कानपुर मेफेड्रोन कांड: एक ग्राम से तैयार होती थीं 50 पुड़िया, कमाते थे दोगुना मुनाफा, इन राज्यों से है कनेक्शन
Kanpur News: कानपुर में पकड़े गए एक करोड़ के मेफेड्रोन मामले में पुलिस की पूछताछ में बड़े खुलासे हुए हैं। आरोपी शान ने बताया कि एक ग्राम मेफेड्रोन से 40 से 50 पुड़िया बनाकर चार से छह हजार रुपये प्रति पुड़िया के हिसाब से रईसजादों को बेची जाती थी, जिससे दोगुना मुनाफा कमाया जाता था।
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कानपुर में पुलिस की पूछताछ में शान ने बताया कि मेफेड्रोन की बिक्री मिलीग्राम में होती है। एक ग्राम में 40 से 50 पुड़िया तैयार की जाती हैं। फिर उन्हें चार से छह हजार रुपये प्रति पुड़िया के हिसाब से रईसजादों तक डिमांड के अनुसार पहुंचाया जाता है। एक करोड़ की कीमत वाला 100 ग्राम माल दो करोड़ तक में बेचा जाता है।
शान ने बताया कि मेफेड्रोन ड्रग क्रिस्टल के रूप में होता है। एक पुड़िया में पांच से छह दाने ही डाले जाते हैं। गिरोह अभी शहर में पूरी तरह से मार्केट तैयार नहीं कर पाया था। मेफेड्रोन मुंबई में आसानी से उपलब्ध हो जाता है। पुलिस ने बताया कि शान के खिलाफ कर्नलगंज थाने में मारपीट के दो मामले दर्ज हैं।
म्याऊ-म्याऊ के नाम से जानते हैं नशे के आदी
पुलिस ने बताया कि मेफेड्रोन तो अंतरराष्ट्रीय नाम है, लेकिन इसकी तस्करी करने वाले और इसे खरीदने वाले इसे म्याऊ-म्याऊ, एम कैट और ड्रोन नाम से अधिक जानते हैं। यह एक बेहद नशीला और खतरनाक पदार्थ होता है। इसके इस्तेमाल से नशे का आदी व्यक्ति अधिक ऊर्जा, उत्साह, आत्मविश्वास और बातचीत करने की इच्छा महसूस करता है।
अत्यधिक सेवन से हो सकती है मौत
इसके अलावा नशे के लती लोगों को घबराहट, दिल की धड़कन तेज होना, पसीना आना, उच्च रक्तचाप और अनिद्रा जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसे नाक से खींचने के अलावा पानी या कागज में लपेटकर निगला जाता है या कभी-कभी इसका इंजेक्शन लगाया जाता है। अत्यधिक सेवन से मौत तक हो सकती है।
खंगाला जाएगा मुंबई, गुजरात और राजस्थान का कनेक्शन
पुलिस के मुताबिक जनवरी 2026 में राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने राजस्थान में एक ट्रक से 270 किलोग्राम मेफेड्रोन ड्रग बरामद किया था। हरियाणा में इसके निर्माण और सप्लाई से जुड़े ठिकानों पर भी कार्रवाई हुई। इसी तरह मार्च 2026 में गुजरात एटीएस ने अंबेडकरनगर में अवैध निर्माण इकाई का भंडाफोड़ किया था।
कुछ मोबाइल नंबर भी मिले हैं
फजलगंज पुलिस का कहना है कि मेफेड्रोन के निर्माण और तस्करी से संबंधित और भी जरूरी जानकारी के लिए गुजरात और राजस्थान दोनों राज्यों की पुलिस की मदद लेने की तैयारी की जा रही है। इससे यूपी और खासतौर से कानपुर के नेटवर्क का सुराग हाथ लग सके। पकड़े शान से कुछ मोबाइल नंबर मिले हैं, जिन्हें मुंबई पुलिस के साथ-साथ राजस्थान व गुजरात पुलिस से भी साझा किया जाएगा।
कल्याणपुर से ओजी गांजा, तो रेव पार्टी में मिली थी एलएसडी
शहर में गांजा, चरस और हेरोइन बरामद की जाती रही है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों से मेफेड्रोन की तरह ही बेहद खतरनाक मादक पदार्थों की भी बरामदगी की गई है। इसमें 18 अप्रैल 2026 को एनआरआई सिटी स्थित एक क्लब में रेव पार्टी पर छापे के दौरान करीब 140 लोग मौजूद मिले थे।
शिक्षण संस्थानों के छात्रों को बेचता था
पुलिस ने मौके से एलएसडी (एसिड व लूसी भी कहा जाता है), कोकीन, गांजा, चरस और हशीश बरामद की थी। इसी तरह 17 मार्च 2026 को कल्याणपुर क्षेत्र में पनकी नहर के पास से नवाबगंज के पिंकू वर्मा को गिरफ्तार के पास से पुलिस ने अमेरिकन ओजी गांजा बरामद किया था। पुलिस के मुताबिक आरोपी इस गांजे को शिक्षण संस्थानों के छात्रों को बेचता था।