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भूख और प्यास से निकला छह गोवंशों का दम, गांव के बाहर पड़े शव से दुर्गंध और संक्रामक रोगों का खतरा
Mon, 17 Jun 2019 09:42 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कन्नौज
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कन्नौज
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Mon, 17 Jun 2019 09:42 PM IST
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धूप में खड़े भूखे प्यासे गोवंश
- फोटो : अमर उजाला
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कन्नौज के इंदरगढ़ में फसल बचाने के लिए पानी टंकी परिसर में बंद किए गए 30 गोवंशों में छह की भूख और प्यास से तड़प कर मौत हो गई। इन गोवंशों को एक सप्ताह पहले बंद किया गया था। कुछ लोगों ने गांव के बाहर इनके शव फेंक दिए। इनकी दुर्गंध से गांव में संक्रामक बीमारी फैलने का खतरा बढ़ गया है।
पूराराय में फसल की सुरक्षा को लेकर एक सप्ताह पहले किसानों ने पेयजल आपूर्ति के लिए बनाई गई टंकी के परिसर में करीब 30 गोवंशों को खदेड़ कर कैद कर दिया था। किसानों ने बाहर से ताला लगा दिया। इन्हें चारा और पानी नहीं दिया गया। भीषण गर्मी में धूप और भूख-प्यास से तड़प कर छह गोवंशों ने दम तोड़ दिया। कुछ लोगों ने गोवंशों के शव को रामलीला मैदान के पास फेंक दिया।
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पूराराय में फसल की सुरक्षा को लेकर एक सप्ताह पहले किसानों ने पेयजल आपूर्ति के लिए बनाई गई टंकी के परिसर में करीब 30 गोवंशों को खदेड़ कर कैद कर दिया था। किसानों ने बाहर से ताला लगा दिया। इन्हें चारा और पानी नहीं दिया गया। भीषण गर्मी में धूप और भूख-प्यास से तड़प कर छह गोवंशों ने दम तोड़ दिया। कुछ लोगों ने गोवंशों के शव को रामलीला मैदान के पास फेंक दिया।
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फसल बर्बाद होने से बचाने के लिए ग्रामीणों ने खदेड़कर बंद किए थे 30 गोवंश
शवों की दुर्गंध से ग्रामीणों का जीना मुहाल हो गया। पूरे गांव में संक्रामक बीमारियां फैलने का खतरा है। ग्रामीणों ने शवों को हटवाने की मांग की है। आदेश त्रिपाठी, हरिओम सिंह, रामनरेश, प्रमोद कुमार दुबे, प्रवीण कुमार दुबे और अमर सिंह ने बताया कि गांव में गोशाला नहीं है।
किसानों ने गोवंशों को पानी की टंकी परिसर में कैद कर दिया। गोवंशों की मौत के बाद कुछ लोगों ने शवों को रामलीला मैदान में फेंक दिया। दुर्गंध से लोगाें को सांस लेने में दिक्कत हो रही है। ग्राम प्रधान राज नारायण ने बताया कि गोवंशों को किसानों ने कैद किया है। वहीं एडीओ पंचायत और ग्राम सचिव संजय कुमार शर्मा ने बताया कि उन्हें इस मामले की जानकारी नहीं है। जांच कराई जाएगी।
किसानों ने गोवंशों को पानी की टंकी परिसर में कैद कर दिया। गोवंशों की मौत के बाद कुछ लोगों ने शवों को रामलीला मैदान में फेंक दिया। दुर्गंध से लोगाें को सांस लेने में दिक्कत हो रही है। ग्राम प्रधान राज नारायण ने बताया कि गोवंशों को किसानों ने कैद किया है। वहीं एडीओ पंचायत और ग्राम सचिव संजय कुमार शर्मा ने बताया कि उन्हें इस मामले की जानकारी नहीं है। जांच कराई जाएगी।