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सुभाषिनी बनी पोलित ब्यूरो की सदस्य
अमर उजाला कानपुर
Updated Mon, 20 Apr 2015 01:29 AM IST
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कानपुर। आल इंडिया डेमोक्रेटिक वुमेंस एसोसिएशन (एडवा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष और कानपुर नगर से पूर्व सांसद सुभाषिनी अली को कम्युनिस्ट पार्टी आफ इंडिया (मार्क्ससिस्ट) के पोलित ब्यूरो का सदस्य बनाया गया है। यह पार्टी की सबसे पॉवर फुल इकाई होती है, जिसमें 21 सदस्यों को रखा गया है। यह पहला मौका है, जब सुभाषिनी को माकपा पोलित ब्यूरो का सदस्य बनाया गया है। इससे पहले वह माकपा के सदस्य के तौर पर काम करती रही हैं।
शहर की रहने वाली सुभाषिनी अली ने 1989 में सांसद बनीं। उन्होंने कानपुर नगर से चुनाव लड़ा और भाजपा के जगतवीर सिंह द्रोण को हराकर लोकसभा का प्रतिनिधित्व किया। 1991 में दोबारा चुनाव हुए, जिसमें सुभाषिनी को हार मिली। बाद में वह फिल्मों से जुड़ीं लेकिन माकपा से जुड़ाव बना रहा। वह सदस्य के तौर पर काम करती रहीं। इसका ईनाम रविवार को मिला है। माकपा में नेतृत्व परिवर्तन के साथ ही सुभाषिनी का कद भी बढ़ गया है। अब वह सबसे पॉवर फुल इकाई पोलित ब्यूरो की सदस्य हैं। बताते चलें कि इससे पहले एडवा का सम्मेलन कानपुर में हुआ था, जिसमें वृंदा करात की जगह सुभाषिनी को अध्यक्ष बनाया गया। वह इस पद पर अब भी काम कर रही हैं। रविवार को माकपा में नेतृत्व परिवर्तन हुआ। प्रकाश करात की जगह सीताराम येचुरी को महासचिव चुना गया है। सीताराम येचुरी की टीम में सुभाषिनी अली को जगह मिली है। पोलित ब्यूरो में 21 सदस्य हैं लेकिन सुभाषिनी सहित चार नाम ऐसे हैं, जिन्हें पहली बार पोलित ब्यूरो में जगह मिली है।
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शहर की रहने वाली सुभाषिनी अली ने 1989 में सांसद बनीं। उन्होंने कानपुर नगर से चुनाव लड़ा और भाजपा के जगतवीर सिंह द्रोण को हराकर लोकसभा का प्रतिनिधित्व किया। 1991 में दोबारा चुनाव हुए, जिसमें सुभाषिनी को हार मिली। बाद में वह फिल्मों से जुड़ीं लेकिन माकपा से जुड़ाव बना रहा। वह सदस्य के तौर पर काम करती रहीं। इसका ईनाम रविवार को मिला है। माकपा में नेतृत्व परिवर्तन के साथ ही सुभाषिनी का कद भी बढ़ गया है। अब वह सबसे पॉवर फुल इकाई पोलित ब्यूरो की सदस्य हैं। बताते चलें कि इससे पहले एडवा का सम्मेलन कानपुर में हुआ था, जिसमें वृंदा करात की जगह सुभाषिनी को अध्यक्ष बनाया गया। वह इस पद पर अब भी काम कर रही हैं। रविवार को माकपा में नेतृत्व परिवर्तन हुआ। प्रकाश करात की जगह सीताराम येचुरी को महासचिव चुना गया है। सीताराम येचुरी की टीम में सुभाषिनी अली को जगह मिली है। पोलित ब्यूरो में 21 सदस्य हैं लेकिन सुभाषिनी सहित चार नाम ऐसे हैं, जिन्हें पहली बार पोलित ब्यूरो में जगह मिली है।
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