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बच्चों को खेल-खेल में सिखाएं वर्णमाला : एआरपी
Tue, 22 Sep 2026 01:26 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Tue, 22 Sep 2026 01:26 AM IST
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रसूलाबाद। समग्र शिक्षा एवं निपुण भारत मिशन के तहत चंद्रप्रभा शर्मा डिग्री कॉलेज में सोमवार को आठवें बैच की शुरुआत हुई। प्रशिक्षण के पहले दिन शिक्षकों को निपुण टीचर ऐप, निपुण लक्ष्य व निपुण विद्यालय आकलन की जानकारी दी गई।
एआरपी पारुल निरंजन ने कहा कि बच्चों को खेल-खेल में वर्णमाला सिखाना चाहिए, इससे वह जल्दी सीखते हैं। उनका आकलन निपुण ऐप से प्रतिमाह नियत किया जाना चाहिए। उन्होंने भाषा की नवविकसित पाठ्यपुस्तिका वीणा के बारे में बताया। एआरपी सोनू सिंह ने कहा कि बच्चों को अपनी राय व्यक्त करने व एक दूसरे के साथ सीखने का अवसर प्रदान करना चाहिए। संदर्भदाता हिमांशु गुप्ता ने बताया कि प्रत्येक पाठ के अंत में अभ्यास कार्य दिया गया है। प्रत्येक अभ्यास के सरल और स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करें, जिसे बच्चे आसानी से समझ सकें।
संदर्भदाता दिनेश कुमार ने शिक्षकों को बताया कि बच्चों को नियमित अभ्यास कार्य कराएं, इससे उनका ज्ञान मजबूत होगा। संदर्भदाता शैलेश पाल ने गणित मेला पाठ्यपुस्तक में किए गए नए परिवर्तनों को बताया। उन्होंने पाठ्यपुस्तक में समाहित सभी पाठ व उसकी विषयवस्तु को समझाया। कहा कि बच्चों को प्रतिदिन अभ्यास कार्य दें और दूसरे दिन उसे जांचें। यहां शिक्षक बृजमोहन सिंह, रवि कमल, मयंक कुमार, गौरव सिंह गौर, वंदना वाजपेई, पुनीत कुमार, हेमंत सिंह आदि मौजूद रहे।
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एआरपी पारुल निरंजन ने कहा कि बच्चों को खेल-खेल में वर्णमाला सिखाना चाहिए, इससे वह जल्दी सीखते हैं। उनका आकलन निपुण ऐप से प्रतिमाह नियत किया जाना चाहिए। उन्होंने भाषा की नवविकसित पाठ्यपुस्तिका वीणा के बारे में बताया। एआरपी सोनू सिंह ने कहा कि बच्चों को अपनी राय व्यक्त करने व एक दूसरे के साथ सीखने का अवसर प्रदान करना चाहिए। संदर्भदाता हिमांशु गुप्ता ने बताया कि प्रत्येक पाठ के अंत में अभ्यास कार्य दिया गया है। प्रत्येक अभ्यास के सरल और स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करें, जिसे बच्चे आसानी से समझ सकें।
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संदर्भदाता दिनेश कुमार ने शिक्षकों को बताया कि बच्चों को नियमित अभ्यास कार्य कराएं, इससे उनका ज्ञान मजबूत होगा। संदर्भदाता शैलेश पाल ने गणित मेला पाठ्यपुस्तक में किए गए नए परिवर्तनों को बताया। उन्होंने पाठ्यपुस्तक में समाहित सभी पाठ व उसकी विषयवस्तु को समझाया। कहा कि बच्चों को प्रतिदिन अभ्यास कार्य दें और दूसरे दिन उसे जांचें। यहां शिक्षक बृजमोहन सिंह, रवि कमल, मयंक कुमार, गौरव सिंह गौर, वंदना वाजपेई, पुनीत कुमार, हेमंत सिंह आदि मौजूद रहे।
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