आतंकी हमले में शहीद विजय के अंतिम दर्शन को उमड़ा सैलाब, पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे
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बहराइच की 42वीं बटालियन में तैनात एसएसबी जवान विजय कुमार का पार्थिव शरीर मंगलवार को तड़के तीन बजे सेना के वाहनों से रावतपुर गांव लाया गया था। जवान के अंतिम दर्शन के लिए सोमवार रात ही से ही भीड़ गांव पहुंच गई थी। एकलौते बेटे शव देख बुजुर्ग माता-पिता दहाड़े मार रो पड़े। सेना के जवानों ने जैसे ही साथी का पार्थिव शरीर वाहन से नीचे उतारा वैसे ही विजय कुमार अमर रहे के नारे गूंजने लगे। यह नजारा देख लोगों की आंखें नम हो गईं। सुभाष इंटर कालेज मैदान में लोगों ने शहीद जवान के अंतिम दर्शन किए।
दोपहर बाद अंतिम संस्कार के लिए पार्थिव शरीर बक्सर घाट ले जाया गया। यहां सीमा सुरक्षा बल लखनऊ 42वीं बटालियन के डीआईजी प्रताप सिंह चूड़ावत, डीआईजी लखीमपुर सेक्टर राजेंद्र कुमार, कमांडेंट प्रवीण कुमार, डिप्टी कमांडेंट शैलेंद्र पांडेय ने सलामी दी। पिता देवराज ने कांपते हाथों से जवान बेटे की चिता को मुखाग्नि दी। इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष हृदयनारायण दीक्षित, प्रभारी मंत्री रमापति शास्त्री, सदर विधायक पंकज गुप्ता, डीएम देवेंद्र कुमार पांडेय, एसपी हरीश कुमार, एसडीएम बीघापुर प्रभुदयाल, नायब तहसीलदार बीघापुर रजनीश, हरिसहाय मिश्रा, अंकित परिहार मौजूद रहे।
परिजनों को दी 25 लाख की आर्थिक मदद
घाट पर वसूली से बिफरे परिजन
गंगातट के घाटों पर वसूली करने वालों ने शहीद विजय के परिजनों को भी नहीं छोड़ा। घाट पर पार्थिव शरीर पहुंचते ही परिजनों से रुपयों को लेकर नोकझोंक करने लगे। प्रशासनिक अधिकारियों ने जब हस्तक्षेप किया तो मामला शांत हुआ।
व्यापारियों ने बंद रखा बाजार
शहीद विजय की शहादत के सम्मान में मंगलवार को सिकंदरपुर के व्यापारियों ने बाजार बंद रखा। बाजार में अंतिम यात्रा के दौरान कस्बेवासियों व व्यापारियों ने फूलों की वर्षा की। सिकंदरपुर व रावतपुर के परिषदीय प्राथमिक व जूनियर विद्यालय के बच्चों ने शहीद को श्रद्धांजलि दी।
गर्भवती पत्नी की बिगड़ी हालत, मेडिकल टीम पहुंची गांव
गर्भवती पत्नी की बिगड़ी हालत, मेडिकल टीम पहुंची गांव
पति की मौत के सदमे में गर्भवती पत्नी प्रतिभा की मंगलवार सुबह तबीयत बिगड़ गई। सीएमओ के निर्देश पर डा. बृजेश, फार्मासिस्ट शशि देवी, एएनएम डीके दास रावतपुर गांव पहुंचे। उन्होंने प्रतिभा का स्वास्थ्य परीक्षण किया। डा. बृजेश ने बताया कि प्रतिभा नौ माह के गर्भ से है। पति की मौत की खबर सुन उसने न ही कुछ खाया और न पानी पीया। इससे उसकी तबीयत बिगड़ गई। प्रतिभा की सेहत पर लगातार नजर रखी जा रही है। टीम हर रोज उसका स्वास्थ्य परीक्षण करेगी।
पता नहीं सरकार क्यों खामोश है
पिता देवराज ने कहा कि उन्हें गर्व है कि उनका बेटा देश के लिए शहीद हो गया। हालांकि सरकार के खामोश रहने पर उन्होंने सवाल उठाया। देवराज का कहना था कि आतंकी हमले में हर रोज किसी न किसी का बेटा शहीद हो रहा है। सरकार एक बार जवानों को छूट क्यों नहीं दे देती।
हादसे से एक घंटे पहले हुई थी बात
शहीद जवान विजय कुमार के साले अमर ने बताया कि घटना से एक घंटे पहले ही बहन प्रतिभा की विजय से फोन पर बात हुई थी। विजय ने पांच नवंबर को घर आने की भी बात कही थी। इसके एक घंटे बाद ही उनके शहीद होने की खबर आ गई। ऐसे में प्रतिभा को विश्वास ही नहीं हुआ। वह रात भर पति का नंबर मिलाती रही।