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Kanpur News: 800 खातों की एसआईटी को मिली जानकारी, खाताधारकों का सत्यापन शुरू
Tue, 20 Jan 2026 01:00 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Tue, 20 Jan 2026 01:00 AM IST
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कानपुर देहात। अकबरपुर में नवाकांती सोसाइटी की आड़ में हो रहे धर्मांतरण के मामले में एसआईटी को संस्था के मछली पट्टनम आंध्रप्रदेश स्थित बैंक खाते की जानकारी हाथ लगी है। बैंक की ओर से एसआईटी को करीब 1000 पन्नों की ई-मेल भेजी गई है। इसमें 800 खाता धारकों का विवरण है। अब एसआईटी यह पता लगा रही है खातों में रुपये किस लिए भेजे जाते थे और खातों के संचालक कौन और कहां के है।
धर्मांतरण के मामले में नवाकांती सोसाइटी से जुड़े अकबरपुर के पातेपुर निवासी हरिओम त्यागी, नेहरू नगर निवासी सावित्री शर्मा व झांसी निवासी डेनियल शरद सिंह को एसआईटी ने गिरफ्तार कर जेल भेजा था। आरोपियों से पूछताछ में संस्था को विदेशी फंडिंग किए जाने की जानकारी मिली थी। इसके बाद से पुलिस नवाकांती सोसाइटी के खाते व अन्य अभिलेख खंगाल रही है। इसी बीच पुलिस को संस्था का एक खाता नई दिल्ली स्थित एसबीआई में होना पाया गया। जिसमें बड़े स्तर पर लेनदेन पाया गया। खाता में विदेशी चंदा आने की पुष्टि हुई थी।
एसआईटी को जांच में पता चला कि संस्था के खाते में विदेशी अंशदान विनियम अधिनियम के तहत हस्तांतरित हुई। प्रमुख खाते से धनराशि संस्था के मछली पट्टनम स्थित दूसरे खातों में भेजी जाती थी। इसके बाद अलग-अलग खातों में जाती थी। इसकी जानकारी एसआईटी ने आंध्रप्रदेश स्थित बैंक खाते से मांगी थी। सोमवार को ईमेल से करीब 1000 पन्नों की डिटेल मिली है। इसमें संस्था के तीसरे खाते से करीब 800 लोगों को धनराशि हस्तांतरित की गई है। एसआईटी ने अब इन खाताधारकों का सत्यापन करना शुरू किया है। जिससे यह स्पष्ट हो सके कि नवाकांती सोसाइटी की ओर से इन लोगों को किस वजह से रुपये दिए जाते थे और यह लोग इस धनराशि का उपयोग कहां करते थे।
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खाताधारकों के पता से होगा नवाकांती सोसाइटी के नेटवर्क का खुलासा
एसआईटी को मिली करीब 1000 पन्नों की ई-मेल में संस्था के खातों से लाभ लेने वालों के नाम तो दिए गए हैं मगर अभी उनका पता नहीं चल सका है। संस्था के तीसरे स्तर के खातों से 800 खातों में छह हजार, आठ हजार, 10 हजार रुपये व इससे अधिक रुपयों के ट्रांजेक्शन मिले हैं। पुलिस के अधिकारियों के कहना है कि खातों का सत्यापन होने से प्रदेश में किन स्थानों पर नवाकांती सोसाइटी का नेटवर्क फैला है, इसकी जानकारी हो सकेगी। साथ ही खाताधारकों को मिलने वाली धनराशि के हिसाब से उनके काम का स्तर भी पता चल सकेगा। इसके साथ ही इसकी भी जांच की जाएगी कि कहीं यह खाताधारक भी तो धर्मांतरण के मकड़जाल में शामिल नहीं थे।
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वर्जन.......
जांच में संस्था के प्रमुख खाता में एक साल में कई बार विदेशी चंदा मिलने की जानकारी मिली है। संस्था के प्रमुख खाता से मछली पट्टनम स्थित बैंक खातों में रुपये भेजे गए हैं। इसके बाद इन खातों से अन्य खातों में रुपये भेजे गए हैं। खाताधारकों का सत्यापन किया जा रहा है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे उनके आधार पर कार्रवाई की जाएगी। - हरमीत सिंह, थानाध्यक्ष अकबरपुर
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धर्मांतरण के मामले में नवाकांती सोसाइटी से जुड़े अकबरपुर के पातेपुर निवासी हरिओम त्यागी, नेहरू नगर निवासी सावित्री शर्मा व झांसी निवासी डेनियल शरद सिंह को एसआईटी ने गिरफ्तार कर जेल भेजा था। आरोपियों से पूछताछ में संस्था को विदेशी फंडिंग किए जाने की जानकारी मिली थी। इसके बाद से पुलिस नवाकांती सोसाइटी के खाते व अन्य अभिलेख खंगाल रही है। इसी बीच पुलिस को संस्था का एक खाता नई दिल्ली स्थित एसबीआई में होना पाया गया। जिसमें बड़े स्तर पर लेनदेन पाया गया। खाता में विदेशी चंदा आने की पुष्टि हुई थी।
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एसआईटी को जांच में पता चला कि संस्था के खाते में विदेशी अंशदान विनियम अधिनियम के तहत हस्तांतरित हुई। प्रमुख खाते से धनराशि संस्था के मछली पट्टनम स्थित दूसरे खातों में भेजी जाती थी। इसके बाद अलग-अलग खातों में जाती थी। इसकी जानकारी एसआईटी ने आंध्रप्रदेश स्थित बैंक खाते से मांगी थी। सोमवार को ईमेल से करीब 1000 पन्नों की डिटेल मिली है। इसमें संस्था के तीसरे खाते से करीब 800 लोगों को धनराशि हस्तांतरित की गई है। एसआईटी ने अब इन खाताधारकों का सत्यापन करना शुरू किया है। जिससे यह स्पष्ट हो सके कि नवाकांती सोसाइटी की ओर से इन लोगों को किस वजह से रुपये दिए जाते थे और यह लोग इस धनराशि का उपयोग कहां करते थे।
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खाताधारकों के पता से होगा नवाकांती सोसाइटी के नेटवर्क का खुलासा
एसआईटी को मिली करीब 1000 पन्नों की ई-मेल में संस्था के खातों से लाभ लेने वालों के नाम तो दिए गए हैं मगर अभी उनका पता नहीं चल सका है। संस्था के तीसरे स्तर के खातों से 800 खातों में छह हजार, आठ हजार, 10 हजार रुपये व इससे अधिक रुपयों के ट्रांजेक्शन मिले हैं। पुलिस के अधिकारियों के कहना है कि खातों का सत्यापन होने से प्रदेश में किन स्थानों पर नवाकांती सोसाइटी का नेटवर्क फैला है, इसकी जानकारी हो सकेगी। साथ ही खाताधारकों को मिलने वाली धनराशि के हिसाब से उनके काम का स्तर भी पता चल सकेगा। इसके साथ ही इसकी भी जांच की जाएगी कि कहीं यह खाताधारक भी तो धर्मांतरण के मकड़जाल में शामिल नहीं थे।
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जांच में संस्था के प्रमुख खाता में एक साल में कई बार विदेशी चंदा मिलने की जानकारी मिली है। संस्था के प्रमुख खाता से मछली पट्टनम स्थित बैंक खातों में रुपये भेजे गए हैं। इसके बाद इन खातों से अन्य खातों में रुपये भेजे गए हैं। खाताधारकों का सत्यापन किया जा रहा है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे उनके आधार पर कार्रवाई की जाएगी। - हरमीत सिंह, थानाध्यक्ष अकबरपुर