फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   STEP HBTI deviates from its purpose

कानपुर: स्टेप एचबीटीआई उद्देश्य से भटका, उद्यमिता वाले कोर्सों में ताला लटका, पढ़ें खास खबर

Mon, 02 May 2022 01:33 PM IST
शिखा पांडेय दिव्यांश सिंह, कानपुर
दिव्यांश सिंह, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Mon, 02 May 2022 01:33 PM IST
सार

संस्थान की शुरुआत केंद्र सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) के अंतर्गत की गई थी। इसके संचालन के लिए डीएसटी, आईसीआईसीआई बैंक, आईडीबीआई बैंक, सेंट्रल बैंक और आईएफसीआई की ओर से फंड दिया जाता था। 2004 आते आते सभी संस्थाओं ने फंड देना बंद कर दिया, तभी से उद्यमिता विकास वाले कोर्सों का संचालन भी बंद हुआ।

विज्ञापन
STEP HBTI deviates from its purpose
स्टेप एचबीटीआई - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

एक तरफ तो सरकारें उद्यमिता को बढ़ावा दे रही हैं, वहीं हरकोर्ट बटलर टेक्निकल यूनिवर्सिटी (एचबीटीयू) के ईस्ट कैंपस में संचालित स्टेप एचबीटीआई में उद्यमिता से संबंधी कोर्स 2004 से बंद पड़े हैं। दरअसल, 1986 में केंद्र सरकार की योजना के तहत देश में 16 स्टेप खोले गए थे। उस वक्त एचबीटीयू को एचबीटीआई नाम से जाना जाता था।
विज्ञापन


इसलिए यहां खुले सेंटर को स्टेप एचबीटीआई का नाम दिया गया। स्टेप का मतलब साइंस टेक्नोलॉजी एंटरप्रेन्योर्स पार्क से है, लेकिन अब यहां साइंस, टेक्नोलॉजी और एंटरप्रेन्योर जैसा कुछ भी नहीं है। यह संस्थान अब केवल एमबीए और कुछ विदेशी भाषाओं का कोर्स संचालित कर रहा है। 2017 तक जरूर यहां एमएसएमई का इंक्यूबेशन सेंटर चला, जो फिलहाल बंद है। स्टेप एचबीटीआई सोसाइटी के चेयरमैन एचबीटीयू के कुलपति होते हैं, जो कि प्रो. समशेर हैं। कोऑर्डिनेटर एचबीटीयू के प्रो. राम नरेश हैं। 
विज्ञापन


पेंट, प्लास्टिक, साबुन और कंप्यूटर के चलते थे कोर्स
छात्रों को उद्यमी बनाने के लिए पेंट, प्लास्टिक, साबुन बनाने और उद्योग स्थापित करने वाले कई कोर्स शुरू में चले। कुछ दिन बाद कंप्यूटर कोर्स भी शुरू किए गए। यहां से प्रशिक्षण पाने वाले कई छात्रों ने अपने उद्यम भी शुरू किए थे। 
विज्ञापन
विज्ञापन

फंडिंग बंद होने के साथ ही कोर्स भी बंद
संस्थान की शुरुआत केंद्र सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) के अंतर्गत की गई थी। इसके संचालन के लिए डीएसटी, आईसीआईसीआई बैंक, आईडीबीआई बैंक, सेंट्रल बैंक और आईएफसीआई की ओर से फंड दिया जाता था। 2004 आते आते सभी संस्थाओं ने फंड देना बंद कर दिया, तभी से उद्यमिता विकास वाले कोर्सों का संचालन भी बंद हुआ। वर्तमान में संस्थान की आय का साधन एमबीए और विदेशी भाषाओं के कोर्स हैं। 

2004 में शुरू हुआ एमबीए
2004 में फंडिंग बंद होने के बाद यहां एकेटीयू से संबद्ध एमबीए कोर्स शुरू किया गया। 2011 से 2020 तक पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन मैनेजमेंट (पीजीडीएम) भी चलाया गया। वर्तमान में यहां पर मार्केटिंग, एचआर, फाइनेंस, आईटी, ऑपरेशंस और इंटरनेशनल बिजनेस में एमबीए कोर्स चल रहे हैं। साथ में ही जर्मन और फ्रेंच भाषाओं में लैंग्वेज कोर्स भी कराए जाते हैं। हालांकि यह संस्थान प्रबंधन क्षेत्र में एकेटीयू से संबद्ध संस्थानों में अपनी धाक कायम किए है।

विवादों के बाद खत्म हुआ निदेशक का पद
2009-2017 तक स्टेप एचबीटीआई में निदेशक का पद था। पूरे समय एचबीटीआई (अब एचबीटीयू) के प्रो. आरके त्रिवेदी यहां के निदेशक रहे। सूत्र बताते हैं कि कई विवादों की वजह से निदेशक का पद खत्म करके कोऑर्डिनेटर का पद बनाया गया।

हमारे एमबीए कोर्स बहुत ही बेहतर शिक्षण पद्धति के साथ चल रहे हैं। बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की बैठक में स्टेप कैंपस में कई रोजगार परक कोर्स शुरू करने पर विचार हुआ है। संभावना है कि आगामी सत्र के आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस और मशीन लर्निंग समेत कई विधाओं में उद्यमिता विकास वाले कोर्स चलाए जाएंगे।- डॉ. आशीष त्रिवेदी, प्रबंधक, स्टेप एचबीटीआई

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed