Kanpur STF Action: भारत-नेपाल सीमा से जुड़े ड्रग्स रैकेट का भंडाफोड़, 20 लाख की चरस के साथ दो तस्कर गिरफ्तार
Kanpur News: एसटीएफ ने कानपुर के बर्रा क्षेत्र से गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से 4.057 किलोग्राम चरस बरामद हुई, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 20 लाख रुपये आंकी गई है। पूछताछ में नेपाल और बिहार के रास्ते उत्तर प्रदेश में सप्लाई नेटवर्क का खुलासा हुआ।
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स्पेशल टास्क फोर्स को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अवैध मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले एक बड़े नेटवर्क को ध्वस्त करने में बड़ी सफलता हाथ लगी है। एसटीएफ की टीम ने सोमवार को कानपुर नगर के बर्रा थाना क्षेत्र से इस गिरोह के 02 शातिर सदस्यों को गिरफ्तार किया है।
पकड़े गए तस्करों के पास से 4.057 किलोग्राम अवैध चरस बरामद की गई है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 20 लाख रुपये आंकी जा रही है। यह गिरोह भारत-नेपाल सीमावर्ती क्षेत्रों से ड्रग्स की बड़ी खेप लाकर उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में सप्लाई करता था। एसटीएफ ने आरोपियों के पास से नकदी और पहचान पत्रों के साथ मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं।
कर्नलगंज के रहने वाले हैं दोनों तस्कर
एसटीएफ से मिली जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार किए गए तस्करों की पहचान मोहम्मद शारिक पुत्र शब्बीर आलम और रियाज खान पुत्र सिराजुद्दीन के रूप में हुई है। ये दोनों आरोपी कानपुर नगर के कर्नलगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत 101/42 हाता गम्मूखां के निवासी हैं।
एसटीएफ की टीम ने इन दोनों को सोमवार दिनांक 20-07-2026 को दोपहर करीब 13:04 बजे बर्रा थाना क्षेत्र के अंतर्गत परम्परा होटल के सामने बने अंडरपास के पास से घेराबंदी करके दबोचा। जामा तलाशी लेने पर इनके पास से 4.057 किलोग्राम चरस के अलावा 02 अदद मोबाइल फोन, 01 अदद पैन कार्ड, 01 अदद आधार कार्ड और 3500 रुपये नकद बरामद हुए।
नेपाल से बिहार के बेतिया होते हुए कानपुर पहुंची थी खेप
एसटीएफ उत्तर प्रदेश को पिछले काफी दिनों से विभिन्न खुफिया माध्यमों से लगातार सूचनाएं मिल रही थीं कि भारत-नेपाल सीमावर्ती क्षेत्र से अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स माफियाओं द्वारा कैरियरों के माध्यम से उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों में चरस की भारी खेप भेजी जा रही है।
इस इनपुट पर कार्रवाई करते हुए अपर पुलिस अधीक्षक एसटीएफ दिनेश कुमार सिंह के पर्यवेक्षण में टीमों को अभिसूचना संकलन के लिए लगाया गया था। सोमवार को सटीक सूचना मिली कि तस्कर नेपाल से चरस लेकर बिहार के बेतिया जिले के रास्ते कानपुर पहुंचने वाले हैं। इसके बाद एसटीएफ के उपनिरीक्षक विद्यासागर, मुख्य आरक्षी जितेंद्र कुमार वर्मा, पवन कुमार गौतम, स्वरूप कुमार पांडेय, आलोक कुमार पांडेय और चालक जैल यादव की टीम ने जाल बिछाया।
एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज, कई वर्षों से थे सक्रिय
कानूनी प्रावधानों का पालन करते हुए पुलिस टीम ने नौबस्ता के सहायक पुलिस उपायुक्त डॉ. अभिषेक राहुल को मौके पर साथ लेकर इस पूरी कार्रवाई को अंजाम दिया और दोनों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि वे एक संगठित गिरोह का हिस्सा हैं जो पिछले कई वर्षों से नेपाल और बिहार से चरस लाकर उत्तर प्रदेश के कानपुर व उसके आसपास के जिलों में ऊंचे दामों पर सप्लाई करता था। बरामद की गई खेप भी वे बिहार के बेतिया से लेकर आए थे।
थाना प्रभारी ने बताया कि पकड़े गए तस्करों के खिलाफ कानपुर के बर्रा थाने में मुकदमा अपराध संख्या 237/2026, धारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट के तहत गंभीर मामला पंजीकृत कराया गया है। आरोपियों को जेल भेजने के साथ ही अब स्थानीय पुलिस और एसटीएफ की टीमें इस गिरोह से जुड़े अन्य तस्करों और मुख्य सप्लायरों का पता लगाने के लिए आगे की वैधानिक कानूनी कार्रवाई में जुट गई हैं।