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GAY Dating App: आए थे डॉक्टर और इंजीनियर बनने, बिगड़ैल आदतों ने बना दिया अपराधी; खाकी पहनकर गांठते थे रौब
Wed, 09 Aug 2023 10:34 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर
अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर
Published by: शाहरुख खान
Updated Wed, 09 Aug 2023 10:34 AM IST
सार
गे-डेटिंग एप का इस्तेमाल कर लोगों से समलैंगिक संबंध बनाने और फिर उनसे रुपये ऐंठने, लूटने वाले गिरोह के सभी सदस्य अच्छे और संभ्रांत परिवार से ताल्लुक रखते हैं। पकड़े गए आरोपी कानपुर में प्रतियोगी परीक्षाओं, इंजीनियरिंग और मेडिकल की तैयारी करने आए थे, लेकिन बिगड़ैल आदतों के चलते अपराध की राह पकड़ ली।
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- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कानपुर के कल्याणपुर थाना पुलिस ने गे-डेटिंग एप के माध्यम से समलैंगिक युवकों को फंसाकर उन्हें ब्लैकमेल करने वाले गिरोह के छह सदस्यों को गिरफ्तार किया है। उनके जाल में फंसे दो युवकों ने हिम्मत कर पुलिस से शिकायत की थी, जिसके बाद पुलिस ने गिरोह का भंडाफोड़ किया।
मंगलवार को एडीसीपी वेस्ट लाखन यादव ने यूनिवर्सिटी परिसर स्थित अपने कार्यालय में पत्रकारवार्ता में बताया कि इस तरह की ठगी का यूपी में पहला मामला सामने आया है। कानपुर में पढ़ाई करने आए छह छात्रों के गिरोह ने गे-डेटिंग एप का इस्तेमाल करके सैकड़ों युवकों को अपना शिकार बनाकर लाखों रुपये ठगे हैं।
ये छात्र डेटिंग एप पर अप्वाइंटमेंट लेकर मिलने आने वाले लोगों से पहले संबंध बनाते थे, फिर गिरोह के साथ मिलकर उन्हें मार-पीटकर लूट लेते थे। इसके बाद उनका अश्लील वीडियो बनाकर उसे वायरल करने की धमकी देकर उगाही करते रहते थे।
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इनका शिकार हुए दो युवकों ने जब काफी रकम गंवा दी तो आरोपियों से पीछा छुड़ाने के लिए पुलिस से संपर्क साधा। पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल नंबरों के आधार पर उन्हें ट्रेस करने के बाद गिरफ्तार कर लिया।
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मंगलवार को एडीसीपी वेस्ट लाखन यादव ने यूनिवर्सिटी परिसर स्थित अपने कार्यालय में पत्रकारवार्ता में बताया कि इस तरह की ठगी का यूपी में पहला मामला सामने आया है। कानपुर में पढ़ाई करने आए छह छात्रों के गिरोह ने गे-डेटिंग एप का इस्तेमाल करके सैकड़ों युवकों को अपना शिकार बनाकर लाखों रुपये ठगे हैं।
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ये छात्र डेटिंग एप पर अप्वाइंटमेंट लेकर मिलने आने वाले लोगों से पहले संबंध बनाते थे, फिर गिरोह के साथ मिलकर उन्हें मार-पीटकर लूट लेते थे। इसके बाद उनका अश्लील वीडियो बनाकर उसे वायरल करने की धमकी देकर उगाही करते रहते थे।
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इनका शिकार हुए दो युवकों ने जब काफी रकम गंवा दी तो आरोपियों से पीछा छुड़ाने के लिए पुलिस से संपर्क साधा। पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल नंबरों के आधार पर उन्हें ट्रेस करने के बाद गिरफ्तार कर लिया।
आए थे डॉक्टर और इंजीनियर बनने, बुरी आदतों ने बना दिया अपराधी
गे-डेटिंग एप का इस्तेमाल कर लोगों से समलैंगिक संबंध बनाने और फिर उनसे रुपये ऐंठने, लूटने वाले गिरोह के सभी सदस्य अच्छे और संभ्रांत परिवार से ताल्लुक रखते हैं। पकड़े गए आरोपी कानपुर में प्रतियोगी परीक्षाओं, इंजीनियरिंग और मेडिकल की तैयारी करने आए थे, लेकिन बिगड़ैल आदतों के चलते अपराध की राह पकड़ ली।
गे-डेटिंग एप का इस्तेमाल कर लोगों से समलैंगिक संबंध बनाने और फिर उनसे रुपये ऐंठने, लूटने वाले गिरोह के सभी सदस्य अच्छे और संभ्रांत परिवार से ताल्लुक रखते हैं। पकड़े गए आरोपी कानपुर में प्रतियोगी परीक्षाओं, इंजीनियरिंग और मेडिकल की तैयारी करने आए थे, लेकिन बिगड़ैल आदतों के चलते अपराध की राह पकड़ ली।
इसके बाद लोगों को अपना शिकार बनाने लगे। यही नहीं पुलिस जांच में पता चला कि गिरोह के सदस्य पीड़ितों को पुलिसकर्मी बनाकर धमकी भी देते थे। एडिशनल डीसीपी ने बताया कि जालौन के कालपी के बैरी निवासी गैंग का सरगना दिलीप सिंह रेलवे में कोच अटेंडेंट है। वह एक प्रतिष्ठित कोचिंग से तैयारी भी कर रहा है।
वहीं कानपुर देहात के राजपुर निवासी प्रवीण कुमार एक निजी संस्थान से पालीटेक्निक द्वितीय वर्ष का छात्र है। राजपुर निवासी बृजेंद्र सिंह एसएससी की तैयारी कर रहा है। कालपी का विपिन सिंह भी एसएससी की तैयारी कर रहा था।
महोबा स्थित आल्हा चौकी निवासी अमन राजपूत एसएससी की तैयारी कर रहा है। मैनपुरी के भोगांव निवासी पवन कुमार मेडिकल से जुड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था। पकड़े गए आरोपियों में अधिकतर नशे के आदी हैं। इसके अलावा महिला मित्रों पर भी बेहिसाब रुपये खर्च करते हैं।
गिरोह के चंगुल में फंसे पांच पीड़ितों ने सुनाई दास्तान
एडिशनल डीसीपी ने बताया कि गिरोह के शिकार पांच पीड़ित उनके पास पहुंचे थे। तीन से समलैंगिक संबंध बनाने और दो से जमीन और फ्लैट दिखाने के बहाने लूटपाट की गई थी। इसके बाद मारपीट करके जबरन निर्वस्त्र वीडियो बनाए गए थे। पीड़ितों की शिकायत के बाद हरकत में आई पुलिस सोमवार रात काकादेव और कल्याणपुर में छापा मारकर सरगना समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए आरोपी 19 से 22 वर्ष के बीच के हैं।
एडिशनल डीसीपी ने बताया कि गिरोह के शिकार पांच पीड़ित उनके पास पहुंचे थे। तीन से समलैंगिक संबंध बनाने और दो से जमीन और फ्लैट दिखाने के बहाने लूटपाट की गई थी। इसके बाद मारपीट करके जबरन निर्वस्त्र वीडियो बनाए गए थे। पीड़ितों की शिकायत के बाद हरकत में आई पुलिस सोमवार रात काकादेव और कल्याणपुर में छापा मारकर सरगना समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए आरोपी 19 से 22 वर्ष के बीच के हैं।
गिरोह के सरगना ने दीपक नाम से बनाई थी आईडी
गिरोह के सरगना दिलीप सिंह ने चार माह पहले गे डेटिंग एप ब्लूड पर दीपक नाम की आईडी से पंजीकरण कराया था। इसके अलावा गिरोह के सदस्या सोशल मीडिया के अन्य संसाधनों के जरिये लोगों को किसी न किसी बहाने सुनसान स्थान पर बुलाकर लूटपाट करते थे। इस दौरान निर्वस्त्र करके वीडियो भी बनाए जाते, जिससे पीड़ित को ब्लैकमेल किया जा सके और वह पुलिस में भी शिकायत न करे। दिलीप ने पूछताछ में बताया कि वह पिछले चार माह में एक दर्जन से अधिक लोगों को शिकार बना चुका है।
गिरोह के सरगना दिलीप सिंह ने चार माह पहले गे डेटिंग एप ब्लूड पर दीपक नाम की आईडी से पंजीकरण कराया था। इसके अलावा गिरोह के सदस्या सोशल मीडिया के अन्य संसाधनों के जरिये लोगों को किसी न किसी बहाने सुनसान स्थान पर बुलाकर लूटपाट करते थे। इस दौरान निर्वस्त्र करके वीडियो भी बनाए जाते, जिससे पीड़ित को ब्लैकमेल किया जा सके और वह पुलिस में भी शिकायत न करे। दिलीप ने पूछताछ में बताया कि वह पिछले चार माह में एक दर्जन से अधिक लोगों को शिकार बना चुका है।
शौक पूरे करने के लिए छात्रों ने बनाया गिरोह
पुलिस की जांच पता चला कि पकड़े गए आरोपी कानपुर देहात के राजपुर निवासी बृजेंद्र सिंह (19), कानपुर देहात राजपुर निवासी प्रवीन सिंह (20), जालौन के कालपी गांव बैरी निवासी दिलीप उर्फ प्रद्युम्न सिंह (21), महोबा के गांधीनगर निवासी अरुण राजपूत (22), जालौन के कालपी बैरी गांव निवासी विपिन सिंह (21), मैनपुरी के भाेगांव रूई निवासी पवन कुमार (22) हैं। ये सभी अच्छे और संभ्रांत परिवार से ताल्लुक रखते हैं। कानपुर में पढ़ाई करने के लिए आए थे। अपनी बिगड़ैल आदतों के चलते शौक पूरा करने के लिए गिरोह बनाकर अपराध करने लगे।
पुलिस की जांच पता चला कि पकड़े गए आरोपी कानपुर देहात के राजपुर निवासी बृजेंद्र सिंह (19), कानपुर देहात राजपुर निवासी प्रवीन सिंह (20), जालौन के कालपी गांव बैरी निवासी दिलीप उर्फ प्रद्युम्न सिंह (21), महोबा के गांधीनगर निवासी अरुण राजपूत (22), जालौन के कालपी बैरी गांव निवासी विपिन सिंह (21), मैनपुरी के भाेगांव रूई निवासी पवन कुमार (22) हैं। ये सभी अच्छे और संभ्रांत परिवार से ताल्लुक रखते हैं। कानपुर में पढ़ाई करने के लिए आए थे। अपनी बिगड़ैल आदतों के चलते शौक पूरा करने के लिए गिरोह बनाकर अपराध करने लगे।