{"_id":"581e1e614f1c1b452b435c77","slug":"stitch-laser-soldering-operation","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्टिच लेस सर्जरी से ऑपरेशन के बाद टांका लगाने की जरूरत नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्टिच लेस सर्जरी से ऑपरेशन के बाद टांका लगाने की जरूरत नहीं
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Sat, 05 Nov 2016 11:31 PM IST
विज्ञापन
रीढ़ की हड्डी के डिस्क में दबाव के कारण ऐसा दर्द उभरता है
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कानपुर के इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) की ओर से शनिवार को हुई सीएमई में कमर दर्द, पैर दर्द, पैर में झनझनाहट के कारणों पर चर्चा हुई। डॉक्टरों ने बताया कि रीढ़ की हड्डी के डिस्क में दबाव के कारण ऐसा दर्द उभरता है। पहले रीढ़ की हड्डी में बड़ा चीरा लगाकर ऑपरेशन किया जाता था। अब मरीज को राहत देने के लिए अत्याधुनिक विधि से सर्जरी शुरू हो गई है। इसमें कुछ सेंटीमीटर का चीरा लगाया जाता है। मर्चेंट चेंबर में आईएमए अध्यक्ष डॉ. प्रवीन कटियार और सचिव डॉ. राहुल मिश्र ने कहा कि अब स्टिच लेस सर्जरी कानपुर में भी शुरू हो गई है। पहले इस तरह की सर्जरी के लिए मरीजों को दिल्ली, मुंबई, बंगलुरू या पुणे जैसे शहरों में जाना पड़ता था।
मुख्य वक्ता डॉ. अमित ने कहा कि स्टिच लेस सर्जरी के दौरान मरीज पूरी तरह होश में रहता है। ऑपरेशन के समय मरीज पैर भी चला सकता है। ऑपरेशन के बाद टांका नहीं लगाना पड़ता है। ऑपरेशन के अगले दिन मरीज घर जा सकता है। सीएमई के चेयरपर्सन डॉ. आईएन बाजपेई और डॉ. एके गुप्ता रहे।
विज्ञापन
मुख्य वक्ता डॉ. अमित ने कहा कि स्टिच लेस सर्जरी के दौरान मरीज पूरी तरह होश में रहता है। ऑपरेशन के समय मरीज पैर भी चला सकता है। ऑपरेशन के बाद टांका नहीं लगाना पड़ता है। ऑपरेशन के अगले दिन मरीज घर जा सकता है। सीएमई के चेयरपर्सन डॉ. आईएन बाजपेई और डॉ. एके गुप्ता रहे।
विज्ञापन