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Kanpur News: दौड़ा शेयर बाजार, निवेशकों के पोर्टफोलियो में 3,000 करोड़ की वृद्धि
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कानपुर। भारत और अमेरिका के बीच बहुप्रतीक्षित ट्रेड डील पर अनिश्चितता के बादल छंटने के बाद शेयर बाजार में मंगलवार को जबरदस्त उछाल देखा गया। सोमवार रात हुई इस घोषणा का असर मंगलवार सुबह बाजार खुलते ही दिखने लगा। निफ्टी करीब 1200 अंक और सेंसेक्स 4000 अंक ऊपर खुला। निवेशकों और शहर के शेयर ब्रोकर्स के चेहरों पर खुशी की लहर दौड़ गई। सेंसेक्स ने 85,871.73 और निफ्टी ने 26,341.20 का उच्चतम स्तर छुआ। इस कारण निवेशकों के पोर्टफोलियो में तीन हजार करोड़ की वृद्धि का अनुमान है।
शेयर बाजार में यह तेजी केवल बड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं रही बल्कि मिड-कैप और स्मॉल-कैप शेयरों में भी व्यापक खरीदारी हुई। इस चौतरफा खरीदारी का सकारात्मक प्रभाव म्यूचुअल फंडों और यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान (यूलिप) पर भी स्वाभाविक रूप से पड़ेगा। केश्री ब्रोकिंग के सह-संस्थापक राजीव सिंह ने बताया कि टैरिफ में कमी से फार्मा और हेल्थकेयर कंपनियों को सीधा लाभ होने की उम्मीद है। झींगा और सीफूड निर्यात को भी नई गति मिलेगी। टेक्सटाइल, ऑटो और मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर की कंपनियों के लिए यह डील नए ऑर्डर और बेहतर निर्यात के अवसर पैदा कर सकती है। कैपिटल गुड्स और डिफेंस सेक्टर के लिए भी यह समझौता दीर्घकालिक रूप से सकारात्मक माना जा रहा है। भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों के मजबूत होने से आईटी सेक्टर को भी लाभ मिलना तय है। बजट के बाद यह ट्रेड डील बाजार में नई ऊर्जा भरेगी और आने वाले समय में निवेशकों का भरोसा और मजबूत कर सकती है।
फ्यूचर और ऑप्शन ट्रेडर्स के लिए चुनौती
इस ऐतिहासिक तेजी से सभी ट्रेडर और निवेशक लाभ में नहीं हैं। जिन्होंने फ्यूचर एंड ऑप्शन में शॉर्ट पोजीशन ले रखी थी, उनके लिए मुसीबत खड़ी हो गई है। यदि समय रहते सौदे नहीं काटे गए तो बाजार में वृद्धि के साथ उनका नुकसान भी बढ़ता जाएगा।
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शेयर बाजार में यह तेजी केवल बड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं रही बल्कि मिड-कैप और स्मॉल-कैप शेयरों में भी व्यापक खरीदारी हुई। इस चौतरफा खरीदारी का सकारात्मक प्रभाव म्यूचुअल फंडों और यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान (यूलिप) पर भी स्वाभाविक रूप से पड़ेगा। केश्री ब्रोकिंग के सह-संस्थापक राजीव सिंह ने बताया कि टैरिफ में कमी से फार्मा और हेल्थकेयर कंपनियों को सीधा लाभ होने की उम्मीद है। झींगा और सीफूड निर्यात को भी नई गति मिलेगी। टेक्सटाइल, ऑटो और मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर की कंपनियों के लिए यह डील नए ऑर्डर और बेहतर निर्यात के अवसर पैदा कर सकती है। कैपिटल गुड्स और डिफेंस सेक्टर के लिए भी यह समझौता दीर्घकालिक रूप से सकारात्मक माना जा रहा है। भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों के मजबूत होने से आईटी सेक्टर को भी लाभ मिलना तय है। बजट के बाद यह ट्रेड डील बाजार में नई ऊर्जा भरेगी और आने वाले समय में निवेशकों का भरोसा और मजबूत कर सकती है।
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फ्यूचर और ऑप्शन ट्रेडर्स के लिए चुनौती
इस ऐतिहासिक तेजी से सभी ट्रेडर और निवेशक लाभ में नहीं हैं। जिन्होंने फ्यूचर एंड ऑप्शन में शॉर्ट पोजीशन ले रखी थी, उनके लिए मुसीबत खड़ी हो गई है। यदि समय रहते सौदे नहीं काटे गए तो बाजार में वृद्धि के साथ उनका नुकसान भी बढ़ता जाएगा।
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