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पीएचडी छात्रा से यौन शोषण: SIT के सामने पेश नहीं हुआ मोहसिन, काली कार से घूमता दिखाई पड़ा, ये बात आई है सामने

Fri, 27 Dec 2024 11:20 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Fri, 27 Dec 2024 11:20 AM IST
सार

Kanpur News: नाम न छापने की शर्त पर मोहसिन से मिलने वालों में से कुछ ने बताया कि वह आईआईटी छात्रा से बात करने के लिए जोर दे रहा है, ताकि छात्रा अपने बयान वापस ले ले। लोगों से वह नौकरी और समाज में हो रही बदनामी से बचाने में सहयोग की गुहार लगा रहा है।

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Sexual abuse of PhD student Mohsin did not appear before SIT was seen roaming around in a black car
एसीपी मोहम्मद मोहसिन खान - फोटो : amar ujala

विस्तार

कानपुर आईआईटी की पीएचडी छात्रा से यौन शोषण मामले में फंसा एसीपी मोहसिन खान गुरुवार को शहर में एक काली कार में घूमते हुए दिखाई दिया। यह तब है जब पुलिस जांच के नाम पर खानापूर्ति करते हुए उसे जांच में शामिल होने के लिए सिर्फ तीन नोटिस ही दे सकी है।

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इसमें दो हाईकोर्ट से स्टे मिलने से पहले दिए गए थे, जबकि एक दो दिन पहले दिया गया है।  नोटिस के बावजूद आरोपी मोहसिन के जांच में शामिल न होने पर पुलिस अब उसके जांच में सहयोग न करने की जानकारी हाईकोर्ट को देने की तैयारी कर रही है।

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स्टे को हटवाने के लिए हाईकोर्ट का रुख करेगी पुलिस
सूत्रों का कहना है कि पुलिस अभी एक बार आरोपी को और मौका देगी, लेकिन अगर एडीसीपी ट्रैफिक व एसआईटी प्रमुख अर्चना सिंह के छुट्टी से वापस आने से पहले तक वह जांच में शामिल न हुआ तो उसको मिले स्टे को हटवाने के लिए पुलिस हाईकोर्ट का रुख करेगी।

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एक इंस्पेक्टर से 16 मिनट की मुलाकात की
वहीं, सूत्रों का कहना है कि एसीपी अपने साथ तैनात रहे इंस्पेक्टर और दरोगाओं से मिलकर खुद को बचाने के लिए बिसात बिछा रहा है। एक इंस्पेक्टर से 16 मिनट की मुलाकात की। इसके बाद वह कल्याणपुर इलाके में दिखाई दिया।

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बदनामी से बचाने में सहयोग की लगा रहा गुहार
नाम न छापने की शर्त पर मोहसिन से मिलने वालों में से कुछ ने बताया कि वह आईआईटी छात्रा से बात करने के लिए जोर दे रहा है, ताकि छात्रा अपने बयान वापस ले ले। लोगों से वह नौकरी और समाज में हो रही बदनामी से बचाने में सहयोग की गुहार लगा रहा है।

छात्रा ने पहले ही जताई थी आशंका
छात्रा ने अपने बयानों में कहा था कि एसीपी मोहसिन ने अपनी शक्ति और प्रभाव का उपयोग कर डराने धमकाने और नुकसान पहुंचाने की हर संभव कोशिश की है। हालांकि आईआईटी परिसर में मोहसिन के पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।

छात्रा का बयान दूसरे केस में दर्ज नहीं हो पाया
पुलिस सूत्रों के अनुसार पूरे मामले से छात्रा मानसिक रूप से परेशान है। छोटी-छोटी बातों पर वह डर जाती है। यही वजह है कि रिपोर्ट दर्ज होने के दूसरे दिन भी छात्रा का बयान दूसरे केस में दर्ज नहीं हो पाया है। जल्द ही बयान दर्ज कराए जाएंगे।

यह था पूरा मामला
आईआईटी की पीएचडी छात्रा ने 12 दिसंबर को कलक्टरगंज में तैनात रहे पूर्व एसीपी मोहसिन खान पर शादी का झांसा देकर यौन उत्पीड़न का मामला दर्ज कराया था। इसके बाद एसीपी को पुलिस मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया था। मामले की जांच के लिए एसआईटी बनाई गई है। 19 दिसंबर को हाईकोर्ट ने मोहसिन की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी।

2023 को पहली बार एक कार्यक्रम में मिले थे दोनों
आईआईटी से पीएचडी कर रही छात्रा ने कल्याणपुर थाने में एसीपी मोहसिन खान पर विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप लगाया कि एसीपी उससे तीन दिसंबर 2023 को पहली बार एक कार्यक्रम में मिले थे। इसके बाद जून 2024 में उससे संपर्क किया और आईआईटी कानपुर में पीएचडी में प्रवेश के लिए मदद मांगी। 

शादी का वादा कर संबंध बनाया
इस पर उनकी मदद की और योग्यता के आधार पर उन्हें प्रवेश मिल गया। बाद में दोनों के बीच मैत्रीपूर्ण संबंध हो गए। इसी दौरान एसीपी ने अपनी पत्नी को तलाक देकर उससे शादी का वादा कर संबंध बनाया। एसीपी ने दर्ज एफआईआर को रद्द करने और गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग करते हुए याचिका दाखिल की।

मोहसिन शादीशुदा हैं, तब भी संबंध बनाए
याची के अधिवक्ता इरफान उल्ला व विनीत विक्रम ने दलील दी कि एफआईआर में छात्रा की ओर से लगाए गए आरोप झूठे हैं। उसे यह जानकारी थी कि मोहसिन शादीशुदा हैं, तब भी उसने मर्जी से संबंध बनाए। वह पढ़ी-लिखी हैं। उसका यह कहना कि झांसा देकर संबंध बनाया गया, समझ से परे है। न्यायालय ने पक्षों को सुनने के बाद एसीपी की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है।

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