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Kanpur News: निपुण परिषदीय विद्यालय के छात्रों का वर्ष में दो बार होगा मूल्यांकन
Sat, 28 Jun 2025 12:08 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Sat, 28 Jun 2025 12:08 AM IST
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कानपुर देहात। परिषदीय स्कूलों में कक्षा दो तक छात्रों को निपुण बनाने में इस बार ज्यादा जोर दिया जा रहा है। अब निपुण विद्यालयों का साल में दो बार मूल्यांकन करने की योजना है। यह मूल्यांकन डायट स्तर पर प्रशिक्षण प्राप्त डीएलएड प्रशिक्षुओं से कराया जाएगा। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि कक्षा दो तक के छात्र पढ़ने, समझने व गणना करने में दक्ष हो सकें।
महानिदेशक स्कूल शिक्षा निदेशक ने इस संबंध में बेसिक शिक्षा अधिकारी और जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) को भेज निर्देश दिए गए हैं। यह मूल्यांकन कार्य दिसंबर और फरवरी माह में कराया जाए। इसके साथ उन्होंने कहा कि विद्यालयों में पाठ्यपुस्तक के साथ वर्क बुक, मैथ्स चार्ट और भाषा किट का उपयोग करते हुए छात्र-छात्राओं में तर्क, अनुमान की क्षमता को विकसित किया जाएगा।
इसके लिए सभी परिषदीय प्राथमिक और कंपोजिट विद्यालयों को निपुण विद्यालय के रूप में विकसित करने के लिए वार्षिक लक्ष्य तय कर दिए गए हैं। प्रत्येक स्कूल में न्यूनतम 80 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य रहेगी। कक्षा व विषयवार पाठ्यक्रम को हर महीने पूरा करना होगा। सभी खंड शिक्षा अधिकारी अपने क्षेत्र के एक स्कूल को आदर्श विद्यालय के रूप में विकसित करेंगे।
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वहीं, एआरपी को अपने विकास खंड के 10 स्कूल में मिशन के उद्देश्यों को लागू करना होगा। जबकि एसआरजी, शिक्षक संकुल व पूर्व में एआरपी पद पर कार्यरत शिक्षक अपने मूल विद्यालय में उद्देश्यों को लागू करेंगे। शिक्षकों को प्रशिक्षण के अनुसार शिक्षण पद्धतियों को कक्षा में अपनाने, छात्रों की प्रगति का सतत आकलन करने व रेमेडियल क्लासेस चलाने की जिम्मेदारी दी गई है।
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वर्जन...........
महानिदेशक स्कूल शिक्षा के मिले पत्र से सभी खंड शिक्षा अधिकारियों सहित शिक्षकों को अवगत करा दिया गया है। निर्देश के अनुसार कार्रवाई शुरू कर दी गई है। - अजय कुमार मिश्र, बीएसए, कानपुर देहात
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महानिदेशक स्कूल शिक्षा निदेशक ने इस संबंध में बेसिक शिक्षा अधिकारी और जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) को भेज निर्देश दिए गए हैं। यह मूल्यांकन कार्य दिसंबर और फरवरी माह में कराया जाए। इसके साथ उन्होंने कहा कि विद्यालयों में पाठ्यपुस्तक के साथ वर्क बुक, मैथ्स चार्ट और भाषा किट का उपयोग करते हुए छात्र-छात्राओं में तर्क, अनुमान की क्षमता को विकसित किया जाएगा।
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इसके लिए सभी परिषदीय प्राथमिक और कंपोजिट विद्यालयों को निपुण विद्यालय के रूप में विकसित करने के लिए वार्षिक लक्ष्य तय कर दिए गए हैं। प्रत्येक स्कूल में न्यूनतम 80 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य रहेगी। कक्षा व विषयवार पाठ्यक्रम को हर महीने पूरा करना होगा। सभी खंड शिक्षा अधिकारी अपने क्षेत्र के एक स्कूल को आदर्श विद्यालय के रूप में विकसित करेंगे।
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वहीं, एआरपी को अपने विकास खंड के 10 स्कूल में मिशन के उद्देश्यों को लागू करना होगा। जबकि एसआरजी, शिक्षक संकुल व पूर्व में एआरपी पद पर कार्यरत शिक्षक अपने मूल विद्यालय में उद्देश्यों को लागू करेंगे। शिक्षकों को प्रशिक्षण के अनुसार शिक्षण पद्धतियों को कक्षा में अपनाने, छात्रों की प्रगति का सतत आकलन करने व रेमेडियल क्लासेस चलाने की जिम्मेदारी दी गई है।
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वर्जन...........
महानिदेशक स्कूल शिक्षा के मिले पत्र से सभी खंड शिक्षा अधिकारियों सहित शिक्षकों को अवगत करा दिया गया है। निर्देश के अनुसार कार्रवाई शुरू कर दी गई है। - अजय कुमार मिश्र, बीएसए, कानपुर देहात