Kanpur: दुकानों में आग...मकान में फंसा परिवार, दहशत में एक छत से कूदा, छह गाड़ियों ने ढाई घंटे में पाया काबू
Kanpur News: मुख्य अग्शिमन अधिकारी ने बताया कि कर्मियों की तत्परता से समय रहते आग पर काबू पाने के साथ ही मकान में फंसे लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया। दुकानदारों को अग्नि शमन यंत्रों को लगाने के लिए जागरूक किया जाएगा, ताकि आग को बढ़ने से रोका जा सके।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कानपुर के स्वरूपनगर में कानपुर विद्या मंदिर के सामने स्थित कैलाश भवन के नीचे बनी हरीश मार्केट में सोमवार दोपहर छह दुकानों में भीषण आग लग गई। ऊपर तीन मंजिला मकान में रहने वाले मालिक व एक अन्य का परिवार अंदर ही फंस गया। जान बचाकर छत पर भागा एक युवक नीचे कूद गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। फायर फाइटर्स ने सीढ़ी की मदद से फंसे परिवार को बचाया।
कानपुर विद्या मंदिर के ठीक सामने ममता सक्सेना का सात दशक पुराना मकान है। मकान के निचले तल पर 15 से अधिक दुकानें हैं। इसमें यशराज गौतम की फास्ट फूड की दुकान है, जिसे ऋषभ जैन चलाते हैं। दीपावली के चलते सोमवार को दुकान बंद थी। करीब 12:30 बजे दुकान से धुंआ निकलता देखकर लोगों ने मकान मालिक को सूचना दी। उन्होंने यशराज को आग लगने की जानकारी दी। दुकान का कर्मचारी प्रशांत थापा पहुंचा।
एक दूसरे से सटीं छह दुकानें जल गईं
उसके शटर खोलते ही आग की लपटें बाहर निकलीं तो वह जान बचाकर भागा। इस दौरान आग ने पहली मंजिल पर स्थित मनोज गुप्ता के बगीचा फ्लावर स्टोर के गोदाम को भी चपेट में ले लिया। एक दूसरे से सटीं छह दुकानें आग की चपेट में आकर जल गईं। पॉश इलाके में आग की खबर पर सीएफओ दीपक शर्मा अग्निशमन की गाड़ियों के साथ मौके पर पहुंचे। डीसीपी सेंट्रल प्रमोद कुमार भी पुलिस फोर्स संग पहुंचे।
तीसरी मंजिल पर सुनीता देवी का परिवार फंस गया था
आग की लपटें पहली मंजिल पर रहने वाली ममता सक्सेना के कमरों तक पहुंच गई। उनका परिवार किसी तरह सीढि़यों के रास्ते उतर कर बाहर आ गया। वहीं तीसरी मंजिल पर 40 साल से किराये पर रह रहीं सुनीता देवी का परिवार फंस गया। लाटूश रोड एफएसओ कैलाश चंद्रा और कर्नलगंज के प्रदीप शर्मा ने संयुक्त रूप से कर्मियों के साथ मिलकर तीसरी मंजिल तक सीढ़ी पहुंचाई।
ढाई घंटे के बाद आग पर काबू पाया जा सका
सुनीता देवी, उनके पति शरद लाठ, बहू आस्था, बेटे अंकित को उसी के सहारे नीचे उतारा। इस दौरान घबराए दूसरे बेटे अंकुर ने बचने के लिए छलांग लगा दी। इससे उनका पैर टूट गया, जिन्हें हैलट अस्पताल में भर्ती कराया गया। करीब ढाई घंटे के बाद पूरी तरह आग पर काबू पाया जा सका। आग से पड़ोस के मकान की खिड़की भी जल गई।
कर्मियों की तत्परता से समय रहते आग पर काबू पाने के साथ ही मकान में फंसे लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया। दुकानदारों को अग्नि शमन यंत्रों को लगाने के लिए जागरूक किया जाएगा, ताकि आग को बढ़ने से रोका जा सके। -दीपक शर्मा, मुख्य अग्शिमन अधिकारी
समय रहते निकाल लिया गया लीकेज सिलिंडर
लाटूश रोड फायर स्टेशन के एफएसओ कैलाश चंद्र ने बताया कि मार्केट में काफी संकरी दुकानें हैं। हादसे के दौरान फायर फाइटर्स ने रसोई में रखे तीन सिंलिंडरों को पहले बाहर किया। फास्टफूड की दुकान से भी एक लीकेज सिलिंडर निकाला गया। लोगों के अनुसार आग अगर सिलिंडरों तक पहुंच जाती, तो धमाकों से बड़ा नुकसान हो सकता था। वहीं, अफसरों ने बताया कि हादसे के दौरान 15 से ज्यादा दुकानों में से एक में भी आग बुझाने का कोई उपकरण नहीं था।
तीन दिनों में 51 जगहों पर मिली आग की सूचना
दमकल के पास तीन दिनों में 14 नवंबर तक 51 जगहों पर आग लगने की सूचना पहुंची। दीपावली की रात 26 जगहों पर आग की सूचना कंट्रोल रूम को मिली। वहीं, छोटी दीपावली पर सात और 13 से 14 नवंबर की सुबह छह बजे के बीच 18 घटनाएं सामने आईं। सीएफओ दीपक शर्मा ने बताया कि इन 51 में से आग लगने की तीन बड़ी घटनाएं हुईं, जिनपर समय रहते नियंत्रण पा लिया गया।