फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Second Monday of Sawan: Temples of the city echoed with cheers of Bholenath, devotees performed Jalabhishek

सावन का दूसरा सोमवार: भोलेनाथ के जयकारों से गूंजे शहर के मंदिर, भक्तों ने किया जलाभिषेक

Mon, 17 Jul 2023 12:34 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Mon, 17 Jul 2023 12:34 PM IST
सार

सावन के दूसरे सोमवार को कानपुर के सभी शिव मंदिरों में भक्तों का जन सैलाब दर्शन के लिए उमड़ पड़ा। भक्तों ने भगवान शिव का जलाभिषेक किया।

विज्ञापन
Second Monday of Sawan: Temples of the city echoed with cheers of Bholenath, devotees performed Jalabhishek
सावन 2023 - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सावन के दूसरे सोमवार को बाबा भोलेनाथ के भक्तों का प्रेम और श्रद्धा अपने चरम पर दिखी। देर रात से ही बाबा भोलेनाथ के दर्शनों के लिए भक्त मंदिरों में लाइन में लगने लगे। शहर के परमट स्थित आनंदेश्वर मंदिर, नवाबगंज के जागेश्वर मंदिर, जाजमऊ के सिद्धनाथ मंदिर, पीरोड के वनखंडेश्वर मंदिर, नयागंज स्थित नागेश्वर मंदिर समेत अन्य मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ बाबा का पूजन, दर्शन और आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए उमड़ी।

विज्ञापन


मंदिर प्रांगण बाबा भोलेनाथ के जयकारों से गूंज उठे। परमट मंदिर में रात दो बजे मंगला आरती के बाद भक्तों ने बाबा आनंदेश्वर के दर्शन, पूजन व जलाभिषेक कर अपने परिवार की सुख, शांति व समृद्धि के लिए प्रार्थना की। यहां पर पट खुलते ही भक्तों की भीड़ बाबा के दर्शनाें के लिए उमड़ पड़ी। वहीं नवाबगंज स्थित जागेश्वर मंदिर में मंगला आरती के बाद मंदिर के पट रात तीन बजे से भक्तों के दर्शनों के लिए खोले गए। रविवार की रात को बाबा जागेश्वर का अभिषेक किया गया।

विज्ञापन

वहीं, पीरोड के वनखंडेश्वर मंदिर में दूसरे सोमवार के लिए विशेष तैयारियां मंदिर समिति की ओर से की गईं। यहां पर भी मंगला आरती के बाद मंदिर के पट रात तीन बजे से भक्तों के लिए खोले गए, जबकि जाजमऊ स्थित सिद्धनाथ मंदिर में भी बाबा के दर्शनों के लिए भक्त रात एक बजे से ही मंदिर प्रांगण में पहुंचे। रात दो बजे मंगला आरती के बाद बाबा के दर्शनाें के लिए पट खोले गए। इसी प्रकार से शहर के अन्य मंदिरों में भी भक्तों ने बाबा भाेलेनाथ को जलाभिषेक कर आशीर्वाद प्राप्त किया।

सावन का दूसरा सोमवार बाबा जागेश्वर का
जैसा की नवाबगंज स्थित बाबा जागेश्वर महादेव मंदिर के अध्यक्ष गिरिजा शंकर मिश्रा ने बताया कि ऐसी मान्यता है कि सावन का दूसरा सोमवार बाबा जागेश्वर का है। इसके चलते इस मंदिर का विशेष महत्व है। सच्चे मन से यहां पर बाबा का पूजन व जलाभिषेक किया जाए तो हर समस्या का समाधान होता है। घर में सुख-शांति व समृद्धि आती है।

उन्होंने बताया कि मंदिर का इतिहास 350 वर्ष पुराना है। पहले यहां पर जंगल हुआ करता था और जागे निषाद नाम के किसान की गाय यहां पर चरने आती थी। गाय एक निश्चित स्थान पर अपना सारा दूध गिरा देती थी। एक दिन जागे निषाद ने गाय का पीछा किया तो देखा कि गाय पूरा दूध एक ऊंचे स्थान पर गिरा रही है। वहां खोदाई की तो शिवलिंग निकला। तब से इस शिवलिंग का नाम जागेश्वर महादेव पड़ गया।

विज्ञापन

मंदिर की विशेषता
गिरिजा शंकर ने बताया शिवलिंग का दिन में तीन बार रंग बदलता हैं। सुबह स्लेटी, दोपहर में भूरा व रात में काले रंग में भक्तों को दर्शन होते हैं। यहां पर भक्त कानपुर देहात, उन्नाव, शुक्लागंज आदि इलाकों से आते हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि सावन के दूसरे सोमवार को यहां पर विशाल दंगल का आयोजन किया जाता है। इसमें पूरे देश के साथ-साथ विदेशों से पहलवान अपना दम दिखाने आते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed