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सिक्योरिटी फीस से कन्फर्म होंगी सीटें
अमर उजाला ब्यूरो/कानपुर
Updated Mon, 20 Jun 2016 12:56 AM IST
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कानपुर। आईआईटी, एनआईटी, ट्रिपल आईटी, जीएफटी, आईएसएम धनबाद और उनकी अलग-अलग ब्रांच की सीटों का विकल्प लॉक करने वाले स्टूडेंट अब सिक्योरिटी फीस जमा कर सीट कन्फर्म करा सकेंगे। ऐसा पहली बार होगा। सामान्य स्टूडेेंटों की सिक्योरिटी फीस 45 हजार और एससी, एसटी, ओबीसी, सभी श्रेणी के नि:शक्त स्टूडेंटों की फीस 20 हजार रुपये तय की गई है। एसबीआई नेट बैंकिंग और ई-चालान से फीस जमा की जा सकेगी।
देश के प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग, साइंस और माइनिंग इंस्टीट्यूट की एडमिशन प्रक्रिया 24 जून से शुरू होगी। इससे पहले ही जॉइंट एडमिशन बोर्ड (जैब) ने रविवार को सीटें भरने का नियम, मानक बना दिया। यह पहला मौका है, जब एडमिशन से पहले स्टूडेेंटों से सिक्योरिटी फीस जमा कराई जाएगी। पहले (2015) काउंसलिंग के बाद फीस जमा कराने की व्यवस्था थी लेकिन इस बार (2016) ऐसा नहीं होगा। सिक्योरिटी फीस जमा करके ही इंस्टीट्यूट और उसकी सीटें प्राप्त की जा सकेंगी। जो स्टूडेंट फीस नहीं जमा करेंगे, उनका आवंटन निरस्त कर दिया जाएगा। जॉइंट एंट्रेंस एग्जाम (जेईई) एडवांस के चेयरमैन प्रो. कृष्णकांत ने बताया कि सिक्योरिटी फीस जमा कराने की व्यवस्था पहली बार लागू की गई है।
इस वजह से लागू हुई व्यवस्था
वर्ष 2015 में आईआईटी, एनआईटी, ट्रिपल आईटी, जीएफटी और आईएसएम की तमाम सीटें खाली रह गई थीं। यही नौबत इस बार (2016) न आए, इसलिए जॉइंट एडमिशन बोर्ड (जैब) ने सतर्कता बरती है। विकल्प लॉक करने से पहले ही सिक्योरिटी फीस जमा करने की व्यवस्था कर दी है। सीट कंफर्म होने पर यह सिक्योरिटी मनी फीस में ही मैनेज कर ली जाएगी। सीट कन्फर्म न होने पर फीस वापस हो जाएगी।
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देश के प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग, साइंस और माइनिंग इंस्टीट्यूट की एडमिशन प्रक्रिया 24 जून से शुरू होगी। इससे पहले ही जॉइंट एडमिशन बोर्ड (जैब) ने रविवार को सीटें भरने का नियम, मानक बना दिया। यह पहला मौका है, जब एडमिशन से पहले स्टूडेेंटों से सिक्योरिटी फीस जमा कराई जाएगी। पहले (2015) काउंसलिंग के बाद फीस जमा कराने की व्यवस्था थी लेकिन इस बार (2016) ऐसा नहीं होगा। सिक्योरिटी फीस जमा करके ही इंस्टीट्यूट और उसकी सीटें प्राप्त की जा सकेंगी। जो स्टूडेंट फीस नहीं जमा करेंगे, उनका आवंटन निरस्त कर दिया जाएगा। जॉइंट एंट्रेंस एग्जाम (जेईई) एडवांस के चेयरमैन प्रो. कृष्णकांत ने बताया कि सिक्योरिटी फीस जमा कराने की व्यवस्था पहली बार लागू की गई है।
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इस वजह से लागू हुई व्यवस्था
वर्ष 2015 में आईआईटी, एनआईटी, ट्रिपल आईटी, जीएफटी और आईएसएम की तमाम सीटें खाली रह गई थीं। यही नौबत इस बार (2016) न आए, इसलिए जॉइंट एडमिशन बोर्ड (जैब) ने सतर्कता बरती है। विकल्प लॉक करने से पहले ही सिक्योरिटी फीस जमा करने की व्यवस्था कर दी है। सीट कंफर्म होने पर यह सिक्योरिटी मनी फीस में ही मैनेज कर ली जाएगी। सीट कन्फर्म न होने पर फीस वापस हो जाएगी।
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