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Kanpur News: इस्पात, प्लास्टिक, खाद्य व कपड़ा उद्योग को 300 करोड़ की चपत

Sun, 22 Mar 2026 12:44 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 22 Mar 2026 12:44 AM IST
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Steel, plastic, food and textile industries suffered losses of Rs 300 crore.
संदीप कोचर उद्यमी ।
रनियां (कानपुर देहात)। अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध का असर जिले के औद्योगिक क्षेत्र पर साफ दिखाई देने लगा है। कच्चे माल की आपूर्ति प्रभावित होने और कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। हालात ये हैं कि प्लास्टिक, खाद्य पदार्थ, कपड़ा उद्योग के साथ इस्पात उद्यम को बड़ा झटका लगा है। उद्यमियों को अब तक करीब 300 करोड़ के नुकसान का अनुमान है।
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युद्ध करीब 21 दिन बाद भी जारी है। इससे जरूरी आपूर्ति गड़बड़ा गई है। रनियां और जैनपुर औद्योगिक क्षेत्र में संचालित करीब 400 छोटी-बड़ी फैक्टरियों में उत्पादन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इनमें से 50 से 70 इकाइयां इस्पात कारोबार से जुड़ी हैं। कच्चे लोहे की कीमतों में करीब 25 फीसदी तक की बढ़ोतरी ने इन फैक्टरियों में संकट गहरा दिया है। लागत बढ़ने के बावजूद बाजार में तैयार माल के दाम नहीं बढ़ पा रहे हैं जिससे उद्यमियों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
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उद्यमियों का कहना है कि ऐसी स्थिति छह वर्ष पहले कोरोना काल में देखने को मिली थी। तब कई इकाइयां बंद होने की कगार पर पहुंच गई थीं। अब युद्ध के चलते बढ़ती महंगाई और घटती मांग ने उद्योगों को फिर उसी मोड़ पर ला खड़ा किया है। कई इकाइयों में मजदूरों को काम न मिलने के कारण बैठना पड़ रहा है जबकि कुछ फैक्टरियों में सीमित श्रमिकों के साथ ही उत्पादन जारी है।
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लोहे के कारोबार पर सीधा असर
उद्यमी मोहित अग्रवाल ने बताया कि युद्ध के चलते कच्चे माल की आपूर्ति बाधित होने और कीमतों में उछाल से लोहे के कारोबार पर सीधा असर पड़ा है। कारोबारियों के अनुसार 70 रुपये किलो वाले लोहा की कीमत 95 रुपये हो गई है। अब लगातार बढ़ती लागत और घटते ऑर्डर के कारण उद्योगों को चलाना मुश्किल होता जा रहा है। यदि जल्द हालात नहीं सुधरे तो कई इकाइयों के बंद होने की आशंका है।



उद्यमी संदीप कोचर ने बताया कि लोहे के छोटे उद्योग संचालन करने में भी 10 श्रमिकों की आवश्यकता पड़ती है। लोहे की कटिंग में कॉमर्शियल गैस सिलिंडर लगता है। सिलिंडर न मिलने का कारोबार पर असर पड़ रहा है। ऐसी स्थिति में श्रमिकों की संख्या कम करके पांच कर दी गई है। प्लास्टिक, खाद्य पदार्थ, कपड़ा उद्योग के साथ इस्पात कारोबार को अभी तक 300 करोड़ के नुकसान का अनुमान है।

संदीप कोचर उद्यमी ।

संदीप कोचर उद्यमी ।

संदीप कोचर उद्यमी ।

संदीप कोचर उद्यमी ।

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