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अब हुनरमंद होंगे बेरोजगार, प्रधानमंत्री कौशल केंद्र से मिलेगी जर्मनी की तर्ज पर ट्रेनिंग
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Fri, 23 Dec 2016 04:14 PM IST
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कानपुर की जरूरतों के मुताबिक होंगे कोर्स
प्रधानमंत्री कौशल प्रदर्शनी में उमड़ी भीड़ को देखते हुए सरकार ने कानपुर में प्रधानमंत्री कौशल केंद्र खोलने का फैसला लिया है। इसके लिए लखनऊ के एक कोचिंग संस्थान ‘महेंद्रा’ से नेशनल स्किल डेवलमेंट काउंसिल (एनएसडीसी) ने करार किया है।
देश के प्रमुख औद्योगिक शहर की जरूरतों के मुताबिक जल्द ही कोर्स डिजाइन कर शहर में प्रधानमंत्री कौशल केंद्र (पीएमकेके) काम करने लगेगा, जहां प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (पीएमकेवीवाई) के तहत आने वाले कोर्सों की निशुल्क ट्रेनिंग दी जाएगी। नेशनल स्किल डेवलमेंट काउंसिल (एनएसडीसी) के एग्जक्यूटिव डायरेक्टर और चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर जयंत कृष्णा के मुताबिक शहर में शुरू होने वाले पीएमकेके में डिटर्जेंट, पान मसाला, रिटेल, हास्पिटैलिटी, एग्रीकल्चर, होजरी उद्योगों से संबंधित कुशल कामगार तैयार किए जाएंगे। डेढ़ महीने के अंदर यह केंद्र काम करने लगेगा।
पीएमकेके खोलने के लिए संपर्क करें
जयंत कृष्णा ने बताया यदि कोई कहीं भी पीमकेके खोलना चाहता है तो एनएसडीसी से संपर्क कर सकता है। केंद्र खोलने के लिए कुल खर्च की 75 फीसदी रकम के लिए एनएसडीसी 6 फीसदी ब्याज पर लोन भी दिलवाता है, जिससे केंद्रों के लिए मशीनों, उपकरणों की खरीद की जा सकती है।
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कोर्सेज के शुल्क
शहर में खुल रहे केंद्र में पीएमकेवीवाई के तहत चलने वाले कोर्स निशुल्क होंगे। वहीं कुछ कोर्सों की फीस भी होगी। कोर्स फीस के लिए बैंकों के माध्यम से एनएसडीसी लोन भी दिलवाता है। जिसे प्रशिक्षु को नौकरी लगने के तीन साल के अंदर चुकाना होता है।
विकलागों के लिए भी कोर्स
इस केंद्र में विकलागों के लिए भी अलग से कोर्स होंगे। कुछ कोर्सों में वे सामान्य लोगों की तरह ट्रेनिंग ले सकते हैं।
जर्मनी की तर्ज पर होगी ट्रेनिंग
टाटा कंपनी के रीजनल डायरेक्टर से 14 महीने पहले एनएसडीसी के डायरेक्टर बने जयंत कृष्णा के मुताबिक इस केंद्र में जर्मनी की तर्ज पर ट्रेनिंग देने की तैयारी है, जिसमें हफ्ते के 5 दिनों में 4 दिन प्रैक्टिकल और एक दिन क्लास रूम ट्रेनिंग होगी। कृष्णा ने बताया कि सरकार ने हर शहर में पीएमकेके खोलकर 2022 तक 40 करोड़ देशवासियों को हुनरमंद बनाने का लक्ष्य तय किया है।
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देश के प्रमुख औद्योगिक शहर की जरूरतों के मुताबिक जल्द ही कोर्स डिजाइन कर शहर में प्रधानमंत्री कौशल केंद्र (पीएमकेके) काम करने लगेगा, जहां प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (पीएमकेवीवाई) के तहत आने वाले कोर्सों की निशुल्क ट्रेनिंग दी जाएगी। नेशनल स्किल डेवलमेंट काउंसिल (एनएसडीसी) के एग्जक्यूटिव डायरेक्टर और चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर जयंत कृष्णा के मुताबिक शहर में शुरू होने वाले पीएमकेके में डिटर्जेंट, पान मसाला, रिटेल, हास्पिटैलिटी, एग्रीकल्चर, होजरी उद्योगों से संबंधित कुशल कामगार तैयार किए जाएंगे। डेढ़ महीने के अंदर यह केंद्र काम करने लगेगा।
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पीएमकेके खोलने के लिए संपर्क करें
जयंत कृष्णा ने बताया यदि कोई कहीं भी पीमकेके खोलना चाहता है तो एनएसडीसी से संपर्क कर सकता है। केंद्र खोलने के लिए कुल खर्च की 75 फीसदी रकम के लिए एनएसडीसी 6 फीसदी ब्याज पर लोन भी दिलवाता है, जिससे केंद्रों के लिए मशीनों, उपकरणों की खरीद की जा सकती है।
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कोर्सेज के शुल्क
शहर में खुल रहे केंद्र में पीएमकेवीवाई के तहत चलने वाले कोर्स निशुल्क होंगे। वहीं कुछ कोर्सों की फीस भी होगी। कोर्स फीस के लिए बैंकों के माध्यम से एनएसडीसी लोन भी दिलवाता है। जिसे प्रशिक्षु को नौकरी लगने के तीन साल के अंदर चुकाना होता है।
विकलागों के लिए भी कोर्स
इस केंद्र में विकलागों के लिए भी अलग से कोर्स होंगे। कुछ कोर्सों में वे सामान्य लोगों की तरह ट्रेनिंग ले सकते हैं।
जर्मनी की तर्ज पर होगी ट्रेनिंग
टाटा कंपनी के रीजनल डायरेक्टर से 14 महीने पहले एनएसडीसी के डायरेक्टर बने जयंत कृष्णा के मुताबिक इस केंद्र में जर्मनी की तर्ज पर ट्रेनिंग देने की तैयारी है, जिसमें हफ्ते के 5 दिनों में 4 दिन प्रैक्टिकल और एक दिन क्लास रूम ट्रेनिंग होगी। कृष्णा ने बताया कि सरकार ने हर शहर में पीएमकेके खोलकर 2022 तक 40 करोड़ देशवासियों को हुनरमंद बनाने का लक्ष्य तय किया है।