{"_id":"5dd244278ebc3e5474296868","slug":"seven-lakh-students-of-csjm-university-get-relief-fees-will-not-increase","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"सीएसजेएम विश्वविद्यालय के सात लाख छात्रों के लिए जरूरी खबर, फीस वृद्धि टली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सीएसजेएम विश्वविद्यालय के सात लाख छात्रों के लिए जरूरी खबर, फीस वृद्धि टली
Mon, 18 Nov 2019 12:58 PM IST
शिखा पांडेय
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Mon, 18 Nov 2019 12:58 PM IST
विज्ञापन
सीएसजेएमयू
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कानपुर स्थित छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय ने डेढ़ गुनी फीस बढ़ाने के फैसले को फिलहाल टाल दिया है। विवि. प्रशासन ने फीस वृद्धि के फैसले को स्थगित करते हुए इसे वेबसाइट पर अपलोड कर दिया है। प्रशासन का कहना है कि मामला कोर्ट में विचाराधीन है। कोर्ट का निर्णय आने के बाद ही फीस वृद्धि को लेकर कोई फैसला किया जाएगा।
बता दें कि विवि से संबद्ध कॉलेजों के करीब सात लाख से अधिक छात्र-छात्राओं से इस बार बढ़ी हुई फीस वसूली गई थी। कुलपति प्रो. नीलिमा गुप्ता के आदेश पर इसी सत्र से स्नातक (बीए, बीएससी, बीकॉम) का परीक्षा शुल्क 885 से बढ़ाकर 1185 रुपये और प्रैक्टिकल व मौखिक परीक्षाओं के लिए अलग से सौ रुपये शुल्क वसूला गया।
विज्ञापन
बता दें कि विवि से संबद्ध कॉलेजों के करीब सात लाख से अधिक छात्र-छात्राओं से इस बार बढ़ी हुई फीस वसूली गई थी। कुलपति प्रो. नीलिमा गुप्ता के आदेश पर इसी सत्र से स्नातक (बीए, बीएससी, बीकॉम) का परीक्षा शुल्क 885 से बढ़ाकर 1185 रुपये और प्रैक्टिकल व मौखिक परीक्षाओं के लिए अलग से सौ रुपये शुल्क वसूला गया।
विज्ञापन
परास्नातक (एमए, एमएससी और एमकॉम) के छात्र-छात्राओं से 835 के बजाए 1385 रुपये, बीएड के छात्रों से परीक्षा शुल्क 1300 से बढ़ाकर 1500, एमएड के विद्यार्थियों से 1700 रुपये के बजाय दो हजार रुपये परीक्षा शुल्क लिया गया। बीएससी नर्सिंग के विद्यार्थियों से एक हजार के बजाए दो हजार रुपये परीक्षा शुल्क लिया गया। इसके अलावा एमबीबीएस, बीएमएस, बीयूएमएस का परीक्षा शुल्क 7500 से बढ़ाकर नौ हजार रुपये लिया गया।
मेडिकल के पीजी कोर्स का शुल्क 10 हजार से बढ़ाकर 12 हजार, एलएलबी और बीए-एलएलबी के स्टूडेंट्स से 1020 के बजाय 1500 रुपये परीक्षा शुल्क लिया गया। खेल शुल्क भी 20 रुपये से बढ़ाकर 40 रुपये कर दिया गया। फीस वृद्धि को लेकर कई स्ववित्तपोषित कॉलेज संचालक हाईकोर्ट गए थे। उप्र स्ववित्तपोषित कॉलेज एसोसिएशन के अध्यक्ष विनय त्रिवेदी ने कहा कि कॉलेज संचालक लगातार फीस वृद्धि का विरोध कर रहे थे।
मेडिकल के पीजी कोर्स का शुल्क 10 हजार से बढ़ाकर 12 हजार, एलएलबी और बीए-एलएलबी के स्टूडेंट्स से 1020 के बजाय 1500 रुपये परीक्षा शुल्क लिया गया। खेल शुल्क भी 20 रुपये से बढ़ाकर 40 रुपये कर दिया गया। फीस वृद्धि को लेकर कई स्ववित्तपोषित कॉलेज संचालक हाईकोर्ट गए थे। उप्र स्ववित्तपोषित कॉलेज एसोसिएशन के अध्यक्ष विनय त्रिवेदी ने कहा कि कॉलेज संचालक लगातार फीस वृद्धि का विरोध कर रहे थे।
पहले भी विवि. प्रशासन ने फीस बढ़ाने का फैसला लिया था लेकिन बाद में फैसला वापस लेना पड़ा था। मामला पिछले चार माह से कोर्ट में चल रहा है। शनिवार को विवि प्रशासन ने आपात बैठक बुलाकर फीस वृद्धि को लेकर गंभीरता से चर्चा की। अंत में फीस वृद्धि का फैसला स्थगित कर दिया गया। साथ ही कहा कि कोर्ट के फैसले के आधार पर ही बढ़ी हुई फीस की वापसी पर निर्णय होगा।
बोले जिम्मेदार
सीएसजेएमयू व इससे संबद्ध कॉलेजों की स्नातक व परास्नातक कोर्स में फीस वृद्धि के फैसले को स्थगित कर दिया गया है। अग्रिम फैसला कोर्ट के आदेश के बाद ही लिया जाएगा। वेबसाइट में भी अपडेट कर दिया गया है। - डॉ. अनिल कुमार यादव, परीक्षा नियंत्रक
बोले जिम्मेदार
सीएसजेएमयू व इससे संबद्ध कॉलेजों की स्नातक व परास्नातक कोर्स में फीस वृद्धि के फैसले को स्थगित कर दिया गया है। अग्रिम फैसला कोर्ट के आदेश के बाद ही लिया जाएगा। वेबसाइट में भी अपडेट कर दिया गया है। - डॉ. अनिल कुमार यादव, परीक्षा नियंत्रक