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सोमवती अमावस्या 2018: "श्री हरी" का जाप करने से होगी धन वर्षा, आज के दिन न करें ये कार्य
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Mon, 16 Apr 2018 11:04 AM IST
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वर्ष में एक बार सोमवार को पड़ने वाली अमावस्या को सोमवती अमावस्या कहा जाता है। इस वर्ष15 अप्रैल को सुबह 8:37 बजे से 16 अप्रैल को 07:27 बजे तक अमावस्या है। इस दिन विधि-विधान से पूजन करने से श्री हरि की कृपा बरसती है।
ज्योतिषाचार्य पं. नरेंद्र दीक्षित का कहना है कि तुलसी की 108 बार परिक्रमा करने से धन वर्षा होती है। साथ ही श्री हरी नाम का जाप करने से गरीबी से मुक्ति मिलेगी।
अमावस्या के दिन जो वृक्ष, लता आदि को काटता है और पत्तों को तोड़ता है उसे ब्रह्महत्या का पाप लगता है। इसका उल्लेख विष्णु पुराण में भी किया गया है।
शनि अौर पितृदोष से छुटकारा पाने के लिए उड़द या उड़द की छिकले वाली दाल, काला कपड़ा, तला हुआ पदार्थ और दूध गरीबों को दान करें।
धन-धान्य व सुख संपदा पाने के लिए हर अमावस्या को छोटा सा आहुति प्रयोग करें। जिसमें काले तिल, जौं, चावल, गाय का घी, चंदन पाउडर, गुड़, देशी कपूर, गै चंदन या कंडे का प्रयोग कर सकते हैं।
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इसके बाद सभी चीजों का मिश्रण बनाकर हवन कुंड में देवताअों का ध्यान करते हुए आहुति डालें। धन-धान्य व सुख संपदा पाने के लिए हर अमावस्या को छोटा सा आहुति प्रयोग करें। जिसमें काले तिल, जौं, चावल, गाय का घी, चंदन पाउडर, गुड़, देशी कपूर, गै चंदन या कण्डा का प्रयोग कर सकते हैं। इसके बाद सभी चीजों का मिश्रण बनाकर हवन कुंड में देवताअों का ध्यान करते हुए आहुति डालें।
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ज्योतिषाचार्य पं. नरेंद्र दीक्षित का कहना है कि तुलसी की 108 बार परिक्रमा करने से धन वर्षा होती है। साथ ही श्री हरी नाम का जाप करने से गरीबी से मुक्ति मिलेगी।
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अमावस्या के दिन जो वृक्ष, लता आदि को काटता है और पत्तों को तोड़ता है उसे ब्रह्महत्या का पाप लगता है। इसका उल्लेख विष्णु पुराण में भी किया गया है।
शनि अौर पितृदोष से छुटकारा पाने के लिए उड़द या उड़द की छिकले वाली दाल, काला कपड़ा, तला हुआ पदार्थ और दूध गरीबों को दान करें।
धन-धान्य व सुख संपदा पाने के लिए हर अमावस्या को छोटा सा आहुति प्रयोग करें। जिसमें काले तिल, जौं, चावल, गाय का घी, चंदन पाउडर, गुड़, देशी कपूर, गै चंदन या कंडे का प्रयोग कर सकते हैं।
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इसके बाद सभी चीजों का मिश्रण बनाकर हवन कुंड में देवताअों का ध्यान करते हुए आहुति डालें। धन-धान्य व सुख संपदा पाने के लिए हर अमावस्या को छोटा सा आहुति प्रयोग करें। जिसमें काले तिल, जौं, चावल, गाय का घी, चंदन पाउडर, गुड़, देशी कपूर, गै चंदन या कण्डा का प्रयोग कर सकते हैं। इसके बाद सभी चीजों का मिश्रण बनाकर हवन कुंड में देवताअों का ध्यान करते हुए आहुति डालें।