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पटियाला से परीक्षा देने आई श्रद्धा की हत्या का मामला: बदले की आग में जल रहा था प्रेमी, हत्या करना ठान लिया था

Fri, 19 Nov 2021 10:50 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: प्रभापुंज मिश्रा Updated Fri, 19 Nov 2021 10:50 PM IST
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Shraddha murder case: lover was burning in fire of revenge, was determined to kill
पकड़े गए आरोपी - फोटो : amar ujala
पटियाला से कानपुर में दरोगा भर्ती की परीक्षा देने आई श्रद्धा के हत्यारोपी सुजीत कुमार गौतम उससे शादी करना चाहता था, लेकिन श्रद्धा ने पटियाला निवासी हरजीत सिंह से प्रेम विवाह कर लिया था। इससे बौखलाए सुजीत ने बदला लेने की ठान ली थी। वह मौके की तलाश में था। इस बीच श्रद्धा परीक्षा देने कानपुर आई तो सुजीत ने उसे मार डाला। शुक्रवार को पुलिस ने दोनों हत्यारोपियों को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया। 
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सीओ सदर ऋषिकेश यादव ने बताया कि सुजीत दूर की रिश्तेदार कनौज के छिबरामऊ निवासी श्रद्धा को बचपन से ही एक तरफा प्यार करता था। वह उससे शादी करना चाहता था। लेकिन श्रद्धा उसे महज एक दोस्त की तरफ ट्रीट करती थी। इस बीच एक साल पहले मैट्रिमोनियल साइट के जरिए श्रद्धा की मुलाकात पटियाला निवासी हरजीत सिंह से हो गई थी। परिजनों की रजामंदी के बाद 27 मई 2021 को दोनों ने प्रेम विवाह कर लिया था। इधर, श्रद्धा की शादी के बाद से सुजीत उससे खुन्नस रखने लगा था और उसे रास्ते से हटाने की ठान ली थी।
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दोस्त बनकर रिसीव किया, फिर गला घोंटकर मार डाला
ट्रांसपोर्टर हरजीत सिंह ने बताया कि श्रद्धा 11 नवंबर को अंबाला स्टेशन से ऊंचाहार एक्सप्रेस से कानपुर के लिए रवाना हुई थी। 12 नवंबर की सुबह करीब 5.30 बजे वह कानपुर सेंट्रल स्टेशन पहुंची। वहां पहले से मौजूद सुजीत ने उसे रिसीव किया। वहां दोनों ने काफी देर तक बातचीत की, फिर चकरपुर स्थित परीक्षा केंद्र पर छोड़ दिया। शाम को 7.50 बजे आम्रपाली एक्सप्रेस से श्रद्धा का वापसी थी। लिहाजा सुजीत परीक्षा के बाद घूमने की बात कहकर स्कूल के बाहर इंतजार करने लगा। करीब 6.15 बजे उसने श्रद्धा को रिसीव किया फिर उसे बिधनू के उजियारा में लेकर गला घोंटकर मार डाला। इसके लिए उसने पहले से ही एक सुनसान इलाका चुन रखा था।
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पांच घंटे तक दोनों स्टेशन पर ही थे
हरजीत सिंह ने बताया कि 15 नवंबर को उन्होंने सचेंडी थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई न होती देख वह स्वयं गुमशुदगी की कॉपी लेकर कानपुर सेंट्रल स्टेशन पहुंचे। जहां उन्होंने रेलवे के अधिकारियों की मदद से सीसीटीवी फुटेज खंगाले। जिसमें 12 नवंबर सुबह 5.30 बजे से करीब 10.30 बजे तक श्रद्धा व सुजीत स्टेशन पर धूमते दिखाई दिए। इसके बाद दोनों स्टेशन से बाहर निकल गए थे। जिसकी जानकारी उन्होंने थाना प्रभारी को दी। सर्विलांस की मदद से पुलिस ने सुजीत को बिधनू के रमईपुर हाईवे से दबोच लिया था।

बाइक से शव लेकर गए थे आरोपी
सुजीत ने बताया कि श्रद्धा को मौत के घाट उतारने के बाद उसने अपने दोस्त सूरज को कॉल कर बुलाया। जहां श्रद्धा के शव को बाइक के बीच में रखकर उजियारा से मंझावन, तिरमा, पाली तिलसहरी से होते हुए महाराजपुर के किसनपुर गांव पहुंचा और वहां पर शव को नाले में फेंक दिया। यह पूरा रास्ता मोटरसाइकिल से 22-23 किलोमीटर का है। इतना लंबा रास्ता शव को बाइक पर बैठाकर तय किया गया। इस दौरान किसी ने उन्हें नहीं रोका। किसी को शक न हो इसलिए मुंह पर कपड़ा ढंक दिया था, जिससे वह बीमार दिखे।
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