उपलब्धि: कानपुर में बनेंगे रासायनिक और परमाणु हमले से बचाने वाले सूट, दो किलो होगा वजन…ये होंगी खासियतें
Kanpur News: कानपुर की आयुध पैराशूट निर्माणी में सेना के लिए एक दो किलोग्राम का विशेष सूट बनाया जाएगा, जो जवानों को रासायनिक और परमाणु हमलों से बचाएगा। यह सूट अग्निरोधी है, 10 साल तक चलेगा और आत्मनिर्भर भारत अभियान में एक बड़ी उपलब्धि है।
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कानपुर में ग्लाइडर्स इंडिया लिमिटेड (जीआईएल) की इकाई आयुध पैराशूट निर्माणी (ओपीएफ) में सेना के जवानों को रासायनिक और परमाणु हमले से बचाने के लिए खास सूट बनाया जाएगा। दो किलोग्राम वजन वाले सूट को जवान माइनस पांच से 50 डिग्री तापमान में इस्तेमाल कर सकेंगे। इस सूट की छह बार धुलाई भी की जा सकेगी और यह 10 साल तक काम करेगा।
लाइसेंस फॉर एग्रीमेंट ऑफ ऑफ टेक्नोलॉजी की प्रक्रिया पूरी हो गई है। जल्द ही सैंपल भेजा जाएगा, इसके बाद ट्रायल शुरू होगा। सूट की खासियत है कि इसे एक्टिवेटेड कार्बन फैब्रिक की नई तकनीक पर विकसित किया गया है। इयह सूट सक्रिय कार्बन पाउडर, बीड्स और उच्च तापमान के लिए उपयुक्त स्फीयर लेपित कपड़े से बने हैं। सूट डांगरी डिजाइन पर आधारित है।
चार नापों में उपलब्ध होगा सूट
इसे बनाने में शारीरिक आराम, बेहतर स्थिरता और रखरखाव पर काफी काम किया जाएगा। दो किलो का यह सूट चार नापों छोटा, मध्यम, बड़ा और अतिरिक्त बड़ा में उपलब्ध होगा। रासायनिक और परमाणु हमले के दौरान यह जवानों को सुरक्षा प्रदान कर सकेगा। इससे पहले के सूट तीन से चार किलो के हैं। अभी ओपीएफ में एनबीसी सूट मार्क चार का उत्पादन होता है।
सूट अग्निरोधी होने के साथ हल्के परमाणु हमले में भी कारगर
अब इसे मार्क 6 नाम दिया गया है। इसका कार्यात्मक परीक्षण नीदरलैंड्स ऑर्गेनाइजेशन फॉर एप्लाइड साइंटिफिक रिसर्च (टीएनओ) से कराया गया है। डीआरडीओ की विंग डीएमएसआरडीई ने सक्रिय कार्बन फैब्रिक आधारित रासायनिक सुरक्षात्मक सूट की तकनीक विकसित की थी। यह सूट अग्निरोधी होने के साथ जैविक और हल्के परमाणु हमले के दौरान भी कारगर साबित होगा।
आत्मनिर्भर अभियान की दिशा में यह बड़ी कामयाबी होगी। इस तरह के सूट केवल विकसित देशों की सेनाओं के पास हैं। डीआरडीओ की रिसर्च लैब रक्षा सामग्री एवं भंडार अनुसंधान और विकास स्थापना (डीएमएसआरडीई), कानपुर से लाइसेंस एग्रीमेंट फॉर ट्रांसफर ऑफ टेक्नोलॉजी मिला है। सूट का सैंपल लैब में भेजा जाएगा इसके बाद ट्रायल होगा। जीआईएल के लिए यह बड़ी उपलब्धि है। -एमसी बालासुब्रमणियम, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, जीआईएल
सूट की खासियत
- पैरामीटरः सक्रिय कार्बन फैब्रिक (एसीएफ) आधारित सीबीआरएन सूट मार्क 6
- वजन: दो किलोग्राम
- एचडी टाइम: 24 घंटे
- ज्वाला रोधी क्षमता: अग्निरोधी
- गुण: एंटीस्टेटिक
- वाटरप्रूफिंग: पानी व तेल
- धुलाई क्षमता: छह बार
- रंग: डिजिटल प्रिंट
- कार्य जीवन: छह सप्ताह
- सेल्फ लाइफ: 10 वर्ष
- तकनीक: एसीएफ
- डिजाइन/आकार: डांगरी आकार
- कार्यात्मक विशेषताएं: माइनस पांच से 50 डिग्री