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कानपुर की सबसे ऊंची चिमनी तैयार, 270 मीटर है ऊंचाई, लगेगी लिफ्ट
Mon, 18 Jan 2021 01:14 AM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Mon, 18 Jan 2021 01:14 AM IST
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कानपुर की सबसे ऊंची चिमनी
- फोटो : अमर उजाला
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कानपुर के पनकी में बन रहे 660 मेगावाट थर्मल पॉवर प्लांट की 270 मीटर ऊंची चिमनी बन चुकी है। यह शहर की सबसे ऊंची चिमनी होगी। अभी इस चिमनी की ऊंचाई पांच मीटर और बढ़ेगी। इसमें फ्यूल कैन लगेगा, जो स्टील स्ट्रक्टर होगा। इसके जाल से ही धुआं बाहर निकलेगा। इसके बन जाने के बाद इसकी ऊंचाई 275 मीटर हो जाएगी।
नीचे है 32 मीटर व्यास
इस चिमनी का व्यास नीचे 32 मीटर है, जो ऊपर जाते-जाते कम हो जाता है। सबसे ऊपर इसका व्यास 16 मीटर है। सिविल काम पूरा होने के बाद इसमें लिफ्ट लगाई जाएगी। इस लिफ्ट से 263.5 मीटर ऊंचाई तक जाया जा सकेगा।
दो संयंत्र कम करेंगे धुएं का जहरीलापन
प्लांट से निकलने वाला धुआं पर्यावरण के लिए कम खतरनाक हो, इसके लिए दो अतिरिक्त संयंत्र ब्वॉयलर में लगाए जाएंगे। नौ माह में ब्वॉयलर बनकर तैयार हो जाएगा। इसमें फ्लू गैस डिसल्फराइजेशन(एफजीडी) लगेगा, जो धुएं में सल्फर डाई ऑक्साइड गैस को कम करेगा। साथ ही सेलेक्टिव कैटालिटिक रिडक्शन(एससीआर) लगेगा, जो धुएं से जहरीली नाइट्रोजन ऑक्साइड गैस को कम करेगा।
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5816 करोड़ से अगले साल पूरा होगा काम
पनकी पॉवर प्लांट के महाप्रबंधक वीवी कटियार ने बताया कि यह प्लांट 5816 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा है। इसका काम एक साल में पूरा हो जाएगा। जनवरी 2022 को यह चालू होगा। इस प्लांट का शिलान्यास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था। अगले साल इस प्लांट से 660 मेगावाट बिजली का उत्पादन शुरू हो जाएगा।
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नीचे है 32 मीटर व्यास
इस चिमनी का व्यास नीचे 32 मीटर है, जो ऊपर जाते-जाते कम हो जाता है। सबसे ऊपर इसका व्यास 16 मीटर है। सिविल काम पूरा होने के बाद इसमें लिफ्ट लगाई जाएगी। इस लिफ्ट से 263.5 मीटर ऊंचाई तक जाया जा सकेगा।
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दो संयंत्र कम करेंगे धुएं का जहरीलापन
प्लांट से निकलने वाला धुआं पर्यावरण के लिए कम खतरनाक हो, इसके लिए दो अतिरिक्त संयंत्र ब्वॉयलर में लगाए जाएंगे। नौ माह में ब्वॉयलर बनकर तैयार हो जाएगा। इसमें फ्लू गैस डिसल्फराइजेशन(एफजीडी) लगेगा, जो धुएं में सल्फर डाई ऑक्साइड गैस को कम करेगा। साथ ही सेलेक्टिव कैटालिटिक रिडक्शन(एससीआर) लगेगा, जो धुएं से जहरीली नाइट्रोजन ऑक्साइड गैस को कम करेगा।
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5816 करोड़ से अगले साल पूरा होगा काम
पनकी पॉवर प्लांट के महाप्रबंधक वीवी कटियार ने बताया कि यह प्लांट 5816 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा है। इसका काम एक साल में पूरा हो जाएगा। जनवरी 2022 को यह चालू होगा। इस प्लांट का शिलान्यास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था। अगले साल इस प्लांट से 660 मेगावाट बिजली का उत्पादन शुरू हो जाएगा।