फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Talking, the way will come out

बात करते रहें, रास्ते निकल आएंगे

Mon, 11 Jan 2016 01:55 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/कानपुर
अमर उजाला ब्यूरो/कानपुर Updated Mon, 11 Jan 2016 01:55 AM IST
विज्ञापन
Talking, the way will come out

आध्यात्मिक गुरु श्री एम ने कहा कि मन को कंट्रोल करना ही साधना है। संवाद का मतलब होता है दो मन मिल जाएं। संवाद से बड़ी से बड़ी समस्या का समाधान निकल सकता है। इसके लिए हिंसा की जरूरत नहीं है। गीता से लेकर उपनिषद और अन्य धर्मों में भी संवाद की महत्ता बताई गई है।

विज्ञापन


डाॅ. रागेंद्र स्वरूप सेंटर फॉर परफार्मिंग सिविल लाइंस में कानपुर एम संवाद में श्री एम ने कहा कि भगवत गीता में श्रीकृष्ण-अर्जुन संवाद ही तो है। तुलसी ने भी रामचरित मानस में काम, क्रोध, मद, मोह को त्यागने को कहा है। उपनिषद में कहा गया है कि जब आप अपने आप को समझ लेते हैं तो भगवान को समझ लेते हैं।
विज्ञापन


मन कंट्रोल करना ही संत बनने की शुरुआत होती है। आशा यात्रा का उद्देश्य भी सभी को एक करना है। इससे पहले प्रमुख सचिव महिला कल्याण रेणुका कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट अमर पाल सिंह, एसीएम  सुखवीर सिंह, पीआईए के ब्रजेश अवस्थी, सपा नेता अमिताभ बाजपेयी, उद्यमी इरशाद मिर्जा ने बुके देकर श्री एम का स्वागत किया।
विज्ञापन
विज्ञापन


इस तरह रहा संवाद
सर्वेश कुमार पांडेय निन्नी ने कहा कि सद्भावना और भाईचारे के बिना क्रांतिकारियों का सपना पूरा नहीं हो सकता। वह हर क्रांतिकारी का जन्म दिवस मनाते हैं लेकिन काफी प्रयास के बावजूद युवाओं की इसमें दिलचस्पी नहीं रहती है।ऐसा क्यों है?

बिना नौजवानों को साथ लिए कोई भी काम पूरा नहीं हो सकता है। इसीलिए मैं खुद आशा यात्रा के दौरान ज्यादा से ज्यादा युवाओं को जोड़ रहा हूं। युवाओं को जोड़ना होगा। कैसे, यह स्थिति पर निर्भर करता है।

यादवेंद्र प्रताप ने कहा अपना आध्यात्मिक अनुभव बताएं?
मानव सेवा की जरूरत है। दूसरों की तकलीफ अपनी समझें। सद्भाव और राष्ट्रीय एकता की जरूरत है।

मैं डॉ. एके मिश्र लखनऊ से आया हूं। मन को कंट्रोल कैसे करें और क्या आपके गुरु अभी भी जिंदा हैं?
मन को कंट्रोल करना आसान नहीं है। प्राणायम से मन कंट्रोल कर सकते हैं। दूसरे सवाल का जवाब मैं नहीं देना चाहता हूं।

मैं उपहार नागर हूं। राष्ट्र सेवा करना चाहता हूं। मां-पिता के साथ रहते साधना कैसे संभव है?
मैं खुद गृहस्थ हूं। पत्नी और बच्चों के साथ रहता हूं। संन्यासी नहीं हूं। परिवार के साथ रहते हुए भी साधना हो सकती है। शुरुआत में थोड़ा अलग रहना होगा।

मंदिर पर राजनीति न हो ः प्रखर जी महाराज
गंगा आरती में भाग लेने आए प्रखर जी महाराज ने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर बनना चाहिए। मंदिर पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। अभी तक गंगा सफाई पर सिर्फ प्लान बनते थे।

अब गंगा साफ हो रही है। हिंदुस्तान में जितना मुसलिम सुरक्षित हैं उतना अरब देशों में नहीं। प्रधानमंत्री ठीक काम कर रहे हैं। यह अच्छा संकेत है कि प्रदेश सरकार भी विकास पर ध्यान देने लगी है।

आरती के साथ गंगा की जयकार
सरसैया घाट पर श्री एम ने गंगा आरती की। इस दौरान गंगा मां की जय के नारे लगते रहे। श्री एम ने गंगा का महत्व  बताते हुए इसे साफ रखने पर जोर दिया। यहां प्रखर जी महाराज, मां गंगा सेवा संस्थान के श्रीकृष्ण दीक्षित, शेष नारायण त्रिवेदी, राम जी त्रिपाठी, अरुण पुरी चैतन्य, विनोद गुप्ता मौजूद रहे।


सरसैया घाट तक कैंडल मार्च

संवाद के बाद सिविल लाइंस से सरसैया घाट तक कैंडल मार्च निकाला गया। लोग और अफसर श्री एम के साथ कैंडल लेकर सरसैया घाट पहुंचे। बीच-बीच में लोग भारत माता की जय के नारे भी लगा रहे थे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed