्षकों के खाते में मिलाकर जमा की जाती है। इस तरह करोड़ों रुपये की कटौती होती है। सेवाकाल पूरा करने के बाद 60 प्रतिशत धनराशि वापस की जाती है। जबकि निवेश के रूप में लगाई गई 40 प्रतिशत राशि से पेंशन मिलती है।
विज्ञापन
176 कर्मचारियों का नहीं है एनपीएस खाता
एक अप्रैल 2005 से सेवा में आए लोग न्यू पेंशन नीति के दायरे में आते हैं। जिले अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालय के 176 शिक्षक व कर्मचारी ऐसे हैं, जिनको एनपीएस खाता एलॉट नहीं किया गया है। जिसके चलते उनके खातों से अंशदान की कटौती नहीं हो रही है। इसके लिए भी माध्यमिक शिक्षक संघ ठकुराई गुट ने कई बार मांग उठाई, लेकिन अब तक निराकरण नहीं हुआ।
जून 2021 तक की गई अंशदान कटौती की धनराशि शिक्षको के खाते में शो कर रही है। इसमें किसी तरह की कोई गड़बड़ी नजर नहीं आई है। मगर जुलाई 2021 से अब तक की धनराशि की फीडिंग नहीं कराई गई है। समय - समय पर इसके लिए संगठन मांग करता चला रहा है। जिला विद्यालय निरीक्षक व अन्य अधिकारी इस पर सुनवाई नहीं कर रहे हैं। 176 लोगों को एनपीएस खाता तक नहीं एलॉट किया गया है। जिम्मेदार अधिकारी मनमानी कर रहे हैं। - वीके मिश्रा प्रांतीय मंत्री, उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ ठकुराई गुट
एनपीएस का काफी बैकलॉक था, शिक्षकों व कर्मचारियों के खाते में फीडिंग का काम चल रहा है। जल्द ही फीडिंग का काम पूरा करा लिया जाएगा। जिले में किसी भी तरह की कोई गड़बड़ी नहीं हुई है, इसकी लेखाधिकारी स्तर पर जांच भी कराई जा चुकी है।
- अचल कुमार मिश्रा, जिला विद्यालय निरीक्षक