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शव के लिए नहीं मिला स्ट्रेचर, बेटी ने दुपट्टा बिछाकर जमीन पर लिटाया
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कन्नौजः जमीन पर दुपट्टा बिछाती मृतक की बेटी और किसान के शव को लेकर आता युवक।
- फोटो : KANNAUJ
कन्नौज। हादसे में जान गंवाने वाले किसान के शव के लिए जिला अस्पताल में स्ट्रेचर तक नहीं मिला। शव मोर्चरी के बाहर जमीन पर लिटाने की नौबत आई तो बेटी ने अपना दुुपट्टा बिछा दिया। गंदगी देख मृतक के परिजनों को खुद सफाई करनी पड़ी। पूरे मामले का वीडियो वायरल होने के बाद डीएम ने संज्ञान में लिया है। सीएमओ को जांच के निर्देश दिए हैं।
सदर कोतवाली क्षेत्र के जेवां-अटारा निवासी किसान महेश सोमवार को बाइक की टक्कर लगने से गंभीर रूप से घायल हो गए। परिजनों ने जिला अस्पताल में भर्ती कराया। हालत बिगड़ती देख डॉक्टर ने कानपुर के लिए रेफर कर दिया। आरोप है कि एंबुलेंस चालक ने कानपुर जाने के लिए मना कर दिया। शिकायत करने के लिए कहने पर वह घायल किसान को कानपुर ले जाने के बजाय राजकीय मेडिकल लेकर पहुंच गया। यहां डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। एंबुलेंस चालक महेश को जिला अस्पताल की मोर्चरी के बाहर सड़क पर छोड़कर चला गया। यहां स्ट्रेचर न मिलने पर बेटी ने तेज धूप में पिता को जमीन पर लिटाते देख अपना दुपट्टा बिछा दिया। काफी देर तक बेटी अकेले पिता के शव पर लिपटकर रोटी रही। किसी स्वास्थ्य कर्मी ने सुध नहीं ली।
करीब एक घंटे बाद मोर्चरी पहुंचे ग्रामीणों की मदद से शव को टिन शेड के नीचे रखवाया गया। इससे पहले गंदगी देख परिजनों ने परिसर की सफाई की। मंगलवार को इस मामले का वीडियो वायरल होने पर डीएम राकेश कुमार मिश्रा ने सीएमओ डॉ. कृष्ण स्वरूप को जांच कर कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
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सीएमएस डॉ. यूसी चतुर्वेदी ने बताया कि जिला अस्पताल से किसान के शव को स्ट्रेचर पर ही मोर्चरी में भेजा गया था। कर्मचारी शव को स्ट्रेचर पर छोड़कर मोर्चरी की चाबी लेने आया तो परिजनों ने ही शव को जमीन पर लिटा दिया। एंबुलेंस चालक की भूमिका की जांच कराई जाएगी।
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सदर कोतवाली क्षेत्र के जेवां-अटारा निवासी किसान महेश सोमवार को बाइक की टक्कर लगने से गंभीर रूप से घायल हो गए। परिजनों ने जिला अस्पताल में भर्ती कराया। हालत बिगड़ती देख डॉक्टर ने कानपुर के लिए रेफर कर दिया। आरोप है कि एंबुलेंस चालक ने कानपुर जाने के लिए मना कर दिया। शिकायत करने के लिए कहने पर वह घायल किसान को कानपुर ले जाने के बजाय राजकीय मेडिकल लेकर पहुंच गया। यहां डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। एंबुलेंस चालक महेश को जिला अस्पताल की मोर्चरी के बाहर सड़क पर छोड़कर चला गया। यहां स्ट्रेचर न मिलने पर बेटी ने तेज धूप में पिता को जमीन पर लिटाते देख अपना दुपट्टा बिछा दिया। काफी देर तक बेटी अकेले पिता के शव पर लिपटकर रोटी रही। किसी स्वास्थ्य कर्मी ने सुध नहीं ली।
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करीब एक घंटे बाद मोर्चरी पहुंचे ग्रामीणों की मदद से शव को टिन शेड के नीचे रखवाया गया। इससे पहले गंदगी देख परिजनों ने परिसर की सफाई की। मंगलवार को इस मामले का वीडियो वायरल होने पर डीएम राकेश कुमार मिश्रा ने सीएमओ डॉ. कृष्ण स्वरूप को जांच कर कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
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सीएमएस डॉ. यूसी चतुर्वेदी ने बताया कि जिला अस्पताल से किसान के शव को स्ट्रेचर पर ही मोर्चरी में भेजा गया था। कर्मचारी शव को स्ट्रेचर पर छोड़कर मोर्चरी की चाबी लेने आया तो परिजनों ने ही शव को जमीन पर लिटा दिया। एंबुलेंस चालक की भूमिका की जांच कराई जाएगी।