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UP: छात्रा को डिजिटल अरेस्ट कर 21.28 लाख की ठगी... पीड़िता ने पहले दी तहरीर, फिर ले ली वापस
Mon, 25 Nov 2024 11:16 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर
अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर
Published by: शाहरुख खान
Updated Mon, 25 Nov 2024 11:16 AM IST
सार
कानपुर में छात्रा को डिजिटल अरेस्ट कर 21.28 लाख की ठगी का मामला सामने आया है। ठगों ने उच्च शिक्षण संस्थान की स्टूडेंट को शिकार बनाया। पीड़िता ने साइबर सेल को तहरीर देकर वापस ले ली। फिर भी जांच हो रही है।
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(प्रतीकात्मक तस्वीर)
- फोटो : ANI
विस्तार
देश और प्रदेश स्तर पर चलाए जा रहे जागरुकता अभियान के बाद लोग साइबर ठगी का शिकार हो रहे हैं। शहर में रहकर उच्च शिक्षा प्राप्त कर रही एक युवती को साइबर ठगों ने डिजिटल अरेस्ट कर 21 लाख 28 हजार रुपयों की ठगी कर ली। पहले तो युवती ने तहरीर दी, लेकिन बाद में वापस ले ली। फिर भी साइबर सेल मामले की जांच कर रही है।
शहर में पढ़ाई कर रही कोलकाता की रहने वाली युवती के पास बीते अक्टूबर महीने में एक नंबर से फोन आया। फोन करने वाले ने कोर्ट में चल रहे मुकदमा में गिरफ्तारी वारंट जारी होने व बचने के लिए फोन न रखने की बात कही।
साथ ही उसके मोबाइल नंबर पर गिरफ्तारी वारंट भेज दिया। गंभीर मुकदमा बताकर साइबर ठगों ने उसे इस कदर डराया कि वह किसी को काल के बारे में जानकारी भी नहीं दे सकीं। साइबर ठगों ने किसी भी परिचित, रिश्तेदार और दोस्त को बताने से मना किया था।
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धमकी दी थी कि जांच चल रही है, आप सहयोग करेंगी तो बच जाएंगी, वरना जेल जाना पड़ेगा। 10 दिनों में साइबर ठगों ने युवती से 21 लाख 28 हजार रुपये अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर करवा लिए। साइबर ठग जब और रुपये मांगने लगे तो उन्होंने साइबर सेल को सूचना दी लेकिन फिर वापस ले ली। साइबर सेल ने उन्हें काफी समझाने की कोशिश भी की, लेकिन वह नहीं मानी।
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शहर में पढ़ाई कर रही कोलकाता की रहने वाली युवती के पास बीते अक्टूबर महीने में एक नंबर से फोन आया। फोन करने वाले ने कोर्ट में चल रहे मुकदमा में गिरफ्तारी वारंट जारी होने व बचने के लिए फोन न रखने की बात कही।
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साथ ही उसके मोबाइल नंबर पर गिरफ्तारी वारंट भेज दिया। गंभीर मुकदमा बताकर साइबर ठगों ने उसे इस कदर डराया कि वह किसी को काल के बारे में जानकारी भी नहीं दे सकीं। साइबर ठगों ने किसी भी परिचित, रिश्तेदार और दोस्त को बताने से मना किया था।
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धमकी दी थी कि जांच चल रही है, आप सहयोग करेंगी तो बच जाएंगी, वरना जेल जाना पड़ेगा। 10 दिनों में साइबर ठगों ने युवती से 21 लाख 28 हजार रुपये अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर करवा लिए। साइबर ठग जब और रुपये मांगने लगे तो उन्होंने साइबर सेल को सूचना दी लेकिन फिर वापस ले ली। साइबर सेल ने उन्हें काफी समझाने की कोशिश भी की, लेकिन वह नहीं मानी।
ध्यान रखें, फोन कर पैसा नहीं मांगती कोई भी जांच एजेंसी
कोई भी एजेंसी जांच के नाम पर पैसा नहीं मांग सकती। सभी को यह ध्यान रखना चाहिए कि जहां भी पैसा मांगने की बात सामने आए, तो समझिए आपको ठगा जा रहा है। सबसे पहले अपने परिजन, परिचितों और रिश्तेदारों को सूचना दीजिए। इसके बाद पुलिस अथवा साइबर सेल को सूचना दें। थोड़ी सी सतर्कता से आपकी गाढ़ी कमाई के रुपये बच जाएंगे। - मोहसिन खान, एसीपी साइबर सेल
कोई भी एजेंसी जांच के नाम पर पैसा नहीं मांग सकती। सभी को यह ध्यान रखना चाहिए कि जहां भी पैसा मांगने की बात सामने आए, तो समझिए आपको ठगा जा रहा है। सबसे पहले अपने परिजन, परिचितों और रिश्तेदारों को सूचना दीजिए। इसके बाद पुलिस अथवा साइबर सेल को सूचना दें। थोड़ी सी सतर्कता से आपकी गाढ़ी कमाई के रुपये बच जाएंगे। - मोहसिन खान, एसीपी साइबर सेल