फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Soil sample testing begins after the crop grows in the field.

Kanpur News: खेत में फसल उगने के बाद मिट्टी नमूनों की जांच शुरू

Mon, 27 Jul 2026 01:21 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर Updated Mon, 27 Jul 2026 01:21 AM IST
विज्ञापन
Soil sample testing begins after the crop grows in the field.
कानपुर देहात। खरीफ सीजन के पहले लिए गए 4300 मिट्टी नमूनों की जांच में जरूरी रसायनों का टोटा होने से नहीं हो सकी। पिछले सप्ताह रसायन मंगवाए गए हैं। खेत में फसल उग गई तब अब मिट्टी नमूनों की जांच शुरू हो सकी है।
विज्ञापन

जनपद में मिट्टी की सेहत की जांच का दायित्व कृषि विभाग पर है। इसके लिए कानपुर-इटावा हाईवे किनारे बारा में कृषि विभाग की भूमि परीक्षण प्रयोगशाला है। शासन से तय लक्ष्य के अनुसार रबी व खरीफ सीजन में निशुल्क मिट्टी नमूने लेकर जांच कराई जाती है। इसके बाद मृदा स्वास्थ्य कार्ड जारी किया जाता है। किसान मृदा स्वास्थ्य कार्ड में की गई कृषि वैज्ञानिक संस्तुति के अनुसार उर्वरक या सूक्ष्म तत्वों का प्रयोग करते हैं। इससे फसल उत्पादन सुधरता है वहीं मिट्टी की सेहत ठीक रहती है। खरीफ सीजन में कुल 4100 मिट्टी के नमूने लिए गए हैं।
विज्ञापन

वहीं, तिलहन योजना में अलग से मिट्टी के 200 नमूनों की जांच की जानी है। इसके लिए भी मिट्टी नमूना संकलन का काम जून में भी पूरा हो गया था। इधर प्रयोगशाला में जरूरी रसायनों का टोटा हो गया। इसकी वजह से जांचे अटक गई हैं। ऐसे में खरीफ सीजन में फसलाें की बोआई से पहले जांच रिपोर्ट नहीं आ सकी। इसका फायदा भी किसानों को नहीं मिला। बीते सप्ताह भूमि प्रयोगशाला में जरूरत के अनुसार रसायन उपलब्ध हो सके। इस पर जांचे शुरू की गईं। अब खेत में फसलें उग आई हैं। बीज बोवाई या फिर धान आदि की रोपाई के समय प्रयोग किए जाने वाले खाद या फिर सूक्ष्म तत्वों की जानकारी फिलहाल किसानों को नहीं हो सकी है। अब देरी से जांच रिपोर्ट आएगी। मौजूदा समय में फसलाें में कितनी मात्रा में कौन सी खाद डाली जाए इसकी जानकारी नहीं हो पाएगी। किसानों को अंदाजा से ही उर्वरक या फिर अन्य पोषक तत्वों का प्रयोग करना होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

...................



सभी नमूनों की जांच में लगेगा एक माह
बारा स्थित भूमि जांच प्रयोगशाला में एक सप्ताह पहले मिट्टी नमूनों की जांच शुरू हुई है। हर दिन औसतन 100 नमूनों की जांच हो रही है। इस आधार पर सभी नमूनों की जांच पूरी होने में एक माह का समय लगने का अनुमान है। प्रयोगशाला प्रभारी सूरज भान ने बताया कि कुल 4300 नमूनों की जांच की जानी है। एक सप्ताह पहले जरूरी रसायन उपलब्ध हो गए हैं। प्रतिदिन लगभग 100 नमूनों की जांच का औसत है। मिट्टी में नाइट्रोजन तत्व की जांच में समय अधिक लगता है।
...................
बयान.....
रसायन खत्म होने से देरी से शुरू हुई जांच
प्रयोगशाला में मिट्टी नमूनों की जांच के लिए रसायनों की जरूरत होती है। रसायन खत्म होने से खरीफ सीजन में लिए गए मिट्टी नमूनों की जांच देरी से शुरू हो सकी। अब जांच कराई जा रही है। मृदा स्वास्थ्य कार्ड के अनुसार उर्वरक या अन्य सूक्ष्म तत्वों के प्रयोग से खेत की उर्वरा शक्ति बनी रहती है। फसल उत्पादन भी सुधरता है। - डॉ. हरीशंकर भार्गव, उप निदेशक कृषि
....................
इन रसायनों से होती मिट्टी की जांच
मिट्टी नमूने में जैविक कार्बन की मात्रा मापने के लिए पोटेशियम डाइक्रोमेट की जरूरत होती है। वहीं कार्बन परीक्षण के लिए सल्फ्यूरिक एसिड जरूरी है। फास्फोरस और पोटाश निष्कर्षण विलयन से फास्फोरस व पोटाश और बेरियम सल्फेट रसायन से सल्फर, जिंक, आयरन आदि सूक्ष्म पोषक तत्वों का स्तर मापा जाता है। मिट्टी नमूना का घोल बनाने के लिए डिस्टिल्ड वाटर (आसुत जल) की जरूरत होती है। करीब 50 तरीके के रसायनों की मदद से मिट्टी की जांच की जाती है।

..................
रबी सीजन में हुई जांच में कम मिला नाइट्रोजन व जैविक कार्बन
रबी सीजन में जिले के 10 ब्लॉकों में कुल 20 हजार मिट्टी के नमूनों की जांच कराई गई। इसमें प्रमुख तौर पर नाइट्रोजन व जैविक कार्बन का स्तर बेहद कम मिला है। आकड़ों के अनुसार कुल 20 हजार मिट्टी नमूनों में 19,531 में नाइट्रोजन का स्तर कम मिला। केवल 120 मिट्टी नमूनों में नाइट्रोजन का स्तर अधिक पाया गया। केवल 49 नमूनों में नाइट्रोजन स्तर मध्यम मिला। इसी प्रकार 18882 मिट्टी नमूनों में जैविक कार्बन स्तर कम मिला। केवल 22 मिट्टी में जैविक कार्बन अधिक मिला जबकि केवल 796 मिट्टी नमूनों में जैविक कार्बन मध्यम मिला। सूक्ष्म तत्वों की जांच पर गौर करें तो आयरन, बोरॉन व जिंक की मात्रा मिट्टी में कम मिली। 8279 मिट्टी नमूनों में जिंक स्तर कम मिला। 10531 मिट्टी नमूनों में आयरन स्तर कम पाया गया। जबकि 4083 मिट्टी नमूनों में बोरॉन स्तर कम मिला।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed