फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Spray made from leaves of lotus cactus will not allow dengue larvae to grow

काम की खबर: कमल कैक्टस की पत्तियों से बना स्प्रे नहीं पनपने देगा डेंगू का लार्वा, जानिए मिश्रण तैयार करने का तरीका

Wed, 15 Sep 2021 10:31 AM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Wed, 15 Sep 2021 10:31 AM IST
सार

डॉ. सौरभ ने बताया कि अमेरिकन कमल कैक्टस का पौधा नर्सरी में 35 से 40 रुपये में मिल जाता है। इसकी पत्तियों के रस को एथेनॉल के साथ मिलाकर घोल का पांच प्रतिशत भाग पानी में मिला लें।

विज्ञापन
Spray made from leaves of lotus cactus will not allow dengue larvae to grow
कमल कैक्टस का पौधा और स्प्रे - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कानपुर में पीपीएन कॉलेज और एमजेपी (महात्मा ज्योतिबा फुले) विश्वविद्यालय, रुहेलखंड के शिक्षकों ने अमेरिकन कमल कैक्टस की पत्तियों के रस में एथेनॉल मिलाकर एक स्प्रे तैयार किया है। शिक्षकों का दावा है कि जलभराव में अगर इस स्प्रे का छिड़काव कर दिया जाए तो डेंगू का लार्वा विकसित नहीं हो पाएगा।
विज्ञापन


खास बात यह है कि इसे घर पर भी तैयार किया जा सकता है। इस मिश्रण को एमजेपी विश्वविद्यालय रुहेलखंड, बरेली के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. सौरभ मिश्रा और पीपीएन कॉलेज के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. सत्य प्रकाश श्रीवास्तव ने तैयार किया है।
विज्ञापन


डॉ. सौरभ ने बताया कि पीपीएन कॉलेज की लैब में लार्वा युक्त पानी में स्प्रे का प्रयोग किया गया तो बेहतर परिणाम आए हैं। यूरेका जर्नल में इस शोध को प्रकाशित होने के लिए भेजा जाएगा। साथ ही नेशनल सेंटर ऑफ डिजीज कंट्रोल, दिल्ली में भी जांच के लिए मिश्रण को भेजने की तैयारी है। डॉ. सौरभ ने बताया कि इस मिश्रण को डेंगू एंटी मेटा मोरफॉसिस स्प्रे नाम दिया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

ऐसे तैयार होगा स्प्रे
डॉ. सौरभ ने बताया कि अमेरिकन कमल कैक्टस का पौधा नर्सरी में 35 से 40 रुपये में मिल जाता है। इसकी पत्तियों के रस को एथेनॉल के साथ मिलाकर घोल का पांच प्रतिशत भाग पानी में मिला लें।

तैयार मिश्रण को बोतल में भर के सुबह-शाम नालियों और जलभराव वाले स्थानों पर स्प्रे करें। दिन में दो बार स्प्रे करने से 24 घंटे तक मच्छर के लार्वा विकसित नहीं हो पाते हैं। कमल कैक्टस की पत्तियों में फाइटोकेमिकल्स और फ्लेवोनॉयड केमिकल पाए जाते हैं जो लार्वा विकसित नहीं होने देते हैं।  
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed