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Exclusive: अनियंत्रित डायबिटीज छीन रही मुंह का स्वाद,रोगियों को पता नहीं चलता खट्टा-मीठा और तीखापन, शोध में खुलासा

Tue, 12 Jul 2022 09:54 AM IST
शाहरुख खान रजा शास्त्री, अमर उजाला, कानपुर
रजा शास्त्री, अमर उजाला, कानपुर Published by: शाहरुख खान Updated Tue, 12 Jul 2022 09:54 AM IST
सार

शोध के अगुवा सीनियर फिजीशियन डॉ. विशाल गुप्ता बताते हैं कि इसी चक्कर में रोगियों का ब्लड प्रेशर भी बढ़ जाता रहा। इस पर 200 रोगियों पर शोध किया गया। जांच में पता चला कि उनके मुंह में जो नर्व होती हैं, जिनसे स्वाद मिलता है, वे सूख गई हैं। इस वजह से रोगी कुछ भी खाए, उसे पता नहीं चलता। मस्तिष्क उस स्वाद को पहचान नहीं पाता।

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Taste of the mouth snatching away uncontrolled diabetes Revealed in Research of Department of Medicine published in the International Journal
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

विस्तार

डायबिटीज मुंह का स्वाद छीन ले रही है। दरअसल, जिनका ब्लड शुगर लगातार अनियंत्रित रहता है, उनकी स्वाद बताने वाली तंत्रिकाएं सूख जाती हैं। इससे खट्टा, मीठा, नमकीन, तीखापन उन्हें कुछ भी पता नहीं चलता। जिस चटोरेपन की आदत से ब्लड शुगर बढ़ती है, वही मजा रोगियों की जिंदगी से छिन जा रहा है। 
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चिंता में डालने वाली बात यह है कि रोगी के मुंह का स्वाद स्थायी रूप से चला जाता है। यह खुलासा जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग के ताजा शोध में हुआ है। हैलट ओपीडी में आए 200 रोगियों पर यह शोध दो साल तक किया गया। इस शोध को ब्रिटेन के अंतरराष्ट्रीय जर्नल डायबिटीज एपीडिमोलॉजी एंड मैनेजमेंट ने प्रकाशित भी किया है।
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विशेषज्ञों ने बताया कि हैलट की डायबिटीज क्लीनिक में रोगी स्वाद न आने की दिक्कत बता रहे थे। हालत यह रही है कि खाने में नमक पता न चलने पर रोगी घर में झगड़ा कर लेते। उनके खाने में पर्याप्त नमक होता, लेकिन उन्हें पता न चलता। 
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शोध के अगुवा सीनियर फिजीशियन डॉ. विशाल गुप्ता बताते हैं कि इसी चक्कर में रोगियों का ब्लड प्रेशर भी बढ़ जाता रहा। इस पर 200 रोगियों पर शोध किया गया। जांच में पता चला कि उनके मुंह में जो नर्व होती हैं, जिनसे स्वाद मिलता है, वे सूख गई हैं। इस वजह से रोगी कुछ भी खाए, उसे पता नहीं चलता। मस्तिष्क उस स्वाद को पहचान नहीं पाता।
 

जब इन रोगियों की मॉनीटरिंग की गई तो फास्टिंग और पीपी दोनों तरह की जांचों में ब्लड शुगर स्तर बहुत बढ़ा हुआ मिला। इसके साथ ही एचबीए1सी जांच आठ के ऊपर पाई गई, जबकि इसे सात के नीचे होना चाहिए। डायबिटीज के 10 फीसदी पुराने रोगियों में यह दिक्कत हो रही है। 

शोध में यह भी पाया गया कि हाई ब्लड शुगर का कोई स्पष्ट लक्षण न उभरने की वजह से ये लोग ब्लड शुगर जांच कराने में कोताही बरतते रहे। इससे इनका ब्लड शुगर स्तर लगातार अधिक रहा है, जिसकी वजह से यह समस्या पैदा हो गई।
 

ऐसे करें बचाव 
- ब्लड शुगर स्तर को नियंत्रित कर लें ताकि क्षति और अधिक न हो
- न्यूरो फिजीशियन संपर्क कर तंत्रिकाओं के दुरुस्त करने की दवा लें
- जिन रोगियों के स्वाद नहीं गया है, वे सतर्क हो जाएं, जिससे समस्या बचे रहें
- ब्लड शुगर स्तर की नियमित जांच करें, जिससे स्थिति पता रहे
- अपने डॉक्टर से लक्षणों में बदलाव को शेयर करें

नंबर गेम
डायबिटीज रोगी शहर में : पांच लाख
प्रि डायबिटिक स्थिति में आठ लाख 
कोरोना ने बढ़ा दिए 20 फीसदी डायबिटीज रोगी
मल्टी आर्गन फेल्योर (एमओएफ) की स्थिति में पांच हजार रोगी
हैलट में इस वक्त इलाज करा रहे 3500 रोगी 
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