{"_id":"5c0170d6bdec2241486fc8df","slug":"shriramayanam-express-reach-dharmanagari-chitrakoot","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"'न मिला शुद्ध भोजन न कराए दर्शन' रामायणम ट्रेन के तीर्थयात्रियों ने व्यवस्था पर उठाए सवाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
'न मिला शुद्ध भोजन न कराए दर्शन' रामायणम ट्रेन के तीर्थयात्रियों ने व्यवस्था पर उठाए सवाल
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Updated Fri, 30 Nov 2018 10:48 PM IST
विज्ञापन
श्री रामायणम ट्रेन
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चित्रकूटः रामायणम ट्रेन के तीर्थयात्रियों ने रेलवे समेत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना पर गंभीर आरोप लगाए हैं। धर्मनगरी पहुंची ट्रेन के यात्रियों ने बताया कि उन्हें शुद्ध भोजन नहीं मिला। भगवान राम के कई स्थलों के दर्शन नहीं कराए गए। रात को धर्मनगरी पहुुंचने पर उन्हें ज्यादातर मंदिर के दरवाजे बंद मिले। ट्रेन की बोगियों में जलापूर्ति न होने व गंदगी होने की शिकायत की।
22 नवंबर को मुंबई महाराष्ट्र से तीर्थयात्रियों को लेकर बुद्धवार की शाम लगभग सात बजे रामायणम ट्रेन मानिकपुर जक्शन पहुंची। तीर्थयात्री राजस्थान निवासी मदनलाल शर्मा, एमएल अग्रवाल, सुरेश शर्मा, ललित कुमार आदि ने बताया कि मानिकपुर से प्राइवेट बस से चित्रकूट लाया गया। सती अनुसईया पहुंचने पर अंधेरा होने के कारण यात्री भगवान राम से जुडे़ चिन्ह व मंदिर के दर्शन नहीं कर पाए। उन्हें कहीं और नहीं ले जाया गया। सीधे रामघाट लाकर मंदाकिनी के दर्शन कराए गए। देर रात रामघाट के पास एक होटल में रेलवे द्वारा पहले तैयार किया भोजन दिया जो मानक के अनुसार पौष्टिक नहीं था। रात डेढ़ बजे सभी को मानिकपुर लाकर ट्रेन में बैठा दिया गया। चित्रकूट के बारे में जो सुना था वह नहीं देख पाए।
विज्ञापन
22 नवंबर को मुंबई महाराष्ट्र से तीर्थयात्रियों को लेकर बुद्धवार की शाम लगभग सात बजे रामायणम ट्रेन मानिकपुर जक्शन पहुंची। तीर्थयात्री राजस्थान निवासी मदनलाल शर्मा, एमएल अग्रवाल, सुरेश शर्मा, ललित कुमार आदि ने बताया कि मानिकपुर से प्राइवेट बस से चित्रकूट लाया गया। सती अनुसईया पहुंचने पर अंधेरा होने के कारण यात्री भगवान राम से जुडे़ चिन्ह व मंदिर के दर्शन नहीं कर पाए। उन्हें कहीं और नहीं ले जाया गया। सीधे रामघाट लाकर मंदाकिनी के दर्शन कराए गए। देर रात रामघाट के पास एक होटल में रेलवे द्वारा पहले तैयार किया भोजन दिया जो मानक के अनुसार पौष्टिक नहीं था। रात डेढ़ बजे सभी को मानिकपुर लाकर ट्रेन में बैठा दिया गया। चित्रकूट के बारे में जो सुना था वह नहीं देख पाए।
विज्ञापन
यात्रा में शामिल सीनियर सिटीजन के लिए व्यवस्था सही नहीं थी
स्टेशन पर खड़ी श्री रामायणम ट्रेन
- फोटो : अमर उजाला
यात्रियों ने यह भी आरोप लगाया कि ट्रेन की बोगी गंदी व सीटों पर धूल जमा थी। वाश बेसिन की नल की टोटी टूटी थी। बाथरूम में गंदगी थी। कुछ बोगी के यात्री तो मिनरल वाटर बाहर से ले जाकर बाथरूम जाते हैं। इनकी शिकायत रेल अधिकारियों से मानिकपुर में किया गया लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
यात्रियों ने यह भी आरोप लगाया कि यात्रा में शामिल सीनियर सिटीजन के लिए व्यवस्था सही नहीं थी। तीन किमी तक इन यात्रियों को पैदल चलना पड़ा। पूरे मामले में मानिकपुर के स्टेशन प्रबंधक बालमुकुंद ने बताया कि यात्रियों की मौखिक शिकायत रही जिसकी जानकारी उच्चाधिकारियों को दी गई है।
यात्रियों ने यह भी आरोप लगाया कि यात्रा में शामिल सीनियर सिटीजन के लिए व्यवस्था सही नहीं थी। तीन किमी तक इन यात्रियों को पैदल चलना पड़ा। पूरे मामले में मानिकपुर के स्टेशन प्रबंधक बालमुकुंद ने बताया कि यात्रियों की मौखिक शिकायत रही जिसकी जानकारी उच्चाधिकारियों को दी गई है।