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Fake Electricity Meter: निलंबित इंजीनियर-कर्मचारी नहीं कर रहे जांच में सहयोग, अभी तक नहीं दिया नोटिस का जवाब

Wed, 07 Dec 2022 04:01 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Wed, 07 Dec 2022 04:01 PM IST
सार

केस्को के फर्जी बिजली मीटर मामले में निलंबित आठ लोगों ने अभी तक नोटिस का जवाब नहीं दिया है। वहीं, प्रबंधन का कहना है कि इस मामले की जांच चल रही है। इस महीने के आखिरी या अगले महीने की शुरुआत में जांच टीम अपनी रिपोर्ट देगी।
 

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Suspended employees are not cooperating in the investigation in fake electricity meter case
कबाड़ में पड़े बिजली मीटर और बाक्स (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कानपुर के साकेत नगर में 58 उपभोक्ताओं के मीटरों में रीडिंग स्टोर मिलने और 20 फर्जी मीटर मिलने के मामले के तीन महीने बाद भी जांच पूरी नहीं हो सकी है। इस मामले में आठ इंजीनियर और कर्मचारी निलंबित चल रहे हैं। निलंबित अभियंता-कर्मचारी जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं।

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अभी तक नोटिस का जवाब तक नहीं दिया है। इससे जांच प्रभावित हो रही है। इस मामले की जांच केस्को सर्किल चतुर्थ के अधीक्षण अभियंता आरिफ अहमद, टेस्ट प्रथम के एक्सईएन धर्म विजय और लेखाधिकारी अरविंद कुमार कर रहे हैं।
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उनका कहना है कि अगर निलंबित अभियंताओं और कर्मचारियों का रवैया यही रहा तो इस बिंदु को भी जांच में शामिल कर कार्रवाई के लिए प्रबंधन के पास भेजा जाएगा। केस्को के पास बिजली मीटरों में रीडिंग स्टोर कर चोरी करने की गड़बड़ी को रोकने का कोई उपाय नहीं है।

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मीटर रीडरों और उपभोक्ताओं की साठगांठ से होने वाली यह बिजली चोरी बदस्तूर जारी है। केस्को प्रबंधन बिजली चोरी को रोकने के लिए पूरे शहर में स्मार्ट मीटरों के लग जाने का इंतजार कर रहा है। यूनिट स्टोर कर केस्को को चूना लगाने के मामले में उपभोक्ता पर बिजली चोरी की कोई रिपोर्ट भी नहीं होती है।

बस उसे अपने मीटर में स्टोर हुई यूनिट की स्लैब के आधार पर बिना बिजली बिल और उसका 50 प्रतिशत जुर्माना अदा करना होता है। पकड़े जाने से पहले मीटर बदलने पर अगर रीडिंग कम हो गई है तो यह जुर्माना बेहद कम होता है।

निलंबित अभियंता और कर्मचारी
28 अगस्त को उपभोक्ताओं के घरों में मिले फर्जी मीटरों को लगाने में आठ इंजीनियर-कर्मचारी निलंबित हैं। इसमें दो एक्सईएन वीके सिंह और रजनीश कुलश्रेष्ठ, टेस्ट डिवीजन द्वितीय के सहायक अभियंता मनोज त्रिपाठी और टेस्ट डिवीजन तृतीय के सहायक अभियंता राजकुमार, दो जेई मुलायम सिंह यादव, अनूप कुमार सिंह और दो तकनीशियन योगेंद्र कुमार, महेंद्र यादव निलंबित हैं।

इस मामले की जांच चल रही है। जिन पर आरोप हैं, वह निलंबित हैं। जांच टीम संबंधितों से जवाब लेने के लिए पत्राचार कर चुकी है। इस महीने के आखिरी या अगले महीने की शुरुआत में जांच टीम अपनी रिपोर्ट देगी। इसके आधार पर प्रबंधन उचित फैसला लेगा।  -चंद्रशेखर अंबेडकर, मीडिया प्रभारी, केस्को

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