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हरदोई: गर्भवती की कर दी नसबंदी, महिला ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर दर्ज कराई शिकायत, मांगा मुआवजा
Wed, 15 Jan 2020 05:24 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरदोई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरदोई
Published by: शिखा पांडेय
Updated Wed, 15 Jan 2020 05:24 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : गूगल
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हरदोई जिले के कछौना में विभागीय अधिकारियों की नजरों में खुद को बेहतर साबित करने की कवायद में स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने एक गर्भवती महिला की नसबंदी कर डाली। इसका पता चलने पर अब महिला के पति ने मुख्यमंत्री सहित अलग-अलग अधिकारियों से पूरे मामले की शिकायत कर मुआवजे की मांग की है।
मामला सामने आने के बाद सीएमओ ने जांच कराने की बात भी कही है। कछौना पतसेनी नगर पंचायत क्षेत्र के मोहल्ला ठाकुरगंज निवासी कुसुमा (27) पत्नी उदयवीर की नसबंदी बीती 23 दिसंबर को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में की गई थी।
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मामला सामने आने के बाद सीएमओ ने जांच कराने की बात भी कही है। कछौना पतसेनी नगर पंचायत क्षेत्र के मोहल्ला ठाकुरगंज निवासी कुसुमा (27) पत्नी उदयवीर की नसबंदी बीती 23 दिसंबर को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में की गई थी।
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उदयवीर का दावा है कि उसकी पत्नी कुसुमा ने स्वास्थ्यकर्मियों को अवगत कराया था कि पहले जांच कर लें, अगर वह गर्भवती हो तो नसबंदी न की जाए। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर की गई शिकायत के मुताबिक स्वास्थ्य कर्मियों ने जांच के दौरान गर्भवती न होने की बात कहकर नसबंदी कर दी।
अब उसने फिर से एक प्राइवेट पैथालॉजी में जांच कराई तो पता चला कि वह दो माह से अधिक समय की गर्भवती है। पूरा मामला सामने आने के बाद उदयवीर ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई है और मुआवजे की मांग भी की है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एसके रावत ने बताया कि किसी भी गर्भवती की नसबंदी नहीं की जा सकती। इसलिए नसबंदी से पहले आवश्यक जांचें की जाती हैं। पूरा मामला संज्ञान में आया है। इसकी जांच की जाएगी और जो भी दोषी होगा उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
अब उसने फिर से एक प्राइवेट पैथालॉजी में जांच कराई तो पता चला कि वह दो माह से अधिक समय की गर्भवती है। पूरा मामला सामने आने के बाद उदयवीर ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई है और मुआवजे की मांग भी की है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एसके रावत ने बताया कि किसी भी गर्भवती की नसबंदी नहीं की जा सकती। इसलिए नसबंदी से पहले आवश्यक जांचें की जाती हैं। पूरा मामला संज्ञान में आया है। इसकी जांच की जाएगी और जो भी दोषी होगा उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।