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स्वतंत्रता सेनानी व सात बार विधायक रहे भगवती सिंह विशारद का देहांत
Mon, 02 Dec 2019 03:51 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उन्नाव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उन्नाव
Published by: शिखा पांडेय
Updated Mon, 02 Dec 2019 03:51 PM IST
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भगवती सिंह विशारद फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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स्वतंत्रता संग्राम सेनानी व उन्नाव के भगवंत नगर विधानसभा क्षेत्र से सात बार विधायक रहे भगवती सिंह विशारद का देहांत हो गया। वह 30 सितंबर को 99 साल के हुए थे। विशारद मूल रूप से बीघापुर तहसील के झगरपुर गांव के निवासी थे।
काफी समय से कानपुर के धनकुट्टी मोहल्ले में किराए के मकान में रह रहे थे। उन्होंने अपना पूरा जीवन समाजसेवा में ही गुजार दिया। अंग्रेजों के खिलाफ स्वतंत्रता आंदोलन में भाग लिया। उन्होंने बीकॉम किया और फिर हिंदी साहित्य में विशारद किया, तभी से विशारद की उपाधि उनके नाम से जुड़ गई।
वह अपने पीछे परिवार में बेटे रघुवीर, बहू कमला, पौत्र अनुराग, पौत्रवधू सुनीता, परपौत्र अभिषेक और पुत्र नरेश सिंह व बहू चंदा को छोड़ गए हैं। उनके पुत्र रघुवीर उन्नाव के गांव में रहते हैं।
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सोमवार सुबह कानपुर में उनका देहांत हुआ। पार्थिव शरीर उन्नाव के पैतृक गांव लाया जा रहा है। जीवित अवस्था में उन्होंने देहदान कर दिया था। भतीजे वीर प्रताप सिंह ने बताया कि कानपुर मेडिकल कॉलेज में बात हुई है शव मंगलवार को मेडिकल कॉलेज को दिया जाएगा।
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काफी समय से कानपुर के धनकुट्टी मोहल्ले में किराए के मकान में रह रहे थे। उन्होंने अपना पूरा जीवन समाजसेवा में ही गुजार दिया। अंग्रेजों के खिलाफ स्वतंत्रता आंदोलन में भाग लिया। उन्होंने बीकॉम किया और फिर हिंदी साहित्य में विशारद किया, तभी से विशारद की उपाधि उनके नाम से जुड़ गई।
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वह अपने पीछे परिवार में बेटे रघुवीर, बहू कमला, पौत्र अनुराग, पौत्रवधू सुनीता, परपौत्र अभिषेक और पुत्र नरेश सिंह व बहू चंदा को छोड़ गए हैं। उनके पुत्र रघुवीर उन्नाव के गांव में रहते हैं।
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सोमवार सुबह कानपुर में उनका देहांत हुआ। पार्थिव शरीर उन्नाव के पैतृक गांव लाया जा रहा है। जीवित अवस्था में उन्होंने देहदान कर दिया था। भतीजे वीर प्रताप सिंह ने बताया कि कानपुर मेडिकल कॉलेज में बात हुई है शव मंगलवार को मेडिकल कॉलेज को दिया जाएगा।