{"_id":"58cfbcbe4f1c1bb6681a2622","slug":"suicide-note-was-paste-on-wall-and-girl-missing","type":"story","status":"publish","title_hn":"चार पन्नों का सुसाइड नोट लिखने के बाद लड़की कहां हो गई ‘गायब’","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चार पन्नों का सुसाइड नोट लिखने के बाद लड़की कहां हो गई ‘गायब’
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Mon, 20 Mar 2017 11:12 PM IST
विज्ञापन
डेमो पिक
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कानपुर के काकादेव स्थित एके पाहूजा गर्ल्स हास्टल से उन्नाव निवासी एक नाबालिग छात्रा लापता हो गई। छात्रा ने अपने रूम की अलमारी पर 4 पन्नों का लेटर भी चिपका दिया था। जिस पर पढ़ाई के दबाव में जान देने की बात कही है और साथ ही कान की बाली भी उसने लेटर के साथ नत्थी कर दी थी। हास्टल पहुंचे छात्रा के परिजनों ने संचालक पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है। मौके पर फारेंसिक टीम और कल्याणपुर पुलिस भी पहुंची। कल्याणपुर इंस्पेक्टर ने बताया कि कुछ लोगों से पूछताछ की जा रही है। जल्द ही छात्रा का पता लगाया जाएगा।
काकादेव में डॉ. एके पाहूजा का नीचे क्लीनिक है और ऊपर हॉस्टल है। जिसमें उन्नाव के कृष्णानगर निवासी 17 वर्षीय छात्रा रहकर आईआईटी की कोचिंग करती थी। रविवार रात 8 बजे छात्रा अपनी रूममेट से मामा और भाई के साथ कहीं जाने की बात कहकर निकली थी। रविवार सुबह रूममेट ने अलमारी में एक लेटर चिपका हुआ देखा। जिसमें छात्रा ने आत्महत्या करने की बात लिखी थी। साथ ही लेटर में अपनी कान की बाली भी टेप से चिपका दी थी। जिसकी सूचना हास्टल संचालक डॉ. एके पाहूजा को दी गई। जिसके बाद पुलिस और परिजनों को सूचना दी गई। सूचना पर पहुंचे परिजनों ने बताया कि उनकी बेटी एक साल से हॉस्टल में रह रही थी। परिजनों ने संचालक पर लापरवाही करने का आरोप लगाया है।
ये लिखा है लेटर में
छात्रा ने लेटर में लिखा कि ‘मेरी मां दुनिया की सबसे अच्छी मां है। मैं दुनिया की सबसे बेकार बच्ची हूं। मैं आईआईटी एग्जाम नहीं क्रॉस कर पाऊंगी। मुझे इंजीनियरिंग की पढ़ाई बिल्कुल समझ नहीं आती। मैं घरवालों पर बोझ बन गई हूं। घर का रुपया बर्बाद हो रहा है। इसलिए मैं आत्महत्या करना चाहती हूं। मैने रूम पर कई बार फांसी लगाने की कोशिश की पर रूममेट के होने की वजह से मुमकिन नहीं हो पाया। इसलिए मैं घर से बाहर आत्महत्या करने जा रही हूं।’
विज्ञापन
विज्ञापन
काकादेव में डॉ. एके पाहूजा का नीचे क्लीनिक है और ऊपर हॉस्टल है। जिसमें उन्नाव के कृष्णानगर निवासी 17 वर्षीय छात्रा रहकर आईआईटी की कोचिंग करती थी। रविवार रात 8 बजे छात्रा अपनी रूममेट से मामा और भाई के साथ कहीं जाने की बात कहकर निकली थी। रविवार सुबह रूममेट ने अलमारी में एक लेटर चिपका हुआ देखा। जिसमें छात्रा ने आत्महत्या करने की बात लिखी थी। साथ ही लेटर में अपनी कान की बाली भी टेप से चिपका दी थी। जिसकी सूचना हास्टल संचालक डॉ. एके पाहूजा को दी गई। जिसके बाद पुलिस और परिजनों को सूचना दी गई। सूचना पर पहुंचे परिजनों ने बताया कि उनकी बेटी एक साल से हॉस्टल में रह रही थी। परिजनों ने संचालक पर लापरवाही करने का आरोप लगाया है।
विज्ञापन
ये लिखा है लेटर में
छात्रा ने लेटर में लिखा कि ‘मेरी मां दुनिया की सबसे अच्छी मां है। मैं दुनिया की सबसे बेकार बच्ची हूं। मैं आईआईटी एग्जाम नहीं क्रॉस कर पाऊंगी। मुझे इंजीनियरिंग की पढ़ाई बिल्कुल समझ नहीं आती। मैं घरवालों पर बोझ बन गई हूं। घर का रुपया बर्बाद हो रहा है। इसलिए मैं आत्महत्या करना चाहती हूं। मैने रूम पर कई बार फांसी लगाने की कोशिश की पर रूममेट के होने की वजह से मुमकिन नहीं हो पाया। इसलिए मैं घर से बाहर आत्महत्या करने जा रही हूं।’
विज्ञापन