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छुट्टी मांगने के लिए बीमार महिला हाथ में ग्लूकोज और ड्रिप लगाकर दफ्तर पहुंची तो मिला फॉर्म
Sat, 20 Jul 2019 02:07 PM IST
शिखा पांडेय
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sat, 20 Jul 2019 02:07 PM IST
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महिला कर्मचारी ग्लूकोज की ड्रिप लगाकर ऑफिस पहुंचीं
- फोटो : अमर उजाला
कानपुर सेंट्रल स्टेशन के आरक्षण केंद्र में तैनात महिला कर्मचारी के बीमार होने पर उन्हें छुट्टी का फॉर्म लेने के लिए अस्पताल से बुलाया गया। इस पर महिला कर्मचारी ग्लूकोज की ड्रिप लगाकर ऑफिस पहुंचीं और वहां फार्म भरकर लोको अस्पताल में जमा किया। इसके बाद उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज किया गया।
सुष्मिता दास आरक्षण केंद्र में बतौर क्लर्क काम करती हैं। सोमवार को उनकी तबीयत खराब हुई तो वह लोको अस्पताल जांच कराने गईं। जहां उन्हें भर्ती कर लिया गया। उन्हें डिहाइड्रेशन की शिकायत हो गई थी। मंगलवार को अस्पताल से उन्हें छुट्टी मिलने के लिए जी-92 फार्म की जरूरत पड़ी।
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सुष्मिता दास आरक्षण केंद्र में बतौर क्लर्क काम करती हैं। सोमवार को उनकी तबीयत खराब हुई तो वह लोको अस्पताल जांच कराने गईं। जहां उन्हें भर्ती कर लिया गया। उन्हें डिहाइड्रेशन की शिकायत हो गई थी। मंगलवार को अस्पताल से उन्हें छुट्टी मिलने के लिए जी-92 फार्म की जरूरत पड़ी।
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इस पर उन्होेंने अपने टीटीई पति चंचल से किसी को फार्म लेने के लिए भेजने को कहा। उन्होेंने अपने साथी टीटीई संजय बिष्ट और संदीप मैसी को रिजर्वेशन आफिस भेजा। वहां चीफ रिजर्वेशन सुपरवाइजर गोपाल उमराव डिप्टी सीटीएम ऑफिस गए हुए थे। दूसरे सीआरएस भवानी प्रसाद ने टीटीई को फार्म नहीं दिया। कहा कि अलमारी की चाबी उनके पास नहीं है।
उन्होेंने उनकी एप्लीकेशन भी स्वीकार नहीं की और न ही यह कहा कि फार्म अभी दिया जाएगा। इस पर उन्होंने यह बात सुष्मिता दास को बताई। सुष्मिता अस्पताल से बीमारी की हालत में रिजर्वेशन केंद्र पहुंची, तब उन्हें फार्म मिला।
उन्होेंने उनकी एप्लीकेशन भी स्वीकार नहीं की और न ही यह कहा कि फार्म अभी दिया जाएगा। इस पर उन्होंने यह बात सुष्मिता दास को बताई। सुष्मिता अस्पताल से बीमारी की हालत में रिजर्वेशन केंद्र पहुंची, तब उन्हें फार्म मिला।