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सुरेश सोनी का विचार, संघ का करो विस्तार
अमर उजाला ब्यूरो, कानपुर
Updated Wed, 10 Jun 2015 02:54 AM IST
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राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सह सरसंघचालक सुरेश सोनी ने मंगलवार को संघ के शिक्षा वर्ग में कार्यकर्ताओं को अनुशासन, संगठन विस्तार के गुर सिखाए।
सह सरसंघचालक सोनी, मोहन भागवत के बाद संघ के दूसरे मुख्य पदाधिकारी हैं। शिक्षा वर्ग में सुबह से लेकर देर शाम तक चलने वाली कक्षाओं में उन्होंने प्रशिक्षुओं को बताया कि संघ का विस्तार आवश्यक है। जरूरी है कि हर कार्यकर्ता अपने आसपास के लोगों को संघ की विचारधारा से जोड़ें।
प्रशिक्षण शिविर नवाबगंज स्थित दीनदयाल विद्यालय और मोतीलाल खेड़िया स्कूल में चल रहा है। सुरेश सोनी ने प्रशिक्षुओं को बताया कि संघ के कार्यकर्ताओं को जो सबसे जरूरी बात सीखनी है, उसमें अनुशासन प्रमुख है।
उनका कहना है कि परिवार, समाज, संगठन और देश की सत्ता का संचालन करने के लिए अनुशासन जरूरी है, इसलिए जीवन के हर क्षण में अनुशासन को ध्यान में रखकर ही काम करना चाहिए। शिक्षा वर्ग में पिछले 15 दिनों से तीन स्तर पर प्रशिक्षण चल रहा है। शिविर 15 जून तक चलेगा।
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उल्लेखनीय है कि शिक्षा वर्ग संघ कार्यकर्ता बनने का कोर्स होता है। बिना इस वर्ग में शामिल हुए कोई भी संघ का पूर्णकालिक कार्यकर्ता नहीं बन सकता। शिक्षा वर्ग कई चरणों का होता है। जिसे प्राथमिक, द्वितीयक और तृतीयक कहते हैं। प्राथमिक शिक्षा वर्ग सात दिनों का होता है।
तृतीय वर्ष का शिक्षा वर्ग सिर्फ नागपुर में होता है। बाकी वर्ग संघ के प्रांत के हिसाब से आयोजित किया जाता है। सह सरसंघचालक 13 जून को शिक्षा वर्ग के समापन अवसर पर आयोजित होने वाले सम्मेलन में सभी वर्गों के प्रशिक्षुओं को एक साथ संबोधित करेंगे। इससे पूर्व कानपुर पहुंचने पर सह सरसंघचालक ने संघ पदाधिकारियों से भी मुलाकात की।
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सह सरसंघचालक सोनी, मोहन भागवत के बाद संघ के दूसरे मुख्य पदाधिकारी हैं। शिक्षा वर्ग में सुबह से लेकर देर शाम तक चलने वाली कक्षाओं में उन्होंने प्रशिक्षुओं को बताया कि संघ का विस्तार आवश्यक है। जरूरी है कि हर कार्यकर्ता अपने आसपास के लोगों को संघ की विचारधारा से जोड़ें।
प्रशिक्षण शिविर नवाबगंज स्थित दीनदयाल विद्यालय और मोतीलाल खेड़िया स्कूल में चल रहा है। सुरेश सोनी ने प्रशिक्षुओं को बताया कि संघ के कार्यकर्ताओं को जो सबसे जरूरी बात सीखनी है, उसमें अनुशासन प्रमुख है।
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उनका कहना है कि परिवार, समाज, संगठन और देश की सत्ता का संचालन करने के लिए अनुशासन जरूरी है, इसलिए जीवन के हर क्षण में अनुशासन को ध्यान में रखकर ही काम करना चाहिए। शिक्षा वर्ग में पिछले 15 दिनों से तीन स्तर पर प्रशिक्षण चल रहा है। शिविर 15 जून तक चलेगा।
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उल्लेखनीय है कि शिक्षा वर्ग संघ कार्यकर्ता बनने का कोर्स होता है। बिना इस वर्ग में शामिल हुए कोई भी संघ का पूर्णकालिक कार्यकर्ता नहीं बन सकता। शिक्षा वर्ग कई चरणों का होता है। जिसे प्राथमिक, द्वितीयक और तृतीयक कहते हैं। प्राथमिक शिक्षा वर्ग सात दिनों का होता है।
तृतीय वर्ष का शिक्षा वर्ग सिर्फ नागपुर में होता है। बाकी वर्ग संघ के प्रांत के हिसाब से आयोजित किया जाता है। सह सरसंघचालक 13 जून को शिक्षा वर्ग के समापन अवसर पर आयोजित होने वाले सम्मेलन में सभी वर्गों के प्रशिक्षुओं को एक साथ संबोधित करेंगे। इससे पूर्व कानपुर पहुंचने पर सह सरसंघचालक ने संघ पदाधिकारियों से भी मुलाकात की।