फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Survey of 20 villages reveals a high number of patients suffering from URTI and skin-related diseases.

Kanpur News: 20 गांवों के सर्वे में यूआरटीआई व त्वचा संबंधी रोगों के मरीजों की संख्या अधिक

Fri, 10 Jul 2026 01:52 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर Updated Fri, 10 Jul 2026 01:52 AM IST
विज्ञापन
Survey of 20 villages reveals a high number of patients suffering from URTI and skin-related diseases.
कानपुर देहात। स्वास्थ्य विभाग औद्योगिक क्षेत्र व इससे सटे गांवों के लोगों की बीमारियों का पता लगा रहा है। तीन माह में एक एनजीओ की मदद से देखे गए मरीजों में ऊपरी श्वसन पथ संक्रमण रोगी अधिक मिले हैं। जिम्मेदार वायु प्रदूषण व धूम्रपान की वजह से इन रोगियों की संख्या बढ़ने की आशंका जता रहे हैं।
विज्ञापन

सरवनखेड़ा पीएचसी अधीक्षक डॉ. राकेश यादव ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग व चाइल्ड केयर इंडिया एनजीओ ने औद्योगिक क्षेत्र व इससे सटे सरवनखेड़ा ब्लॉक के 18 और मैथा ब्लॉक के दो गांव के लोगों का बीमारी का डाटा जुटाया है। अप्रैल माह से जून माह तक एनजीओ की ओर से छह हजार व स्वास्थ्य विभाग की ओर से करीब आठ हजार लोगों का परीक्षण किया गया है। इनमें से 899 लोग ऊपरी श्वसन पथ संक्रमण (यूआरटीआई) से पीड़ित मिले हैं जबकि 867 लोगों में त्वचा संबंधी रोग से ग्रसित पाए गए हैं। इसके अलावा हड्डी संबंधी रोग, हाइपरटेंशन व गैर संचारी रोगों से ग्रसित लोग भी मिले हैं।
विज्ञापन

यूआरटीआई के रोगियों की संख्या अधिक होने के पीछे वायु प्रदूषण की आशंका है। हालांकि इसकी पुष्टि औद्योगिक क्षेत्र में हवा की जांच के बाद ही हो सकेगी। उन्होंने बताया कि यूआरटीआई श्वसन तंत्र के ऊपरी हिस्से में होने वाली वायरल या बैक्टीरियल बीमारी है। इसमें गले में खरास, सूखी खांसी, नाक से पानी आना, आंखों से आंसू निकलना व जलन होना सामान्य है। इस बीमारी के पीछे स्वच्छता का अभाव, वायु प्रदूषण व धूम्रपान भी हो सकता है। यदि किसी भी व्यक्ति को इससे संबंधी कोई भी परेशानी हो तो वह पास के स्वास्थ्य उपकेंद्र, पीएचसी या सीएचसी में पहुंचकर डॉक्टर से परामर्श लें।
विज्ञापन
विज्ञापन

..................
इलाज के साथ जानकारी जुटाती है मोबाइल वैन
चाइल्ड केयर इंडिया एनजीओ के प्रोग्राम मैनेजर हेमंत अवस्थी ने बताया कि उनके एनजीओ की ओर से जिले में 20 गांवों में ग्रामीणों का परीक्षण किया जा रहा है। इन गांंवों में मोबाइल वैन जाकर लोगों का परीक्षण उनका उपचार करती है। साथ ही लोगों में मिलने वाली बीमारी का डाटा तैयार कर स्वास्थ्य विभाग को देती है। जिससे संबंधित क्षेत्र के रोगियों को बेहतर इलाज मिल सके।
....................
इन गांवों में मिले इतने रोगी
गांव - त्वचा संबंधी रोगी - यूआरटीआई रोगी
अलियापुर - 27 - 30
बिसायकपुर - 78 - 50
फत्तेपुर रोशनाई - 79 - 84
चिरौरा - 66 - 68
जरहौलिया - 41 - 43
जरिहा - 21 - 35
करबक - 49 - 75
करचल - 36 - 27
कटका - 23 - 20
खानचंदपुर - 45 - 43
किशरवल - 37 - 49
मुबारकपुर लाटा - 38 - 48
पहाड़पुर - 31 - 25
पामां - 18 - 22
परसौली - 62 - 16
रायपुर - 12 - 26
श्यामपुर - 46 - 42
सिहुरा भवन - 38 - 59
सुराजपुर - 36 - 54
उमरन - 84 - 83
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed