{"_id":"60c8f8e98ebc3e53e16cdbb8","slug":"solar-light-in-samudaik-toilet-akbarpur-news-knp6344115154","type":"story","status":"publish","title_hn":"सोलर लाइट से जगमग हुआ परौंख का सामुदायिक शौचालय","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सोलर लाइट से जगमग हुआ परौंख का सामुदायिक शौचालय
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संवाद न्यूज एजेंसी
कानपुर देहात। राष्ट्रपति के पैतृक गांव परौंख में प्रेरणा ओजस कार्यक्रम के तहत सामुदायिक शौचालय सोलर लाइट से रोशन हो गया। प्रयोग के वक्त शौचालय में लगे एलईडी बल्ल अपने आप जलेंगे। व्यक्ति के शौचालय से बाहर आने के तीस सेकेंड बाद बल्ब बंद हो जाएंगे।
महिला समूह के सदस्यों ने सामुदायिक शौचालय की छत पर दो सौर ऊर्जा पैनल लगाए हैं। इन्हें दो बैटरियों से जोड़ा गया है। मौसम खराब होने या फिर धूप नहीं निकलने पर दो दिन तक बैकअप रहेगा और जरूरत पर रोशनी मिल सकेगी। शौचालय में कुल 16 एलईडी बल्ब जोड़े गए हैं। इसमें 12 बल्ब सेंसर वाले हैं। चार बल्ब ऐसे हैं जो शाम के समय जल जाएंगे और दिन में बंद हो जाएंगे। सीडीओ सौम्या पांडेय ने बताया कि समूह की महिलाओं ने सेंसर एलईडी बल्बों, पैनल को असेम्बल किया है। महिलाओं ने खुद वायरिंग भी की है। प्रेरणा ओजस के सीईओ शैलेंद्र द्विवेदी ने बताया है कि जिले के मैथा ब्लॉक के टोडरपुर में पहला सामुदायिक शौचालय सोलर ऊर्जा से रोशन किया गया था। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के पैतृक गांव का शौचालय सोलर ऊर्जा से रोशन होने वाला दूसरा है।
---
इंसेट-
595 और शौचालय सोलर लाइट से रोशन होंगे
प्रेरणा ओजस के सीईओ शैलेंद्र द्विवेदी ने बताया कि जिले में 595 सामुदायिक शौचालय बने हैं। इन सभी में प्रकाश की व्यवस्था सोलर ऊर्जा से करने की तैयारी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
कानपुर देहात। राष्ट्रपति के पैतृक गांव परौंख में प्रेरणा ओजस कार्यक्रम के तहत सामुदायिक शौचालय सोलर लाइट से रोशन हो गया। प्रयोग के वक्त शौचालय में लगे एलईडी बल्ल अपने आप जलेंगे। व्यक्ति के शौचालय से बाहर आने के तीस सेकेंड बाद बल्ब बंद हो जाएंगे।
महिला समूह के सदस्यों ने सामुदायिक शौचालय की छत पर दो सौर ऊर्जा पैनल लगाए हैं। इन्हें दो बैटरियों से जोड़ा गया है। मौसम खराब होने या फिर धूप नहीं निकलने पर दो दिन तक बैकअप रहेगा और जरूरत पर रोशनी मिल सकेगी। शौचालय में कुल 16 एलईडी बल्ब जोड़े गए हैं। इसमें 12 बल्ब सेंसर वाले हैं। चार बल्ब ऐसे हैं जो शाम के समय जल जाएंगे और दिन में बंद हो जाएंगे। सीडीओ सौम्या पांडेय ने बताया कि समूह की महिलाओं ने सेंसर एलईडी बल्बों, पैनल को असेम्बल किया है। महिलाओं ने खुद वायरिंग भी की है। प्रेरणा ओजस के सीईओ शैलेंद्र द्विवेदी ने बताया है कि जिले के मैथा ब्लॉक के टोडरपुर में पहला सामुदायिक शौचालय सोलर ऊर्जा से रोशन किया गया था। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के पैतृक गांव का शौचालय सोलर ऊर्जा से रोशन होने वाला दूसरा है।
विज्ञापन
---
इंसेट-
595 और शौचालय सोलर लाइट से रोशन होंगे
प्रेरणा ओजस के सीईओ शैलेंद्र द्विवेदी ने बताया कि जिले में 595 सामुदायिक शौचालय बने हैं। इन सभी में प्रकाश की व्यवस्था सोलर ऊर्जा से करने की तैयारी है।
विज्ञापन